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पैसा हवाला का नहीं, मेरा पुश्तैनी है: डीएसपी
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Tue, 01 Apr 2014 05:08 PM IST
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हवाला के पैसे मिलने के आरोप में गिरफ्तार किए गए डीएसपी सिटी-1 गुरबंस सिंह बैंस को सोमवार जिला अदालत में पेश किया। इस दौरान उन्होंने अदालत में कहा कि जो पैसा पुलिस उनके लॉकरों से लेकर आई है। वह उनका पुश्तैनी पैसा है। पैसे पर उनका और उनकी पत्नी का बराबर हक है। अगर मेरी पत्नी के पास पैसे मिलते भी हैं। तो इसमें हैरानी की कोई बात ही नहीं है।
उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी कानून में यह बात नहीं लिखी गई है कि पुश्तैनी पैसे का सबूत देना होगा। बैंस के साथ सह अभियुक्त एनके गोयल को भी अदालत में पेश किया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से सात दिन का रिमांड मांगा। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को तीन दिन के रिमांड पर भेज कर मामले की अगली तारीख 3 अप्रैल तय की गई है।
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अदालत में डीएसपी के वकील जीएस कौड़ा ने बताया कि डीएसपी का पुलिस ने तीन दिन का रिमांड लिया था। लेकिन अभी तक पुलिस यह साबित करने में नाकाम रही है कि यह पैसा भ्रष्टाचार (हवाला) का है।
इसके अलावा अभी तक पुलिस ने इस संबंधी कोई ठोस सबूत भी पेश नहीं किए हैं। जबकि पुलिस की तरफ से अदालत में कहा गया कि डीएसपी की पत्नी जब लुधियाना गईं, तो रवि नाम के किसी व्यक्ति से पैसों के मामले में सौदा हुआ था। इस बात की अभी पड़ताल चल रही है। लुधियाना में डीएसपी गुरबंस सिंह का जो प्लॉट है। वह भी रवि नाम के अज्ञात व्यक्ति के नाम पर होने का पता चला है।
डीएसपी के वकील ने कहा कि रवि नाम के अज्ञात व्यक्ति का नाम केस को खींचने के लिए लिया जा रहा है। जबकि रवि नाम के किसी भी व्यक्ति को डीएसपी गुरबंस सिंह बैंस और उसकी पत्नी जानती तक नहीं।
पुलिस प्रशासन इस मामले के जरिए वाह-वाही बटोरना चाहती है। उन्होंने कहा कि कब तक पुलिस अफवाहों के चलते डीएसपी को पुलिस रिमांड पर रखेगी।
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उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी कानून में यह बात नहीं लिखी गई है कि पुश्तैनी पैसे का सबूत देना होगा। बैंस के साथ सह अभियुक्त एनके गोयल को भी अदालत में पेश किया गया।
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कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से सात दिन का रिमांड मांगा। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को तीन दिन के रिमांड पर भेज कर मामले की अगली तारीख 3 अप्रैल तय की गई है।
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अदालत में डीएसपी के वकील जीएस कौड़ा ने बताया कि डीएसपी का पुलिस ने तीन दिन का रिमांड लिया था। लेकिन अभी तक पुलिस यह साबित करने में नाकाम रही है कि यह पैसा भ्रष्टाचार (हवाला) का है।
इसके अलावा अभी तक पुलिस ने इस संबंधी कोई ठोस सबूत भी पेश नहीं किए हैं। जबकि पुलिस की तरफ से अदालत में कहा गया कि डीएसपी की पत्नी जब लुधियाना गईं, तो रवि नाम के किसी व्यक्ति से पैसों के मामले में सौदा हुआ था। इस बात की अभी पड़ताल चल रही है। लुधियाना में डीएसपी गुरबंस सिंह का जो प्लॉट है। वह भी रवि नाम के अज्ञात व्यक्ति के नाम पर होने का पता चला है।
डीएसपी के वकील ने कहा कि रवि नाम के अज्ञात व्यक्ति का नाम केस को खींचने के लिए लिया जा रहा है। जबकि रवि नाम के किसी भी व्यक्ति को डीएसपी गुरबंस सिंह बैंस और उसकी पत्नी जानती तक नहीं।
पुलिस प्रशासन इस मामले के जरिए वाह-वाही बटोरना चाहती है। उन्होंने कहा कि कब तक पुलिस अफवाहों के चलते डीएसपी को पुलिस रिमांड पर रखेगी।