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30 लाख रुपये नहीं चुकाए, CMP बिल्डर्स के डायरेक्टर भुगतेंगे सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 06 Sep 2016 09:34 PM IST
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30 लाख रुपये न चुकाने के मामले में सीएमपी बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर को जिला अदालत ने सजा सुनाई है। कंपनी के डायरेक्टर शिव कुमार अब दो साल जेल रहे हैं। साथ ही उन्हें 30 लाख रुपये शिकायतकर्ता को चुकाने के आदेश दिए हैं।
वहीं अदालत ने मामले में सहआरोपी कंपनी के सह डायरेक्टर रहे जीरकपुर निवासी दिलदार सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया, जबकि तीसरे डायरेक्टर सेक्टर-22डी निवासी मनोज कुमार को भगोड़ा घोषित कर चुकी है। संबंधित मामला 2011 में चेक बाउंस की शिकायत से जुड़ा है।
सेक्टर-21डी निवासी नवदीप शर्मा का सेक्टर-17 में शोरूम है और ब्रिज मार्केट में दुकान है। नवदीप के ने वर्ष 2011 में सीएमपी बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड को इसके डायरेक्टर सेक्टर-46ए निवासी शिव कुमार, सह डायरेक्टर जीरकपुर निवासी दिलदार सिंह और सेक्टर-22डी निवासी मनोज कुमार के खिलाफ 30 लाख रुपये न लौटाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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वहीं अदालत ने मामले में सहआरोपी कंपनी के सह डायरेक्टर रहे जीरकपुर निवासी दिलदार सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया, जबकि तीसरे डायरेक्टर सेक्टर-22डी निवासी मनोज कुमार को भगोड़ा घोषित कर चुकी है। संबंधित मामला 2011 में चेक बाउंस की शिकायत से जुड़ा है।
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सेक्टर-21डी निवासी नवदीप शर्मा का सेक्टर-17 में शोरूम है और ब्रिज मार्केट में दुकान है। नवदीप के ने वर्ष 2011 में सीएमपी बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड को इसके डायरेक्टर सेक्टर-46ए निवासी शिव कुमार, सह डायरेक्टर जीरकपुर निवासी दिलदार सिंह और सेक्टर-22डी निवासी मनोज कुमार के खिलाफ 30 लाख रुपये न लौटाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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2011 में हुआ था जमीन खरीद फरोख्त का मामला
जेल
नवदीप ने बताया कि उनकी जमीन खरीदने को लेकर 2011 में तीनों से बातचीत हुई। आरोपियों ने उन्हें कहा था कि वह जमीन एग्रीमेंट से पहले दिखा देंगे। साथ ही उन्हें जमीन की फर्द और नक्शा दिखाया था। यह फर्द 80 से 100 एकड़ की बताई गई थी।
संबंधित सौदा मुल्लांपुर में 80 एकड़ जमीन के लिए हुआ था। आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता को ढाई एकड़ जमीन के कागजात दिखाए थे। मुल्लांपुर में जमीन के सौदे को लेकर शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के बीच जो एग्रीमेंट हुआ था वह बाद में किन्हीं कारणों से टूट गया।
इसे लेकर कैंसलेशन डीड भी हुई थी। इस पर शिकायतकर्ता ने उनसे 30 लाख रुपये लौटाने को कहा। आरोपी पक्ष ने उन्हें जो चेक सौंपा वह बैंक में बाउंस हो गया था। इस पर उन्होंने आपराधिक शिकायत दी थी।
संबंधित सौदा मुल्लांपुर में 80 एकड़ जमीन के लिए हुआ था। आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता को ढाई एकड़ जमीन के कागजात दिखाए थे। मुल्लांपुर में जमीन के सौदे को लेकर शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के बीच जो एग्रीमेंट हुआ था वह बाद में किन्हीं कारणों से टूट गया।
इसे लेकर कैंसलेशन डीड भी हुई थी। इस पर शिकायतकर्ता ने उनसे 30 लाख रुपये लौटाने को कहा। आरोपी पक्ष ने उन्हें जो चेक सौंपा वह बैंक में बाउंस हो गया था। इस पर उन्होंने आपराधिक शिकायत दी थी।