Mohali News: नर्स की हत्या का आरोपी बर्खास्त ASI गिरफ्तार, सोहाना में मिली थी लाश
जानकारी के मुताबिक रशप्रीत सिंह को पंचकूला में गैंगस्टर्स से हुई एक मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी थी। उसकी बहादुरी को देखते हुए तब एएसआई पदोन्नत कर दिया गया था। हालांकि बाद में उसका नाम आपराधिक केस में आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
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पंचकूला के एक निजी अस्पताल में बतौर स्टाफ नर्स काम कर रही युवती की हत्या और दुष्कर्म के मामले में नामजद पंजाब पुलिस के बर्खास्त एएसआई रशप्रीत सिंह को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में मिली सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने पर उसको नामजद किया था। इस मामले में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हो चुका है कि युवती से दुष्कर्म हुआ है और उसका गला दबाने से गले की हड्डी टूटने के कारण उसकी मौत हुई है। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश करके रिमांड की मांग करेगी ताकि इस वारदात से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाए जा सकें।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रशप्रीत सिंह ही एक्टिवा पर नर्स की लाश को लेकर लाया था और सोहाना में तालाब के किनारे रखे बेंच पर उसे छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए उसके सेक्टर-86 स्थित घर में छापा मारा था लेकिन वह और उसका परिवार वहां नहीं मिला था। पुलिस उसे पकड़ने के लिए कई दिन से दबिश दे रही थी। आखिरकार पुलिस ने उसको सेक्टर-67 से गिरफ्तार कर लिया है।
युवती के पिता ने कहा था- रशप्रीत ने ही बेटी को मारा
मृत नर्स के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी बेटी का अफेयर रशप्रीत सिंह के साथ था लेकिन बेटी को नहीं पता था कि वह शादीशुदा है। जब उनकी बेटी को यह बात पता चली तो उसने रशप्रीत से मिलने से मना कर दिया। इसके बाद आरोपी ने यह कदम उठाया है। उन्होंने पुलिस को बेटी का फोन देते हुए कहा कि इसमें इन दोनों में हुई चैट भी मौजूद है। पुलिस ने लड़की का फोन जांच के लिए लैब में भेज दिया है।
पदोन्नति पाकर बना था एएसआई
जानकारी के मुताबिक रशप्रीत सिंह को पंचकूला में गैंगस्टर्स से हुई एक मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी थी। उसकी बहादुरी को देखते हुए तब एएसआई पदोन्नत कर दिया गया था। हालांकि बाद में उसका नाम आपराधिक केस में आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
बोली थी- 23 नवंबर को भतीजे के जन्मदिन आऊंगी घर
मृतका के पिता अबोहर में मजदूरी करते हैं। वह चार बच्चों में सबसे छोटी थी। उसने कुछ समय पहले पंचकूला में एक निजी अस्पताल में ज्वाइन किया था। उसकी किसी के साथ दुश्मनी नहीं थी। उसकी मां ने बताया कि वारदात से एक दिन पहले 12 नवंबर को बेटी ने फोन करके कहा था कि 23 नवंबर को वह भतीजे के जन्मदिन घर आएगी लेकिन अब उसकी यादें ही रह गई हैं।
कारोबारी को लूटने की कोशिश करने के आरोप में बर्खास्त है रशप्रीत सिंह
दिसंबर, 2020 में सेक्टर-71 में रहने वाले जेटीपीएल कंपनी के वाइस प्रेजीडेंट नरेश खन्ना के घर में रशप्रीत सिंह और उसके एक अन्य साथी ने घुसकर उसको डराया-धमकाया था। रात करीब साढ़े 9 बजे दोनों घर में घुसे और नरेश खन्ना पर पिस्तौल तान दी थी। इसके बाद वे उसे एक कमरे में ले गए। वहां दरवाजा अंदर से बंद करके दोनों ने गहने और नकदी निकालने को कहा। जब नरेश खन्ना ने दोनों से सर्च वारंट और अपना पहचानपत्र दिखाने को कहा तो दोनों मारपीट करके फरार हो गए थे।