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अस्पताल में 5 नवजातों की मौत पर बवाल

Mon, 24 Nov 2014 05:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना Updated Mon, 24 Nov 2014 05:31 PM IST
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5 infants died in hospital during delivery, Ruckus

21 नवंबर को खुले मदर-चाइल्ड केयर अस्पताल में रविवार को डिलीवरी के दौरान 5 नवजातों की मौत हो गई। इससे भड़के परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को लास्ट स्टेज पर लाया गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना पंजाब के लुधियाना की है।

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सेहतमंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने 21 नवंबर को सौ बेड के जच्चा बच्चा अस्पताल का उद्घाटन करते समय आधुनिक सेहत सुविधाएं देने का दावा किया था, लेकिन उनके दावे पहले ही झटके में खोखले साबित हो गए। रविवार को अस्पताल में चार बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया।
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प्रदर्शन कर रहे परिजनों को थाना डिवीजन दो की पुलिस ने शांत कराया। वहीं सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. आरके करकरा का कहना है कि वह छुट्टी पर हैं, उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है।

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डिलीवरी का इंतजार करती रहीं मरीज

5 infants died in hospital during delivery, Ruckus

(केस-1) अस्पताल में शनिवार को दाखिल हुई गांव अयाली कलां की वंदना ने कहा कि उसे शनिवार रात अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। वंदना के परिजनों ने आरोप लगाया कि रविवार को जब डॉक्टर देखने के लिए आई तो उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन होता है तो वह कर दें।

डॉक्टर नार्मल डिलीवरी करने का इंतजार करती रही। इसी इंतजार में उनके घर का चिराग बुझ गया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने इलाज करने में देरी और कोताही बरती है जिस वजह से उनके बच्चे की मौत हो गई है।

(केस-2) गांव मांगट की सरबजीत कौर के परिजनों ने आरोप लगाया कि वह शनिवार को अस्पताल में दाखिल हुई थी। डॉक्टर के पास सारी रिपोर्ट चेक करवाई गई थी। सब कुछ ठीक था, मगर रविवार को डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने उन्हें कहा कि उनके बच्चे की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उनकी बहू का ठीक से इलाज नहीं किया है।


(केस-3) गांव चौंता की वीना के परिजनों ने कहा कि शनिवार देर रात को उन्होंने अपनी बहू को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया था। नया अस्पताल अच्छा बना होने का कारण वह उसे यहां पर ले आए, लेकिन उन्हें क्या पता था कि अस्पताल के डॉक्टर इलाज में इतनी लापरवाही बरतते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत होने की बात नर्स ने उन्हें बाद में बताई।

डॉक्टर ने ऑपरेशन करने में देरी कर दी

5 infants died in hospital during delivery, Ruckus

(केस-4) मरीज जसविंदर कौर के परिजनों का कहना है कि रविवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे ज्यादा दर्द होने के कारण उसे अस्पताल में दाखिल करा दिया था। अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने एक बार उन्हें ग्लूकोस लगाकर बेड दे दिया फिर काफी समय तक डॉक्टर देखने तक नहीं आया। जब डॉक्टर चेक करने के लिए आई तो उन्हें कहा गया कि जसविंदर का आपरेशन होगा। इस पर वह तैयार हो गए। डॉक्टर ने ऑपरेशन करने में देरी कर दी।

अस्पताल में दाखिल सभी मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में किसी तरह की कोई सुविधा नहीं है। अस्पताल के डॉक्टर इलाज में काफी कोताही इस्तेमाल करते हैं। परिजनों के हंगामे की सूचना मिलने के बाद थाना डिवीजन दो की पुलिस मौके पर पहुंच गई। हंगामा बढ़ने से पहले ही पुलिस ने वहां की स्थिति पर काबू पा लिया। पुलिस ने मरीजों के परिजनों को समझाया और घर भेजा।

वहीं सिविल अस्पताल में तैनात गायनोकोलोजिस्ट डॉ. अलका मित्तल ने मरीजों के परिजनों द्वारा लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि जब मरीज अस्पताल में दाखिल हुए थे तो चारों की हालत काफी नाजुक थी। वीना की हालत ऐसी थी कि गर्भ के अंदर ही बच्चे ने मूत्र त्याग दिया था। जिस वजह से दर्द बढ़ गया था। इसी कारण डिलीवरी के दौरान बच्चे की मौत हो गई।

जसविंदर रविवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे काफी नाजुक हालत में अस्पताल में दाखिल हुई थी। उसकी भी हालत सही नहीं थी। सरबजीत कौर मरीज साढ़े सात महीने की गर्भवती थी। उसके अंदर पानी खत्म हो चुका था। जिस वजह से उसका ऑपरेशन करना भी मुश्किल था।

उन्होंने मरीज के परिजनों को उसे पटियाला ले जाने की बात भी कही थी, लेकिन उन्होंने कहा कि वह पटियाला नहीं जाएंगे आप जो करेंगे वह ठीक है। अस्पताल में दाखिल चौथे मरीज पर डॉ. अल्का ने कहा कि अस्पताल में दाखिल किए जाने के समय मरीज वंदना की हालत भी काफी नाजुक थी।

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