{"_id":"5f9c78998ebc3e9b9f3728bd","slug":"councilors-who-do-not-oppose-the-water-rates-are-ready-to-pay-the-brunt-foswek-chandigarh-news-pkl3926534101","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी की दरों का विरोध न करने वाले पार्षद खामियाजा भुगतने को रहें तैयार : फॉस्वेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी की दरों का विरोध न करने वाले पार्षद खामियाजा भुगतने को रहें तैयार : फॉस्वेक
विज्ञापन
चंडीगढ़। नगर निगम की बैठक में पानी के मूल्य कम न करने पर फेडरेशन ऑफ सेक्टर्स वेल्फेयर एसोसिएशनस ऑफ चंडीगढ़ (फॉस्वेक) ने नाराजगी जताई है। उन्होंने पानी की दरें कम करने के मुद्दे पर हुई नगर निगम की बैठक मात्र छलावा है।
दरअसल फॉस्वेक के बैनर तले सभी वेलफेयर एसोसिएशन ने मिलकर 19 अक्तूबर को एमसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। कई राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियन ने आरडब्ल्यूए को अपना समर्थन दिया था। पार्षदों पर दबाव बनने के बाद 29 अक्तूबर को नगर निगम की बैठक हुई जिसमें पानी के दाम कम करने पर बहस हुई।
शहरवासी पार्षदों के नाटक को जान गए : बिट्टू
फॉस्वेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि बैठक में पार्षदों ने जिस प्रकार इस गंभीर मुद्दे को हल्के में लेते हुए चर्चा की। वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी के पार्षदों ने रिवाइज्ड एजेंडा पारित तो किया परंतु अंतिम फैसला प्रशासन पर छोड़ दिया। यह फैसला इसी बैठक में होना चाहिए था। बिट्टू ने कहा कि शहरवासी पार्षदों के नाटक को जान गए हैं।
विज्ञापन
कांग्रेसी पार्षदों का सदन से जाना मात्र दिखावा : पंकज
फॉस्वेक के मुख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता ने कहा कि कांग्रेसी पार्षदों का सदन से जाना मात्र दिखावा है। इसके बजाय उन्हें मीटिंग में पूरे समय बैठकर फैसले का विरोध करना चाहिए था। पहले तो पार्षद लोगों के हितों के खिलाफ फैसले लेते हैं और विरोध होने पर यू-टर्न लेते हैं। पार्षदों के दोगलेपन को देखकर चंडीगढ़ की जनता ऊब चुकी है। अगले साल होने वाले नगर निगम के चुनाव में उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।
विज्ञापन
दरअसल फॉस्वेक के बैनर तले सभी वेलफेयर एसोसिएशन ने मिलकर 19 अक्तूबर को एमसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। कई राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियन ने आरडब्ल्यूए को अपना समर्थन दिया था। पार्षदों पर दबाव बनने के बाद 29 अक्तूबर को नगर निगम की बैठक हुई जिसमें पानी के दाम कम करने पर बहस हुई।
विज्ञापन
शहरवासी पार्षदों के नाटक को जान गए : बिट्टू
फॉस्वेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि बैठक में पार्षदों ने जिस प्रकार इस गंभीर मुद्दे को हल्के में लेते हुए चर्चा की। वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी के पार्षदों ने रिवाइज्ड एजेंडा पारित तो किया परंतु अंतिम फैसला प्रशासन पर छोड़ दिया। यह फैसला इसी बैठक में होना चाहिए था। बिट्टू ने कहा कि शहरवासी पार्षदों के नाटक को जान गए हैं।
विज्ञापन
कांग्रेसी पार्षदों का सदन से जाना मात्र दिखावा : पंकज
फॉस्वेक के मुख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता ने कहा कि कांग्रेसी पार्षदों का सदन से जाना मात्र दिखावा है। इसके बजाय उन्हें मीटिंग में पूरे समय बैठकर फैसले का विरोध करना चाहिए था। पहले तो पार्षद लोगों के हितों के खिलाफ फैसले लेते हैं और विरोध होने पर यू-टर्न लेते हैं। पार्षदों के दोगलेपन को देखकर चंडीगढ़ की जनता ऊब चुकी है। अगले साल होने वाले नगर निगम के चुनाव में उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।