Beware of Fraud: अधिकारियों की डीपी लगे नंबर से मांगे जाएं पैसे तो हो जाएं सतर्क, नाइजीरिया में बैठकर की जा रही ठगी
साइबर सेल की जांच में खुलासा हुआ है कि शातिर नाइजीरिया में बैठकर ठगी करते हैं और जिस नंबर का उपयोग करते हैं उसके मालिक को खुद ही पता नहीं होता है कि उसके नंबर से साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है।
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अगर आपके फोन पर अधिकारी रुपये मांगने या गिफ्ट वाउचर भेजने का मैसेज करें तो पहले फोन कर तसल्ली कर लें क्योंकि ठगों ने लोगों की मेहनत की कमाई को लूटने का नया तरीका अपनाया है। इस ठगी के शिकार हुए तो रुपये वापस आना भूल ही जाएं।
साइबर सेल की जांच में खुलासा हुआ है कि शातिर नाइजीरिया में बैठकर ठगी करते हैं और जिस नंबर का उपयोग करते हैं उसके मालिक को खुद ही पता नहीं होता है कि उसके नंबर से साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि ठग गिफ्ट कार्ड या वाउचर मांगते हैं ताकि रुपये मांगने का स्तर बना रहे और उसे आसानी से अपनी करंसी में बदला जा सके। इन ठगों तक पहुंचना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। हाल ही में शहर में अधिकारियों के साथ हुई ठगी के बाद साइबर सेल भी सक्रिय हुआ।
इस तरह देते हैं ठगी को अंजाम
खास बात यह है कि ये ठग यूटी विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारियों की डीपी अपने व्हाट्सएप लगाते हैं। उसके बाद मैसेज कर गिफ्ट कार्ड या वाउचर मांगते हैं। आरोपी गिफ्ट कार्ड से गूगल प्ले कार्ड और क्रिप्टो करंसी खरीद लेते हैं। गूगल प्ले कार्ड से ऑनलाइन गेम भी आसानी से खरीद लिए जाते हैं। इसके बाद ठग इन्हें आसानी से कैश करवाकर अपने खाते में ले लेते हैं। आरोपी भारत के लोगों के मोबाइन नंबरों का ही उपयोग करते हैं ताकि लोगों को शक न हो। साइबर सेल को जांच में पता चला कि ज्यादातर मामलों में जिस नंबर से फोन आया और उसे जिस मोबाइल से चलाया गया उसका आईपी एड्रेस नाइजीरिया का है।
चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड और मेघालय में सक्रिय हैं ठग
जांच टीम के अधिकारी ने बताया कि गिफ्ट कार्ड मांगने का खेल 2019 में पूरी दुनिया में शुरू हुआ था। अब यह भारत में भी सक्रिय हो गया है। अभी तक इस तरह के मामले मेघालय, हरियाणा, उत्तराखंड और चंडीगढ़ में सामने आए हैं। गुरुग्राम पुलिस की जांच में भी जानकारी मिली थी कि ठगी करने वाले नंबर नाइजीरिया से संचालित हो रहे थे।जिस नंबर का इस्तेमाल हुआ, उसे जानकारी ही नहीं
पीजीआई के डायरेक्टर की डीपी लगाकर रिटायर्ड अधिकारियों को जिस नंबर से मैसेज आया था, साइबर सेल ने उसे पकड़ लिया। उसने कहा कि वह नहीं जानता उसके नंबर से कैसे मैसेज आया। पुलिस ने जांच की तो पता चला ठगों ने उसके नंबर का इस्तेमाल किया। ठगों ने उसे ओटीपी भेजकर अपने मोबाइल में उसका नंबर चला लिया और उसे पता ही नहीं चला। आरोपी लोकल नंबर का इस्तेमाल इसलिए करते हैं ताकि लोग झांसे में आ सके।अब तक ये केस आए सामने
प्रशासक के प्रधान सचिव की डीपी लगाकर एसपी से ठगे एक लाख18 अप्रैल को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के प्रधान सचिव जेएम बालामुरुगन की फोटो व्हाट्सएप डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) पर लगाकर शातिरों ने एसपी जसदेव सिंह से एक लाख रुपये ठग लिए। जसदेव सिंह प्रशासक पुरोहित की सुरक्षा दस्ते के प्रभारी हैं। डीपी देखकर वह शातिरों के झांसे में आ गए और उन्हें अमेजन कंपनी के ई-वाउचर खरीदकर दे दिए।
पीजीआई डायरेक्टर की डीपी लगाकर सेवानिवृत्त डॉक्टर से ठगी की कोशिश
17 अप्रैल को ठग ने एक सेवानिवृत्त डॉक्टर से पीजीआई के डायरेक्टर विवेक लाल की व्हाट्सएप डीपी लगाकर ठगी का प्रयास किया गया। हालांकि डॉक्टर अपनी सतर्कता के चलते ठगी का शिकार होने से बच गए। पीजीआई के डायरेक्टर विवेक लाल ने बताया कि उनकी फोटो लगाकर तीन अन्य सेवानिवृत्त डॉक्टरों को मैसेज किया गया था और उनसे अमेजन के गिफ्ट वाउचर मांगे गए। तीनों ने सतर्कता दिखाते हुए डायरेक्टर से संपर्क किया।
प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजा था मैसेज
जेएम बालामुरुगन की डीपी वाले नंबर से प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी मैसेज भेजा गया था। इनमें प्रशासन ने सचिव स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा शातिरों ने कई विभागों के निदेशकों को भी मैसेज भेजकर अमेजन का ई-वाउचर मांगा था।
सेक्टर-32 के डॉक्टर और प्रशासन के सुपरिंटेंडेंट ने भी दी शिकायत
वहीं गिफ्ट कार्ड और अमेजन गिफ्ट वाउचर मांगने के नाम पर सेक्टर-32 के डॉक्टर और प्रशासन के सुपरिंटेंडेंट के साथ भी धोखाधड़ी की कोशिश हो चुकी है। हालांकि दोनों ने सर्तकता बरती और ठगों के नंबर ब्लॉक कर दिया। इस मामले में डॉक्टर और सुपरिंडेंटेंट ने साइबर सेल को शिकायत दी है।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम पर भी हो चुकी ठगी की कोशिश
24 अप्रैल को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम पर भी चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी के ऑफिस एक्जिक्यूटिव के साथ ठगी की कोशिश हो चुकी है। ठग ने अपने व्हाट्सएप पर जस्टिस रवि शंकर झा की प्रोफाइल गिफ्ट कार्ड भेजने के लिए कहा। पीड़ित ने समझदारी बरती और अपने सीनियर अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की। वहीं चंडीगढ़ न्यायिक अकादमी के कई लोगों को ऐसे मैसेज भेजे गए।