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मोदी की मंत्री मेनका गांधी को कोर्ट का नोटिस जारी

Tue, 21 Jul 2015 09:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 21 Jul 2015 09:22 PM IST
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court issued notice to modi's minister maneka gandhi

केंद्रीय मंत्री और पीपल ऑफ एनिमल्स (पीएफए) की चेयरपर्सन मेनका गांधी के खिलाफ दायर एक आपराधिक याचिका के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी किया है।

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कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री को 23 सितंबर तक मामले में अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा पीएफए से ही जुड़े गौरव गुप्ता, चेतन शर्मा, पायल सोढी और दीपिका को भी आपराधिक धाराओं के तहत आरोपी के तौर पर नोटिस जारी किया गया है।
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जिला अदालत में इनके खिलाफ आपराधिक याचिका सेक्टर-20 स्थित शीना पैट शॉप के मालिक विनोद कुमार ने दायर की है। इससे पहले ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 10 जून 2015 को गौरव गुप्ता, चेतन शर्मा, पायल सोढी और दीपिका को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने उक्त चारों को गवाही और पर्याप्त दस्तावेज के आधार पर आईपीसी की धारा 429 के तहत आरोपी पाते हुए नोटिस जारी किया था।
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वहीं, मेनका गांधी के खिलाफ कोई अपराध न बनता देख उन्हें नोटिस जारी नहीं किया गया था। याचिकाकर्ता के वकील राजेश शर्मा के अनुसार निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता की ओर से ऊपरी अदालत में पुनर्विचार याचिका कोर्ट में दायर की थी।

इसमें मांग की गई थी कि मेनका गांधी समेत सभी को सभी आपराधिक धाराओं में नोटिस जारी किया जाऐ। मेनका गांधी समेत अन्यों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ क्रू एलिटी टु एनिमल्स एक्ट और आईपीसी की सेक्शन 428, 429, 385, 451 व 120-बी के तहत केस दर्ज करने की अपील की गई है।

झूठी सूचना पर दर्ज कराया था केस
मामले के अनुसार पीएफए की शिकायत पर सेक्टर-20 स्थित शीना पेट शॉप के संचालक विनोद को 25 जून 2013 को गिरफ्तार किया गया था। इस केस में जिला अदालत ने उसे आरोपमुक्त करार दिया।

इसके बाद विनोद ने सीआरपीसी की धारा 200 के तहत पीएफए के चारों सदस्यों और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ शिकायत दायर की थी। इसमें कहा था कि पीएफए ने पुलिस को झूठी शिकायत दी। इसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ।

142 पक्ष जब्त किए थे, 34 की हो गई थी मौत: विनोद ने कहा था कि 25 मई 2013 को उनकी दुकान पर चार लोग आए। उन्होंने खुद को मेनका गांधी द्वारा संचालित पीएफए का सदस्य बताया। उन्होंने विनोद को बताया कि जो पक्षी उन्होंने दुकान पर रखे हैं, वह गैरकानूनी हैं। इसके बाद पीएफए टीम ने पुलिस की मौजूदगी में 142 पक्षी जब्त कर लिए। इनमें 110 बजरीगर, 20 कोकटेल्स व 12 लव बर्ड्स शामिल थे।

विनोद के अनुसार अदालत से आरोपमुक्त होने के बाद जब वह अपने पक्षियों की कस्टडी लेने पहुंचे तो 34 पक्षी गायब थे। बाद में उन्हें पता चला कि वह मर चुके हैं। इसके बाद विनोद ने आपराधिक केस दर्ज करने की मांग करते हुए पीएफए के खिलाफ कार्रवाई की अपील की थी।


4 हजार रुपये मांगे थे शिकायतकर्ता विनोद का आरोप है कि पीएफए से जुड़े गौरव गुप्ता ने उससे 4 हजार रुपये मांगे थे। पैसे न देने पर उनके खिलाफ यह केस दर्ज कराया गया था। 7 अक्तूबर 2014 को सीजेएम कोर्ट ने विनोद कुमार के खिलाफ केस साबित न होने के कारण उन्हें आरोपमुक्त कर दिया था।

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