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Hindi News ›   Chandigarh ›   3 years imprisonment for 7 including vigilance SHO

झूठे मामले में फंसाया: विजिलेंस थानेदार समेत 7 को 3 साल कैद

Tue, 15 Mar 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Tue, 15 Mar 2016 12:58 AM IST
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3 years imprisonment for 7 including vigilance SHO
जेल - फोटो : DEMO Pics

मोहाली जिला अदालत ने ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने वाले थानेदार व नशीली दवाएं बेचने वाले सात लोगों को दोषी ठहराया है। अदालत ने प्रत्येक को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। जबकि हवलदार हरिंदर सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला जिला अतिरिक्त सेशन जज तरनतारन सिंह बिंद्रा की अदालत ने सुनाया।

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दोषियों में थानेदार जरनैल सिंह, दीप कुमार, प्रेम सिंह, पवन कुमार, विजय कुमार, सुखदेव सिंह, जगमोहन सिंह शामिल हैं। जबकि इस मामले से जुड़े किशन कुमार की अदालती कार्यवाही के दौरान मौत हो चुकी है। जबकि मनजीत सिंह को कोर्ट ने भगोड़ा करार दिया है। सरकारी पक्ष की तरह से गुरदीप सिंह उप जिला अटार्नी केस लड़ रहे थे।
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जानकारी के मुताबिक, सुखदेव सिंह नाम के व्यक्ति ने मोगा के ड्रग इंस्पेक्टर बलराम लूथरा के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज करवाया था। शिकायत की विजिलेंस ने पड़ताल की। इसमें पाया गया कि सुखदेव 10वीं पास है। वह अपने गांव में नशीली दवाएं सप्लाई करता है। साथ ही अपने आपको डॉक्टर बताता है। सुखेदव सिंह मोगा में गणेश ट्रेडर्स में बतौर सेल्समैन काम करता था। इस कंपनी को कमल कुमार, किशन कुमार गोयल, पवन कुमार व विजय कुमार चलाते थे।
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गणेश ट्रेडर्ज को चलाने वाले किशन कुमार ने ड्रग इंस्पेक्टर बलराम लूथरा को फंसाने के लिए अपने कारिंदे को पांच हजार रुपये देकर मोगा विजिलेंस में तैनात थानेदार जरनैल सिंह के माध्यम से रिश्वत लेने का झूठा मामला दर्ज करवा दिया था।


जब यह थानेदार को पता चला कि सुखदेव सिंह व उक्त आरोपी नशीली दवाएं बेचने का काम करते हैं। साथ ही उन पर अलग-अलग मामले दर्ज हैं। जांच में पाया गया था कि ड्रग इंस्पेक्टर की जेब में जबदस्ती पैसे डाले गए थे। इस दौरान उनकी जेब फट गई थी। उक्त आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर की छापेमारी से काफी तंग थे।

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