सिविल इंजीनियर को किडनैप कर लाखों लूटने का मामला, सब इंस्पेक्टर समेत 14 पर केस दर्ज
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हिसार के सिविल इंजीनियर को अगवा कर उससे लाखों की लूट के मामले में बनूड़ पुलिस ने चंडीगढ़ में तैनात पंजाब पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर समेत 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फिलहाल इस केस में अभी तक एक महिला की गिरफ्तारी हो पाई है। मामले की जांच करने वाले एसपी (डी) हरमीत सिंह हुंदल ने बताया कि हिसार के हांसी में सेक्टर 6-पी हुडा में रहने वाले विक्रम दलाल सिविल इंजीनियर हैं और विभिन्न फर्मों के लिए नेशनल हाईवे पर कंस्ट्रक्शन का काम करता है।
शिकायत के मुताबिक 20 जनवरी 2019 को वीना रानी, उसके बेटे अभि निवासी समाना, चंडीगढ़ में पंजाब पुलिस के वायरलेस विंग में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात फकीर चंद निवासी पटियाला, सौरव बधवार, उसके भाई गगनदीप निवासी देवीगढ़ जिला पटियाला, अवतार सिंह निवासी घुम्मन नगर जिला पटियाला, मनिंदरजीत सिंह निवासी संत नगर जिला पटियाला, सतपाल सिंह निवासी गांव स्याल दिड़बा जिला संगरूर, सचिन गोयल, अशोक कुमार (स्टांप फरोश) निवासी समाना, नरिंदर सिंह निवासी पटियाला और तीन अज्ञात लोगों ने विक्रम को धोखे से जीरकपुर-बनूड़ रोड पर बुलाया। वहां पहुंच कर उसे गाड़ी में अगवा कर लिया गया।
सब इंस्पेक्टर फकीर चंद ने इंजीनियर को पिस्तौल दिखाकर उस पर झूठा केस डालने व जान से मारने की धमकियां दीं। इसके बाद उससे जबरन तीन खाली स्टांप पेपरों पर साइन करवाए गए। उन्होंने एचडीएफसी बैंक के भी तीन चेक पर जबर्दस्ती साइन करा के अपने पास रख लिए। इसके बाद विक्रम से करीब सात लाख 96 हजार रुपये कैश, सोने की चेन, अंगूठी और कड़ा भी लूट लिया।
उसके एटीएम से 73 हजार रुपये व खाते से एक लाख 80 हजार रुपये चेक के जरिये निकलवा लिए। उसके कार्ड से गाड़ियों में करीब 18,586 रुपये का तेल डलवाया और अन्य काम के लिए खर्च किए। यही नहीं, इंजीनियर से उसकी गाड़ी की बिक्री के कागजों पर हस्ताक्षर कराके अपने पास रख लिए। विक्रम की शिकायत के बाद इस हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस ने कई महीनों की जांच बाद अब केस दर्ज किया। फिलहाल अभी इस मामले में आरोपी वीना रानी को गिरफ्तार किया है।
बदला लेने और पैसों के लिए रची साजिश
एसपी (डी) ने बताया कि दरअसल इस मामले के तार सिटी समाना थाने में दर्ज एक पुराने मामले से जुड़े हैं। वीना रानी समाना में एक कंप्यूटर सेंटर चलाती है। उसने सिविल इंजीनियर विक्रम के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि उसके सेंटर के स्टूडेंट्स को नौकरी दिलाने का झांसा देकर इंजीनियर व उसके साथियों ने लाखों की ठगी की है। लेकिन जब मामले की जांच की तो इंजीनियर और उसके साथी निर्दोष पाए गए।
हैरानी वाली बात रही कि सेंटर के स्टूडेंट्स ने उलटा वीना पर ही उनसे नौकरी के नाम पर ठगी के आरोप लगा दिए। इसके बाद पुलिस ने वीना पर केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद वीना ने अपनी जान-पहचान के पुलिस मुलाजिम फकीर चंद और अन्य से मिलकर यह सारी साजिश बदला लेने व पैसों के लालच में रची।