फेसबुक पर जज के खिलाफ लिखे अपशब्द
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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एक जज के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक शब्द पोस्ट करने के दुस्साहस का मामला सामने आया है। एक मामले में राहत मांग रहे व्यक्तियों ने अपेक्षाकृत राहत नहीं मिलने पर खुन्नस निकालने के लिए जज के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक शब्द लिख दिए। हालांकि, यह शब्द हटा लिए गए हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया है। अब आपत्तिजनक शब्द पोस्ट करने वाले व्यक्ति कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं।
जस्टिस एसएस सारों ने ऐसा दुस्साहस करने पर एक व्यक्ति और महिला के नाम बुधवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों से पूछा गया है कि आखिर उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। इससे पहले जिस जज के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक शब्द पोस्ट किए गए थे, उनकी बेंच ने करीब पखवाड़े पहले ऐसी हरकत करने वालों और उनके वकीलों कोे ओपन कोर्ट में फटकार भी लगाई थी।
सूत्रों के मुताबिक, जज ने फटकार लगाते कहा था, ‘तुम्हें राहत दी जा रही है, लेकिन तुम कीचड़ उछाल रहे हो’। हालांकि, उस वक्त याचिकाकर्ता के वकीलों ने कहा था कि फेसबुक से यह शब्द हटा लिए गए हैं, लेकिन यह मामला अब हाईकोर्ट का स्वत: संज्ञान का बन चुका है।
आपराधिक अवमानना का मामला बना
जिस जज के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया गया, उन्होंने इस हरकत को अदालत की अवमानना की कार्रवाई चलाने लायक मामला बताया था। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए इस तथ्य को अदालत की अवमानना के कारण आपराधिक अवमानना कार्रवाई के तौर पर लिया गया है।
यह मामला बुधवार को सुनवाई के लिए जस्टिस सारों की डिवीजन बेंच के समक्ष आया। हाईकोर्ट जज के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक शब्द पोस्ट करने के मामले को अदालत की अवमानना मानते हुए जस्टिस एसएस सारों एवं जस्टिस लीजा गिल की डिवीजन बेंच ने अवमानना नोटिस जारी कर दिया है।
यह आए कानूनी शिकंजे में
जज के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द पोस्ट करने के मामले में मोहाली के गगन चड्ढा एवं रूपिंदर कौर फंस गए हैं। गगन एवं रूपिंदर एक वैवाहिक विवाद के मामले से जुड़े हैं। वैवाहिक विवाद में मुआवजे का विवाद हाईकोर्ट पहुंचा था।
इस मामले में चड्ढा एवं रूपिंदर के पक्ष को कुछ राहत मिल गई थी, लेकिन उनकी अपेक्षाएं अधिक थीं। ऐसे में इस पक्ष ने आवेश में आकर फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी लिखने का दुस्साहस कर डाला।
इसके बाद बकायदा हाईकोर्ट की ओर से की जाने वाली शिकायत प्रणाली के तहत यह मामला याचिका बनी और अब मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गगन और रूपिंदर को अवमानना नोटिस जारी हुआ है।