फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Audit found financial irregularities of 60 crores in electricity department in Chandigarh

Chandigarh: ऑडिट ने पाई बिजली विभाग में 60 करोड़ की वित्तीय अनियमितता, पांच साल का स्पेशल ऑडिट शुरू

Wed, 17 May 2023 02:05 PM IST
नवीन दलाल रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 17 May 2023 02:05 PM IST
सार

ऑडिट विभाग ने वर्ष 2020-21 को आधार बनाया है। सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग की तरफ से इस ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड व स्पष्टीकरण भी नहीं है। इस संबंध में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर और ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) को भी जानकारी दी गई है।

विज्ञापन
Audit found financial irregularities of 60 crores in electricity department in Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नगर निगम के बाद ऑडिट विभाग की नजर यूटी प्रशासन के बिजली विभाग पर है। ऑडिट विभाग को बिजली विभाग के खातों में 60 करोड़ की वित्तीय अनियमितता मिली है। वर्ष 2020-21 में यह 60 करोड़ किसी अन्य खाते में भेजे गए हैं। 2021-22 में विभाग ने इन पैसों की रिवर्सल एंट्री भी दिखाई है, लेकिन जब ऑडिट विभाग ने जानकारी मांगी कि यह पैसे किसे और क्यों भेजे गए तो विभाग की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद ऑडिट विभाग ने पांच साल का विशेष ऑडिट शुरू किया है।

विज्ञापन


वर्ष 2020-21 में 60 करोड़ किसी अन्य खाते में भेजे
ऑडिट विभाग ने वर्ष 2020-21 को आधार बनाया है। सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग की तरफ से इस ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड व स्पष्टीकरण भी नहीं है। इस संबंध में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर और ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) को भी जानकारी दी गई है। इस मामले पर यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि बिजली विभाग के पास हर साल का ऑडिट क्लीयरेंस है। ऑडिट विभाग के स्तर पर डबल एंट्री हुई है। बता दें कि ऑडिट विभाग ने ऐसे ही पुलिस विभाग में वित्तीय अनियमितता पाई थी, जिसके बाद 2017 से 2022 तक का ऑडिट विभाग ने स्पेशल ऑडिट किया था।
विज्ञापन


नगर निगम की तरफ से की जा रही सड़कों की रिकार्पेटिंग पर भी जताई है आपत्ति
ऑडिट विभाग ने खुद आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके नगर निगम की तरफ से की जा रही कुछ सड़कों की रिकार्पेटिंग पर सर्वे किया है और रिपोर्ट में आपत्ति जताई है। कहा है कि निगम ने सेक्टर-50/51, 51/52, 50/63 की डिवाइडिंग वी3 सड़कें, सेक्टर-41, 42 की वी3 सड़कें, सेक्टर-41, 50 व 51 की वी4 सड़कें, सेक्टर-50सी व डी, सेक्टर-41 की वी5 सड़कें, सेक्टर-49 ए, बी, सी, डी, सेक्टर-51 सी, 41 डी, डिस्पेंसरी की पार्किंग वाली सड़क सेक्टर-49, हिमालय मार्ग पर सेक्टर-43 बी की वी6 सड़कों को खतरनाक घोषित किया है। इन सड़कों को बनाने का बजट सात करोड़ बनाया गया है, जबकि इन्हें दो करोड़ में बनाया जा सकता है। हालांकि, पार्षदों ने इस सर्वे पर सवाल भी उठाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑडिट विभाग में पुलिस के खाते में भी पकड़ी थी 84 करोड़ की अनियमितता
ऑडिट विभाग ने मार्च महीने में चंडीगढ़ पुलिस, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग, एस्टेट ऑफिस, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में भी वित्तीय अनियमितता पाई थी। विभाग ने खुलासा किया था कि पुलिस के खाते से करीब 84 करोड़ रुपये गायब है और पुलिस को पता ही नहीं है कि वह पैसे कहां और किसके पास गए हैं, क्योंकि इन पैसों का बिल व वाउचर पुलिस के पास है ही नहीं। ऑडिट में सवाल उठाने के बाद पुलिस ने बिल व वाउचर को ढूंढने की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी है। वर्ष 2022 की कैग रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। ऑडिट विभाग ने चंडीगढ़ के डीजीपी के आग्रह पर वर्ष 2017 से 2020 के दौरान पुलिस विभाग का ऑडिट किया था। रिपोर्ट की एक कॉपी प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को भी कार्रवाई के लिए सौंपी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed