इन शातिर चोरों की करतूत सुन चौंक जाएंगे आप
पुलिस ने एक बाइक चोर गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से नौ बाइक बरामद हुई हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि उन्होंने 36 बाइक चोरी की हैं। यह गिरोह चंडीगढ़ से बाइक चोरी कर मेरठ में चार हजार रुपये में बेच देता था। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
बीते कुछ समय से शहर की सब्जी मंडियों सेक्टर-15, 34, 39, 43, मलोया, रामदरबार और धनास से बाइक चोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। शहर के अलग-अलग थानों में बीते कुछ समय में ही 18 बाइक चोरी के मामले दर्ज किए गए थे। 27 नवंबर को धनास पुलिस चौकी इंचार्ज एसआई रंजीत सिंह और एसआई रमेश कुमार ने एरिया में नाका लगाया हुआ था।
इसी दौरान एक युवक बाइक पर वहां पहुंचा। उन्होंने उसे बाइक के कागज दिखाने को कहा, लेकिन वो घबरा गया और कोई कागजात न दिखा सका। इस पर उन्हें शक हुआ और वे उसे चौकी ले आए।
मास्टर चाबी से खोलते बाइक का ताला
सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सारा राज उगल दिया। उसने बताया कि उसका नाम अशोक है और वह मलोया में रहता है। वह डड्डूमाजरा के अनिल के साथ मिलकर बाइक चोरी करता है। वाहन चोरी करने के बाद अशोक और अनिल इसे मेरठ ले जाकर मोहम्मद अफजल को बेचते थे।
अफजल इन बाइक को आगे बेच देता था या फिर उसके स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग कर बेचता था। एक बाइक के बदले उन्हें चार हजार रुपये मिलते थे। इसके अलावा अफजल उन्हें आने-जाने और पेट्रोल का खर्च भी देता था। इसके बाद पुलिस ने अनिल और अफजल को भी गिरफ्तार कर लिया।
अशोक और अनिल दोनों सब्जी मंडी में रेहड़ी लगाते हैं। वहीं वे सब्जी बेचने के दौरान ही बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। बाइक चोरी करने से पहले दोनों पूरी रेकी करते थे। उनके पास एक मास्टर चाबी थी, जिससे वे बाइक का ताला आराम से खोल लेते थे। इसके बाद वे बाइक ले जाकर उसे ठिकाने लगा देते थे और वापस मंडी आ जाते थे।
कुछ बाइकों की नंबर प्लेट मिलीं
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने 36 बाइक चोरी करने की बात कबूली है। इनमें से नौ बाइक बरामद की गई हैं और कुछ नंबर प्लेट भी मिली हैं। इस आधार पर पुलिस ने 18 केस के खुलासे का दावा किया है।
वहीं बाकी के केस में जांच चल रही है। पुलिस के अनुसार बाकी बाइकों के अफजल स्पेयर पार्ट्स निकालकर बेच चुका है। पुलिस इनकी रिकवरी की कोशिश कर रही है। इसके अलावा उनके पास से सहारनपुर से चोरी किए गए तीन सिलेंडर और एक मोबाइल भी बरामद हुआ है।
रात में जाते थे मेरठ
अनिल की बुआ का घर मेरठ में है। इसलिए उसका अकसर वहां आना-जाना होता था। वहीं उसकी जान पहचान मोहम्मद अफजल से हुई। उसी ने अनिल को इस काम के बारे में बताया। बाइक चोरी करने के बाद अशोक और अनिल उसे डड्डूमाजरा या धनास के डंपिंग ग्राउंड के आसपास या फिर किसी रिश्तेदार के घर में छिपा देते थे।
इसके बाद वे अफजल को फोन करते थे। वह उन्हें बताता था कि बाइक कब लानी है। बाइक मेरठ लेकर जाने के लिए दोनों अकसर रात में निकलते थे। क्योंकि उस वक्त बार्डर में चेकिंग का डर नहीं होता था।