सेना में भर्ती होने की सोच रहे हैं तो सावधान रहें
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पंजाब-हरियाणा में सेना भर्ती चल रही है। सेना में शामिल होने की सोच रहें हैं तो आपको सावधान रहना होगा। सेना में भर्ती कराने के लिए चार युवकों से सवा 17 लाख रुपये का सौदा किया गया।
आरोप है कि उन्हें सैन्य अफसरों की मिलीभगत के जरिये बाकायदा ट्रेनिंग भी दिलाई गई, लेकिन बाद में उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपे गए। धोखाधड़ी के शिकार युवकों की शिकायत पर थाना कानवां की पुलिस ने मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि अभी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
गुरदासपुर के दीनानगर कस्बे के गांव जंडी निवासी कृष्ण चंद ने आईजी बार्डर रेंज अमृतसर से शिकायत की थी कि उन्होंने अपने बेटे को सेना में भर्ती कराने के लिए आवेदन कराया था।
इस बीच उनका संपर्क पठानकोट के गांव नवापिंड निवासी कुलदीप शर्मा और घरोटा निवासी विनय कुमार से हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों ने सेना के अफसरों से अच्छी सांठ-गांठ होने का हवाला देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।
सैन्य हेडक्वार्टर में पता चला नियुक्ति पत्र जाली
उनके बीच सेना में भर्ती कराने के लिए चार लाख रुपये में सौदा हुआ। उनके बेटे के अलावा सेना में भर्ती होने के लिए गांव जंडी के ही रत्न सिंह ने 4.20 लाख, रत्न चंद ने 4.20 लाख रुपये दिए।
वहीं रावत सिंह ने 4.90 लाख रुपये दिए। कृष्ण चंद ने बताया कि उनके बच्चों को दोनों ने सेना की ट्रेनिंग भी दिलाई और बाद में उन्हें एक नियुक्ति पत्र भी थमाया। नियुक्त पत्र लेकर वे सेना के हेडक्वार्टर गए। वहां पता चला कि नियुक्ति पत्र जाली है।
इसका खुलासा होने पर उन्होंने वापस लौटकर आरोपियों से अपनी रकम लौटने को कहा। आरोप है कि दोनों ने पहले टालमटोल किया। बाद में रकम लौटाने से मना कर दिया।
शिकायत की आईजी बार्डर रेंज की ओर से गठित की स्पेशल टीम (एसआईटी) की जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ कानवां पुलिस थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। कानवां थाने के एसएचओ रविंदर सिंह ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कोशिश की जा रही है।