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अफसर बनना चाहती थी और शादी होने वाली थी, कफन में विदा करनी पड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत
Updated Sun, 15 Jan 2017 09:23 AM IST
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पानीपत में बीमारी के चलते लड़की ने दी जान
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अफसर बनना चाहती थी बेटी और कुछ दिन बाद उसकी शादी होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही कफन में विदा करना पड़ा। घटना हरियाणा के पानीपत की है। देशराज कॉलोनी में 25 साल की एक लड़की सोनिया ने सुसाइड कर लिया। मौत के पीछे की वजह बीमारी के चलते परेशानी बताई जा रही है।
सुसाइड किए जाने का तब पता चला, जब वह देर रात तक कमरे से नहीं निकली तो घरवालों ने आवाज लगाई। काफी आवाज लगाने के बाद भी प्रतिक्रिया नहीं मिली तो अनहोनी की आशंका के चलते दरवाजा खटखटाया। दरवाजा अंदर से बन्द था और परिजन कुछ नहीं कर पा रहे थे।
काफी मशक्कत के बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का नजारा देखकर घरवालों के होश उड़ गए। सोनिया पंखे से फंदा लगा जान दे चुकी थी। परिजनों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया है।
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सुसाइड किए जाने का तब पता चला, जब वह देर रात तक कमरे से नहीं निकली तो घरवालों ने आवाज लगाई। काफी आवाज लगाने के बाद भी प्रतिक्रिया नहीं मिली तो अनहोनी की आशंका के चलते दरवाजा खटखटाया। दरवाजा अंदर से बन्द था और परिजन कुछ नहीं कर पा रहे थे।
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काफी मशक्कत के बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का नजारा देखकर घरवालों के होश उड़ गए। सोनिया पंखे से फंदा लगा जान दे चुकी थी। परिजनों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया है।
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अफसर बनना चाहती थी, एमकॉम कर रही थी
पानीपत में बीमारी के चलते लड़की ने दी जान
परिजनों ने पुलिस को बताया कि सोनिया अपने माता-पिता की बेहद लाडली थी। वह पढ़-लिखकर बड़े प्रशासनिक पद पर बैठना चाहती थी, वहीं दूसरी बार एम-कॉम कर रही थी। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बेटी ऐसा कदम उठा लेगी।
शुक्रवार सुबह उसे लाल जोड़े में अंतिम विदाई दे दी गई। जिस घर से कुछ दिन बाद वह लाल जोड़े में विदा होती, उसी बेटी को परिवार ने लाल कफन में विदा किया है। यह सब करते हुए परिवार के आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
पुलिस को दिए बयान में परिजनों ने बताया कि बुधवार शाम को सोनिया काफी परेशान थी, जिसके चलते उसने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया। परिजनों ने यह भी बताया कि सोनिया लम्बी बीमारी से परेशान थी, जिसके चलते अपने आप को घरवालों पर बोझ समझने लगी थी। बहरहाल मामले की जांच जारी है।
शुक्रवार सुबह उसे लाल जोड़े में अंतिम विदाई दे दी गई। जिस घर से कुछ दिन बाद वह लाल जोड़े में विदा होती, उसी बेटी को परिवार ने लाल कफन में विदा किया है। यह सब करते हुए परिवार के आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
पुलिस को दिए बयान में परिजनों ने बताया कि बुधवार शाम को सोनिया काफी परेशान थी, जिसके चलते उसने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया। परिजनों ने यह भी बताया कि सोनिया लम्बी बीमारी से परेशान थी, जिसके चलते अपने आप को घरवालों पर बोझ समझने लगी थी। बहरहाल मामले की जांच जारी है।