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पंजाब: अमृतसर में सेना के जवान ने पेड़ से फंदा लगा जान दी, छत्तीसगढ़ का रहने वाला था मृतक
Sun, 06 Mar 2022 08:10 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 06 Mar 2022 08:10 PM IST
सार
सेना के अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि अक्षय की मौत में किसी का भी कोई कसूर नहीं, उसने खुद आत्महत्या की है। वे इसमें कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहते।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रविवार को पंजाब के अमृतसर में दो बड़ी घटनाओं से सनसनी फैल गई। एक तरफ खासा में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कांस्टेबल ने अपने चार साथियों को गोली मार दी तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय सेना के एक जवान ने खासा के कैंटोनमेंट इलाके में पेड़ से प्लास्टिक की रस्सी से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
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सेना के सूबेदार के बयान पर पुलिस ने कार्रवाई की और जवान का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। सूबेदार ओंकार सिंह ने पुलिस को बताया कि 77 एफडी बटालियन का जवान अक्षय सिधार पुत्र साहनी प्रसाद निवासी नरेश नगर, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) ने खासा कैंटोनमेंट में पेड़ से फंदा लगा आत्महत्या कर ली।
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सूबेदार ने बताया कि अक्षय सिधार तीन जुलाई 2019 को सेना में भर्ती हुआ था और ट्रेनिंग के दौरान खासा कैंट में ड्यूटी कर रहा था। सेना के अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि अक्षय की मौत में किसी का भी कोई कसूर नहीं, उसने खुद आत्महत्या की है। वे इसमें कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहते। पुलिस ने इसमें सेना के जवान का शव कब्जे में लेकर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
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लुधियाना: रिटायर्ड फौजी के परिवार से चलती ट्रेन में झपटमारी
पठानकोट से परिवार समेत राजपुरा जा रहे एक रिटायर्ड फौजी चलती ट्रेन में झपटमारी का शिकार हो गया। लुधियाना स्टेशन के आउटर पर ट्रेन धीमी होते ही एक व्यक्ति उनके डिब्बे में आया और बैग छीनकर चलती ट्रेन से नीचे उतर गया। फौजी ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका तब तक आरोपी उनकी आंखों से ओझल हो चुका था।
रिटायर्ड फौजी विपन कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी रीना और दो बच्चों के साथ कलकत्ता एक्सप्रेस के डिब्बा नंबर एस-8 में सफर कर रहे थे। यह ट्रेन रविवार सुबह 3:45 के करीब लुधियाना स्टेशन के आउटर पर पहुंची। उस समय उनकी पत्नी सिर के नीचे बैग रखकर लेटी थीं। अचानक एक व्यक्ति उनके डिब्बे में चढ़ा और बैग खींचने के बाद चलती ट्रेन से छलांग लगाकर भाग गया।
बैग में उनकी मिलिट्री सर्विस से जुड़े जरूरी कागजात, प्रमाणपत्र और 8500 रुपये की नकदी थी। उन्होने आरोप लगाया कि जिस ट्रेन में वारदात हुई, उसका सुरक्षा इंचार्ज वारदात के करीब पौने घंटे बाद पहुंचा। वह अपने परिवार को ट्रेन में छोड़कर खुद लुधियाना स्टेशन पर उतरे। लुधियाना में पूरा दिन भाग दौड़ करने के बाद रविवार शाम पांच बजे जाकर उनकी सुनवाई हुई और जीआरपी ने उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया।