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Chandigarh News: नप की भुगतान अनुमोदन कमेटी से बाहर हुए पार्षद
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हरियाणा सरकार ने कमेटी को संशोधित किया, पार्षदों को चुनने को लेकर होता था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नगर परिषद की भुगतान अनुमोदन समिति में बदलाव किया है। इसके तहत 50 लाख तक के विकास कार्यों की मंजूरी देने वाली कमेटी में नगर परिषद के प्रधान, उपप्रधान और ईओ को शामिल किया है।
कमेटी के अध्यक्ष नगर परिषद के प्रधान करेंगे। पहले कमेटी के सदस्यों के तौर पर क्षेत्रीय पार्षद व मनोनीत पार्षद शामिल होते थे, मगर संशोधित आदेश के बाद वह अब कमेटी में नहीं शामिल नहीं होंगे। वहीं, 50 लाख से अधिक कामों को मंजूरी देने की कमेटी में नगर परिषद के डीएमसी, प्रधान, उपप्रधान, ईओ या सचिव को सदस्य बनाया गया है। नगर निकाय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक बैठक के दौरान यदि प्रधान अनुपस्थित रहते हैं तो उपप्रधान बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं और कार्यों को मंजूरी भी दे सकते हैं। कमेटी में बदलाव का प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने सीएम नायब सिंह को दिया था। सीएम ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। बुधवार रात इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई। उल्लेखनीय है कि कमेटी में दो ही पार्षद चुने जा सकते हैं। इसलिए किन दो पार्षदों को शामिल किया जाए, इसे लेकर विवाद होता था। अब सरकार ने पार्षदों को कमेटी से हटा दिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नगर परिषद की भुगतान अनुमोदन समिति में बदलाव किया है। इसके तहत 50 लाख तक के विकास कार्यों की मंजूरी देने वाली कमेटी में नगर परिषद के प्रधान, उपप्रधान और ईओ को शामिल किया है।
कमेटी के अध्यक्ष नगर परिषद के प्रधान करेंगे। पहले कमेटी के सदस्यों के तौर पर क्षेत्रीय पार्षद व मनोनीत पार्षद शामिल होते थे, मगर संशोधित आदेश के बाद वह अब कमेटी में नहीं शामिल नहीं होंगे। वहीं, 50 लाख से अधिक कामों को मंजूरी देने की कमेटी में नगर परिषद के डीएमसी, प्रधान, उपप्रधान, ईओ या सचिव को सदस्य बनाया गया है। नगर निकाय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक बैठक के दौरान यदि प्रधान अनुपस्थित रहते हैं तो उपप्रधान बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं और कार्यों को मंजूरी भी दे सकते हैं। कमेटी में बदलाव का प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने सीएम नायब सिंह को दिया था। सीएम ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। बुधवार रात इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई। उल्लेखनीय है कि कमेटी में दो ही पार्षद चुने जा सकते हैं। इसलिए किन दो पार्षदों को शामिल किया जाए, इसे लेकर विवाद होता था। अब सरकार ने पार्षदों को कमेटी से हटा दिया है।
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