चंडीगढ़: पुलिस ने फर्जी सब इंस्पेक्टर और महिला सिपाही को पकड़ा, पूछने पर झाड़ने लगे थे रौब
पूछताछ में सामने आया की आरोपी लोगों को पुलिस में नौकरी लगवाने के मामले ठगी करते थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि अभी तक वह कितने लोगों से ठगी कर चुके हैं।
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जिला अपराध प्रकोष्ठ ने चंडीगढ़ पुलिस की वर्दी पहनकर घूम रहे नकली सब इंस्पेक्टर और महिला सिपाही को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान तेजिंदर सिंह (24) निवासी अंबाला सेक्टर-8 स्थित हाउसिंग बोर्ड कालोनी और कंचन (25) निवासी डेराबस्सी जीबीपी ईको ग्रीन 2 के रूप में हुई है। पुलिस आज अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। पुलिस को खुद के आईडी कार्ड समेत चंडीगढ़ पुलिस के 7 फर्जी आईडी कार्ड, नंबर प्लेट और 14 लेटर हेड बरामद हुए हैं। तेजिंदर 12वीं पास है और नर्सिंग का कोर्स कर रखा है। उसके ढाई साल की बेटी है। कंचन ने ग्रेजुएशन की हुई है। आरोपी सिपाही की नौकरी लगवाने के लिए 4 लाख, होमगार्ड के लिए दो लाख रुपये लेते थे।
सिटी ब्यूटीफुल में आरोपी दो साल तक पुलिस की वर्दी पहनकर नाकों से निकलते रहे लेकिन किसी ने टोका तक नहीं। आरोपी के मोबाइल से शिमला में वर्दी में घूमते हुए की एक तस्वीर भी बरामद हुई है। तेजिंदर ने पहले सिपाही की वर्दी पहनी। सवा साल बाद सब इंस्पेक्टर बनकर घूमने लगा। जिला अपराध प्रकोष्ठ प्रभारी नरेंद्र पटियाल ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि सेक्टर-49 के पार्क में नकली सब इंस्पेक्टर और महिला सिपाही घूम रहे हैं।
उन्होंने एएसआई राहुल भारद्वाज की एक टीम बनाई। जिसने शुक्रवार को सेक्टर-49-सी गुरुद्वारा के पास नाका लगाया। तेजिंदर और कंचन कोरोला कार से नाके पर पहुंचे तो उन्हें रोका गया। इस पर आरोपी ने कहा कि वह सब इंस्पेक्टर है। जब आईडी कार्ड मांगा तो वह पुलिसकर्मियों से ही पहचान पत्र मांगने लगा। उसने कहा कि वह सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय में एक अधिकारी के साथ ड्यूटी है। उसने सेक्टर-24 के पूर्व चौकी प्रभारी शिवचरण वर्तमान चौकी प्रभारी रवदीप का नाम भी लिया। जब सख्ती से बात की तो उसने पहचान पत्र दिखाया, जो फर्जी था।
सेक्टर-24 चौकी में दीप से मुलाकात के बाद कंचन लगी थी नौकरी
आरोपी कंचन ने बताया कि दो साल पहले वह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सेक्टर-24 पुलिस चौकी में कंप्यूटर कोर्स करने आती थी। दो साल बाद उसी चौकी की पहली मंजिल पर स्थित जिला अपराध प्रकोष्ठ ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। सेक्टर-24 चौकी में ही दीप नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई। दीप ने खुद को पुलिसकर्मी बताया था। उसने कंचन को भी पुलिस में भर्ती करवा छह महीने में ज्वाइनिंग लेटर दे दिया।
आरोपी ने उसे आईडी कार्ड दिया और कहा कि टेलर से वर्दी सिलवा ले। छह महीने बाद उसकी ज्वाइनिंग की बात कही। इसके बाद कंचन ने वर्दी पहन ली। वर्ष 2019 में तेजिंदर और कंचन मोहाली की एक कंपनी में नौकरी करते थे। यहां दोनों की मुलाकात हुई थी। कंचन ने तेजिंदर की भी दीप के जरिए नौकरी लगवाई थी।
हर माह आती है खाते में सैलरी
दोनों आरोपियों के बैंक खातों में हर महीने पैसे आते हैं, जिसे आरोपी सैलरी बता रहे हैं। पिछले महीने तेजिंदर के खाते में एक लाख और कंचन के खाते में 18 हजार रुपये आए थे। आरोपियों ने कहा दीप ने उन्हें भर्ती करवाया था। उन्हें खुद अब पता चला कि वह पुलिस में नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है। पता लगाया जा रहा है कि खाते में पैसे कहां से आ रहे हैं। इस मामले में कितने लोग संलिप्त हैं।