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ग्लास हाऊस मालिक ने लगाया फंदा, मौत
Updated Wed, 28 Feb 2018 01:37 AM IST
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रोहतक के ध्यानार्थ
ग्लास हाउस के मालिक ने मफलर से लगाया फंदा, मौत
- बेटे से दुकान में मंगवाया मफलर, उसे ही बना लिया फंदा
- 15 साल से पहले नरवाना से सकेतड़ी आकर बसा था शमशेर का परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
42 वर्षीय ग्लास हाउस के मालिक ने मानव कालोनी स्थित दुकान में अपने ही मफलर से फंदा लगा लिया। घटना की जानकारी सुबह उस वक्त मिली, जब मृतक शमशेर के बेटे ने दुकान पर जाकर देखा। मामले की जानकारी मिलते ही एमडीसी थाना पुलिस ने मामले की छानबीन की। शुरुआती जांच में पुलिस इस मामले को आत्महत्या ही मान रही है। मृृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
नरवाना निवासी शमशेर अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ सकेतड़ी की मानव कॉलोनी में रह रहा था। दो महीने पहले ही उसने श्री ज्वाला जी ग्लास हाउस के नाम से नई दुकान की शुरुआत की थी। इससे पहले शमशेेर, ड्राइविंग का काम करता है। मृतक के पुत्र रवि ने बताया कि सोमवार को उसके पापा बिल्कुल सामान्य थे, लेकिन दुकान से घर चलने को जब कहा तो उन्होंने जवाब दिया कि आज दुकान पर ही रात के वक्त भी रुकेंगे। शमशेर ने अपने बेटे रवि से ठंड होने का हवाला देते हुए मफलर पहुंचाने को कहा। दुकान की बैक साइड में ही शमशेर का परिवार किराये के मकान में रहता था। मफलर देने के बाद बेटा वापस घर लौट गया। देर रात तक भी शमशेर नहीं लौटा तो सुबह करीब नौ बजे बेटे ने दुकान पर जाकर देखा तो, उसके पिता मफलर के फंदेे से लटक रहे थे। मौके पर यह दृश्य देख उनका बेटा रवि मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। थोड़ी देर बाद इस घटना की सूचना परिवार के अन्य सदस्यों को भी मिली, जिन्होंने पुलिस को इस घटना की इत्तला दी।
मौत की वजह साफ नहीं
मृतक के भाई संदीप वर्मा ने बताया कि मूल रूप से उनका परिवार नरवाना का रहने वाला है। पिछले करीब 15 वर्षों से चारों भाई यही रह रहे हैं। शमशेर का परिवार सकेतड़ी की मानव कालोनी में रहता है जबकि शेष तीनों भाई मनीमाजरा में रहते हैं। परिजनों ने बताया कि परिवार में रुपये को लेकर आर्थिक तंगी नहीं थी और न ही आपस में कोई विवाद था। शुरुआती जांच के बाद भी पुलिस को मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
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इस मामले की छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर, मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के पास से सुसाइड नोट बरामद नहीं हो सका है। - कश्मीरा सिंह, एसएचओ, थाना एमडीसी
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ग्लास हाउस के मालिक ने मफलर से लगाया फंदा, मौत
- बेटे से दुकान में मंगवाया मफलर, उसे ही बना लिया फंदा
- 15 साल से पहले नरवाना से सकेतड़ी आकर बसा था शमशेर का परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
42 वर्षीय ग्लास हाउस के मालिक ने मानव कालोनी स्थित दुकान में अपने ही मफलर से फंदा लगा लिया। घटना की जानकारी सुबह उस वक्त मिली, जब मृतक शमशेर के बेटे ने दुकान पर जाकर देखा। मामले की जानकारी मिलते ही एमडीसी थाना पुलिस ने मामले की छानबीन की। शुरुआती जांच में पुलिस इस मामले को आत्महत्या ही मान रही है। मृृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
नरवाना निवासी शमशेर अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ सकेतड़ी की मानव कॉलोनी में रह रहा था। दो महीने पहले ही उसने श्री ज्वाला जी ग्लास हाउस के नाम से नई दुकान की शुरुआत की थी। इससे पहले शमशेेर, ड्राइविंग का काम करता है। मृतक के पुत्र रवि ने बताया कि सोमवार को उसके पापा बिल्कुल सामान्य थे, लेकिन दुकान से घर चलने को जब कहा तो उन्होंने जवाब दिया कि आज दुकान पर ही रात के वक्त भी रुकेंगे। शमशेर ने अपने बेटे रवि से ठंड होने का हवाला देते हुए मफलर पहुंचाने को कहा। दुकान की बैक साइड में ही शमशेर का परिवार किराये के मकान में रहता था। मफलर देने के बाद बेटा वापस घर लौट गया। देर रात तक भी शमशेर नहीं लौटा तो सुबह करीब नौ बजे बेटे ने दुकान पर जाकर देखा तो, उसके पिता मफलर के फंदेे से लटक रहे थे। मौके पर यह दृश्य देख उनका बेटा रवि मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। थोड़ी देर बाद इस घटना की सूचना परिवार के अन्य सदस्यों को भी मिली, जिन्होंने पुलिस को इस घटना की इत्तला दी।
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मौत की वजह साफ नहीं
मृतक के भाई संदीप वर्मा ने बताया कि मूल रूप से उनका परिवार नरवाना का रहने वाला है। पिछले करीब 15 वर्षों से चारों भाई यही रह रहे हैं। शमशेर का परिवार सकेतड़ी की मानव कालोनी में रहता है जबकि शेष तीनों भाई मनीमाजरा में रहते हैं। परिजनों ने बताया कि परिवार में रुपये को लेकर आर्थिक तंगी नहीं थी और न ही आपस में कोई विवाद था। शुरुआती जांच के बाद भी पुलिस को मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
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इस मामले की छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर, मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के पास से सुसाइड नोट बरामद नहीं हो सका है। - कश्मीरा सिंह, एसएचओ, थाना एमडीसी