फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   banking fraud with doctor

मोबाइल पर ठगी का ये तरीका जान लें आप, कहीं आपके साथ भी न हो जाए ऐसा

Sat, 20 May 2017 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Updated Sat, 20 May 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
banking fraud with doctor
फर्जी कॉल - फोटो : demo pic
साइबर हैकर्स ने नया तरीका अपनाकर हिसार के चिकित्सक डॉ. एनके खन्ना का मोबाइल सिम फर्जी डाक्यूमेंट के आधार पर बंद करा कर डुप्लीकेट सिम निकाल लिया। इस डुप्लीकेट सिम से नेट बैंकिंग के जरिये डॉ. खन्ना के बैंक खाते से पांच अलग-अलग खातों में 7.80 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।     
विज्ञापन

 
ऋषि नगर के खन्ना मेडिकल सेंटर के संचालक डॉ. एनके खन्ना हफ्ते पहले साइबर हैकर के जाल में फंसने से बच गए थे। उन्होंने सिम बंद होने पर आइडिया के कस्टमर केयर सेंटर से संपर्क कर कोलकाता के हैकर विप्लव को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। फिर भी डॉक्टर साइबर क्रिमिनल के शिकार होने से बच नहीं पाए।
विज्ञापन


 किसी ने मंगलवार रात नेट बैंकिंग के जरिये उनके खाते से 7.80 लाख रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने अब दूसरा केस दर्ज किया है। डॉ. एनके खन्ना ने पुलिस को शिकायत दी कि उनका आइडिया कंपनी का मोबाइल नंबर है। किसी ने कंपनी ऑफिस में फर्जी आईडी देकर उनका मोबाइल बंद करा दिया था। सिम 16 मई की शाम को बंद हुआ था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना केयर सेंटर में दी थी। कर्मियों ने बताया था कि हमने आपका सिम बंद कर दिया है। उन्होंने बताया था कि आपका नया सिम रोहतक कार्यालय से जारी हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

नेट बैंकिंग के ज़रिए पैसे कर लिए ट्रांसफर

banking fraud with doctor
सिम बंद करवा कर खाली कर दिया खाता - फोटो : Demo Pic
कर्मियों ने उनको आश्वासन दिया था कि नया सिम बंद करा दिया है। वह एक्टिवेट नहीं होगा। डॉ. एनके खन्ना ने बाद में कस्टमर केयर सेंटर में भी फोन पर सूचना दी। उनको बताया गया कि नए सिम को बंद कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि 16 मई की रात और 17 मई की सुबह यूको बैंक के उनके अकाउंट से 7.80 लाख रुपये नेट बैंकिंग के जरिये किसी दूसरी शाखा में स्थानांतरित कर दिए गए। सिम साढे़ दस से साढे़ बारह बजे तक एक्टिवेट रहा। उसी दौरान 7.80 लाख की नकदी अलग-अलग पांच खातों में ट्रांसफर करा ली गई।  
    
डुप्लीकेट सिम एक्टिव न करने की रिक्वेस्ट की थी 
डॉ. एनके खन्ना ने कंपनी कार्यालय में फोन कर साजिश होने की जानकारी दी थी, लेकिन उनका सिम एक्टिवेट नहीं किया गया। किसी और दूसरे की रिक्वेस्ट करने पर फर्जी सिम एक्टिवेट कर दिया गया। कंपनी वाले उनको सिम डी एक्टिवेट की जानकारी देते रहे और फर्जी आईडी वालों की रिक्वेस्ट पर सिम शुरू कर दिया। इसमें यूको बैंक के कर्मचारियों का षड्यंत्र में शामिल होने का शक है। सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में यूको बैंक, आईडिया कस्टमर केयर सेंटर के कुछ कर्मियों, अज्ञात पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।     

आठ दिन पहले पकड़वाया था हैकर

banking fraud with doctor
फर्जीवाड़ा - फोटो : File Photo
डॉ. एनके खन्ना का फोन आठ मई को अचानक बंद हो गया था। कंपनी कार्यालय में गए तो वहां कोलकाता के विप्लव ने डॉ. खन्ना के नाम के फर्जी कागजात पर अपनी फोटो लगाकर सिम बंद करने का आवेदन किया था। फिर डुप्लीकेट सिम निकलवा लिया था। मौके पर आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया था। विप्लव कोलकाता से  दिल्ली होते हुए हिसार आया था। पुलिस ने उस आरोपी को नौ दिन के रिमांड पर ले रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed