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मालिक ने पहले लगाई फटकार, फिर नौकरी से निकाला, परेशान युवक ने उठाया खौफनाक रास्ता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संगरूर (पंजाब)
Updated Mon, 10 Sep 2018 09:33 AM IST
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फैक्ट्री मालिक की डांट से परेशान एक युवक ने खौफनाक रास्ता अख्तियार कर लिया। इसके बाद से ही पूरे परिवार में सनसनी और मातम पसरा हुआ है। संगरूर में फैक्ट्री मालिक की डांट और नौकरी से हटाए जाने से परेशान एक वेल्डर ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में मृतक ने अपनी मौत के लिए फैक्टरी मालिक और एक फोरमैन को जिम्मेदार ठहराया है।
इसके आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। शेखूपुरा मोहल्ला निवासी 19 वर्षीय प्रिंस ने पुलिस को बताया कि उसके पिता गुरदीप सिंह (45) सुनाम रोड पर स्थित अश्वनी कुमार की रेल के पार्ट बनाने वाली फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम करते थे।
वह भी फैक्ट्री के पास ही परचून के सामान की दुकान चलाता है। छह सितंबर को फैक्ट्री का मालिक अश्वनी कुमार उसकी दुकान पर आया। वह कहने लगा कि रात को ड्यूटी के समय उसके पिता गुरदीप सिंह ने लोहे के पीस गलत वेल्ड कर दिए हैं। इस कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बाद प्रिंस अपने पिता गुरदीप सिंह के साथ फैक्ट्री चले गए। वहां उसके पिता ने अपनी गलती स्वीकारते हुए नुकसान की भरपाई उसके वेतन से करने की बात कही थी।
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इसके बाद भी अश्वनी कुमार ने कोई बात सुनने की बजाय उनके साथ गाली-गलौच किया। साथ ही उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया। उसी दिन से गुरदीप सिंह मानसिक तौर पर परेशान रहने लगे। वह अक्सर कहते थे फैक्ट्री के फोरमैन हरजीत सिंह ने फैक्ट्री मालिक को नुकसान के लिए भड़काया है। इसके कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। मजदूरों के सामने उन्हें भला बुरा कहा गया जिसे वह सहन नहीं कर पा रहा है।
इसी परेशानी के चलते 8 सितंबर को उनके पिता गुरदीप सिंह ने घर के स्टोर रूम में फंदा लगाकर जान दे दी। शव के पास मिले सुसाइड नोट में भी उन्होंने अपनी मौत के लिए फैक्ट्री मालिक अश्वनी कुमार और फोरमैन हरजीत सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। जांच अधिकारी एएसआई गुरतेज सिंह ने बताया कि पुलिस ने मृतक के पुत्र प्रिंस के बयान पर फैक्ट्री मालिक अश्वनी कुमार और फोरमैन हरजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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इसके आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। शेखूपुरा मोहल्ला निवासी 19 वर्षीय प्रिंस ने पुलिस को बताया कि उसके पिता गुरदीप सिंह (45) सुनाम रोड पर स्थित अश्वनी कुमार की रेल के पार्ट बनाने वाली फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम करते थे।
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वह भी फैक्ट्री के पास ही परचून के सामान की दुकान चलाता है। छह सितंबर को फैक्ट्री का मालिक अश्वनी कुमार उसकी दुकान पर आया। वह कहने लगा कि रात को ड्यूटी के समय उसके पिता गुरदीप सिंह ने लोहे के पीस गलत वेल्ड कर दिए हैं। इस कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बाद प्रिंस अपने पिता गुरदीप सिंह के साथ फैक्ट्री चले गए। वहां उसके पिता ने अपनी गलती स्वीकारते हुए नुकसान की भरपाई उसके वेतन से करने की बात कही थी।
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इसके बाद भी अश्वनी कुमार ने कोई बात सुनने की बजाय उनके साथ गाली-गलौच किया। साथ ही उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया। उसी दिन से गुरदीप सिंह मानसिक तौर पर परेशान रहने लगे। वह अक्सर कहते थे फैक्ट्री के फोरमैन हरजीत सिंह ने फैक्ट्री मालिक को नुकसान के लिए भड़काया है। इसके कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। मजदूरों के सामने उन्हें भला बुरा कहा गया जिसे वह सहन नहीं कर पा रहा है।
इसी परेशानी के चलते 8 सितंबर को उनके पिता गुरदीप सिंह ने घर के स्टोर रूम में फंदा लगाकर जान दे दी। शव के पास मिले सुसाइड नोट में भी उन्होंने अपनी मौत के लिए फैक्ट्री मालिक अश्वनी कुमार और फोरमैन हरजीत सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। जांच अधिकारी एएसआई गुरतेज सिंह ने बताया कि पुलिस ने मृतक के पुत्र प्रिंस के बयान पर फैक्ट्री मालिक अश्वनी कुमार और फोरमैन हरजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।