छोटे बेटे को लगाई फांसी, खुद भी फंदे पर झूला
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एक व्यक्ति ने अपने चार साल के बेटे की फांसी लगाकर हत्या करने के बाद खुद भी गले में फंदा डालकर पंखे के हुक से लटक गया। मामला, हिसार में पटेल नगर के मनोहर कॉलोनी का है। कमरा अंदर से बंद मिला तो पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा।
इसमें देखा कि बाप-बेटे के शव फंदे से लटक रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को नीचे उतारा और राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। मृतक ने वारदात को अंजाम देने से पहले तीन पेज का सुसाइड नोट भी लिखा। इसमें लिखा है कि पत्नी की मौत के बाद से वह तनाव में था।
पुलिस के अनुसार दूध बेचकर घर चलाने वाला अनिल चार साल के बेटे दीपक के अलावा भाई के दो बेटों के साथ रह रहा था। उसके बड़े भाई पप्पू की मौत होने के बाद उसकी पत्नी पूजा की शादी अनिल से की गई थी। पप्पू से पूजा के दो बेटे हैं, 11 साल का अजय व 9 साल का विजय।
अनिल से शादी के बाद पूजा ने दीपक को जन्म दिया था। दो महीने पहले पूजा ने आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने बताया कि रविवार रात अजय, विजय, दीपक और अनिल एक ही कमरे में सो रहे थे।
सुबह घर में ही एक कमरा अंदर से बंद मिला तो परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। उन्होंने देखा कि कमरे में पंखे के हुक से बंधे फंदे से दीपक और अनिल के शव लटक रहे हैं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
'भाई के दोनों बच्चों का ख्याल रखना'
अनिल ने वारदात को अंजाम देने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा। इसमें लिखा कि मेरी मौत का कारण कोई नहीं। पूजा के मरने के बाद से मैं मानसिक तनाव में हूं।
उसने छोटे भाई संजय के नाम संदेश लिखा कि उसे पता है कि बिना मां के बच्चे कैसे रहते हैं। मेरे बेटे को तो मैं साथ लेकर जा रहा हूं, भाई के दोनों बच्चों का ख्याल रखना।
रात भर पी रहा था शराब
अजय व विजय ने बताया है कि पापा रात भर शराब पी रहे थे। दीपक पापा के पास सोया हुआ था। वे जब सुबह उठे तो कमरे का दरवाजा नहीं खुला। बाद में पड़ोसियों ने कुंडी तोड़कर दरवाजा खोला तो देखा कि दोनों के शव फंदे से लटक रहे थे।