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पुलिसकर्मी से होनी थी शादी, डर के कारण लड़के ने जूते के फीते से फंदा लगा दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Sat, 13 Jan 2018 09:50 AM IST
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सुसाइड
- फोटो : demo pic
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मामला हरियाणा के यमुनानगर का है, सिविल अस्पताल में एंबुलेंस पर कार्यरत एक ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन) ने अपने घर में दरवाजे की चौखट पर चिटकनी में जूते के फीते से फंदा लगाकर जान दे दी। अप्रैल माह में ही युवक की चंडीगढ़ पुलिस में तैनात एक युवती से शादी होनी थी।
मृतक के पिता का कहना है कि उसका बेटा शादी करने से डरता था। आशंका जताई जा रही है कि इसी के चलते वह मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। शहर की छोटी लाइन स्थित प्रतापनगर निवासी सालिगराम मुंडा खेड़ा के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। सालिगराम ने बताया कि दस जनवरी को उनकी पत्नी उर्मिला उनकी बेटी के पास पंचकूला गई थी। इस दौरान घर पर वह और उनका बेटा विकास थे। रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह नाश्ता बनाकर वह स्कूल चले गए।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जब वह स्कूल से लौटे तो उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा अंदर से बंद है। उन्होंने विकास को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। बेटे को फोन किया, लेकिन उसने फोन भी नहीं उठाया। इस दौरान आसपड़ोस के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों की मदद से घर का दरवाजा तोड़ा तो देखा विकास कमरे के दरवाजे की चौखट की चिटकनी से जूतों के फीते के फंदे पर लटका हुआ था। उन्होंने तुरंत उसे उतारा और अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। अर्जुन नगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई आरंभ कर दी।
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मृतक के पिता का कहना है कि उसका बेटा शादी करने से डरता था। आशंका जताई जा रही है कि इसी के चलते वह मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। शहर की छोटी लाइन स्थित प्रतापनगर निवासी सालिगराम मुंडा खेड़ा के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। सालिगराम ने बताया कि दस जनवरी को उनकी पत्नी उर्मिला उनकी बेटी के पास पंचकूला गई थी। इस दौरान घर पर वह और उनका बेटा विकास थे। रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह नाश्ता बनाकर वह स्कूल चले गए।
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दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जब वह स्कूल से लौटे तो उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा अंदर से बंद है। उन्होंने विकास को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। बेटे को फोन किया, लेकिन उसने फोन भी नहीं उठाया। इस दौरान आसपड़ोस के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों की मदद से घर का दरवाजा तोड़ा तो देखा विकास कमरे के दरवाजे की चौखट की चिटकनी से जूतों के फीते के फंदे पर लटका हुआ था। उन्होंने तुरंत उसे उतारा और अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। अर्जुन नगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई आरंभ कर दी।
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शादी करने से लगता था डर
Suicide
- फोटो : Demo Photo
शादी करने से लगता था डर
सालिगराम नी बताया कि उसके बेटे को शादी करने से डर लगता था। कई बार उन्होंने इसका कारण भी पूछा, लेकिन वह कोई कारण नहीं बताता था। हालांकि उन्होंने उसके टेस्ट भी करवाए। लेकिन सब नॉर्मल आया। मनोचिकित्सक ने भी उसकी जांच करवाई थी। बीते वर्ष उसके बेटे की शादी चंडीगढ़ में एक पुलिस कर्मी युवती से तय हुई थी। सगाई भी हो चुकी थी। अप्रैल माह में शादी होना तय हुआ था। लेकिन इससे पहले बेटे ने यह कदम उठा लिया।
नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल अजय का कहना है कि ईएमटी के सुसाइड करने की सूचना पर वे सिविल अस्पताल पहुंचे थे। वहां शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। मृतक के घर की भी तलाशी ली गई लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिजनों के अनुसार युवक मानसिक रूप से परेशान था।
सालिगराम नी बताया कि उसके बेटे को शादी करने से डर लगता था। कई बार उन्होंने इसका कारण भी पूछा, लेकिन वह कोई कारण नहीं बताता था। हालांकि उन्होंने उसके टेस्ट भी करवाए। लेकिन सब नॉर्मल आया। मनोचिकित्सक ने भी उसकी जांच करवाई थी। बीते वर्ष उसके बेटे की शादी चंडीगढ़ में एक पुलिस कर्मी युवती से तय हुई थी। सगाई भी हो चुकी थी। अप्रैल माह में शादी होना तय हुआ था। लेकिन इससे पहले बेटे ने यह कदम उठा लिया।
नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल अजय का कहना है कि ईएमटी के सुसाइड करने की सूचना पर वे सिविल अस्पताल पहुंचे थे। वहां शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। मृतक के घर की भी तलाशी ली गई लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिजनों के अनुसार युवक मानसिक रूप से परेशान था।