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Hindi News ›   Chandigarh ›   cardboard found in chyavanaprash of Baba Ramdev's Patanjali

रामदेव की मुश्किलें बढ़ीं, अब पतंजलि के च्यवनप्राश में निकला गत्ता

Fri, 25 Dec 2015 08:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Fri, 25 Dec 2015 08:52 AM IST
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cardboard found in chyavanaprash of Baba Ramdev's Patanjali

बाबा रामदेव की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नूडल में कीड़े निकलने का मामला शांत नहीं हुआ कि अब पतंजलि के च्यवनप्राश में गत्ता निकल आया। इस संबंध में शिकायत लेकर मोहाली के खरड़ निवासी विशाल वीरवार को सिविल अस्पताल पहुंचे। लेकिन, न तो सेहत विभाग के अधिकारियों ने उसकी शिकायत सुनी और न ही च्यवनप्राश के सैंपल लिए गए।

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पूरा दिन वह सेहत विभाग के अधिकारियों के चक्कर काटते रहे। जबकि विभाग का कहना था कि उच्च अधिकारी दौरे पर हैं। वे उनकी शिकायत नहीं ले सकते हैं। वहीं, विशाल ने उपभोक्ता अदालत में जाने की तैयारी में है।
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विशाल ने अस्पताल में मीडिया से बातचीत में बताया कि वह खरड़ के रहने वाले है। बुधवार रात उन्होंने खरड़ स्थित पतंजलि स्टोर से एक किलो का च्यनवप्राश खरीदा था। जिसकी कीमत 250 रुपये थी।
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घर पहुंचकर उन्होंने जब च्यवनप्राश के डिब्बे की पैकिंग खोली तो उसमें से एक गत्ते का टुकड़ा निकला। पहले तो उन्हें लगा कि वह चाकलेट है।

स्वस्थ्य अधिकारी ने बताया, सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी जाएगी

cardboard found in chyavanaprash of Baba Ramdev's Patanjali

पीड़ित के अनुसार पहले तो उन्हें लगा कि वह चाकलेट है। लेकिन, जब बाहर निकाला तो पता चला कि वह गत्ते का टुकड़ा है। इस बाबत वह वीरवार को फेज-छह स्थित सिविल अस्पताल में सेहत विभाग में शिकायत देने पहुंचे।

लेकिन, वहां पर उनकी किसी ने सुनाई नहीं की। मौके पर मौजूद स्टाफ ने शिकायत लेने से मना कर दिया। उन्हें कहा कि अधिकारी बाहर गए हुए हैं। अधिकारी ही उनकी शिकायत लेंगे। विशाल का कहना है कि वह काफी समय तक अस्पताल के चक्कर काटते रहे।

लेकिन, किसी ने भी उनकी शिकायत नहीं सुनी। बड़ी कंपनी होने के चलते कोई भी अधिकारी जांच करने को तैयार नहीं है। अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
डॉ. एचएस ओबराय, जिला स्वस्थ्य अधिकारी ने बताया कि मामले से संबंधित जानकारी मिली है। च्यवनप्राश पर आयुर्वेदिक औषधि लिखा है। इसलिए हम जांच नहीं कर सकते। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी को शिकायत भेज दी गई है। सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी जाएगी। शिकायतकर्ता उन्हें खुद भी अपनी शिकायत दे सकता है।

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