{"_id":"5f61137b8ebc3e9ae52150ba","slug":"corporation-suggestions-objections-plastic-waste-management-rule-draft-notification-administration-last-month-chandigarh-news-pkl388003476","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम पर निगम ने मांगे सुझाव और आपत्तियां, प्रशासन की ओर से पिछले माह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन किया गया था जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम पर निगम ने मांगे सुझाव और आपत्तियां, प्रशासन की ओर से पिछले माह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन किया गया था जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। नगर निगम ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम के अंतिम नोटिफिकेशन के लिए लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। लोग 16 सितंबर से 25 सितंबर तक नगर निगम की वेबसाइट पर अपनी आपत्तियां व सुझाव दे सकते हैं। इससे पहले 28 जुलाई को ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया था।
पिछले वर्ष अगस्त माह में हुई नगर निगम सदन की बैठक में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम का एजेंडा रखा गया था। सदन में बहस के बाद एजेंडे को सहमति मिल गई थी। उसके बाद इस वर्ष जुलाई माह में गृह सचिव अरुण गुप्ता ने इस एजेंडे का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन कर दिया था। अब निगम ने लोगों से इस पर आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। लोग 10 दिनों में mcchandigarh.gov.in पर अपने सुझाव भेज सकेंगे। उसके बाद सुझावों व आपत्तियों का निराकरण कराने के बाद प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को अंतिम नोटिफिकेशन के लिए एजेंडा भेजा जाएगा।
तो कचरे में प्लास्टिक देने पर लगेगा 5500 का जुर्माना
अंतिम नोटिफिकेशन के बाद लोगों ने कचरे में अगर प्लास्टिक दिया तो निगम 5500 रुपये का जुर्माना लगाएगा। अब तक लोगों को सूखा व गीला कचरा ही अलग-अलग करके देना था, अब प्लास्टिक कचरा भी अलग करके देना होगा। 10 दिनों में जुर्माना न भरने पर निगम पानी के बिल या संपत्ति कर के साथ जुर्माना जोड़कर भेजेगी।
विज्ञापन
प्लास्टिक का उपयोग सड़क बनाने में करेगा निगम
लोगों को घरों से निकलने वाले कूड़े से प्लास्टिक को अलग करना होगा। इसमें प्लास्टिक की बोतल, प्लास्टिक की थैली, कैरी बैग, दूध की थैली, पैकेजिंग वाली थैली, फूड पैकेजिंग के पैकेट को घर से निकलने वाले कचरे से अलग करना होगा। उसके बाद सहज सफाई केंद्र (एसएसके) पर देना होगा। वहां से यह कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर ले जाया जाएगा। यहां पर प्लास्टिक को री-साइकिल किया जाएगा। प्लास्टिक को प्रोसेस करने के बाद जो दाना बनेगा, उसे रोड रिकार्पेटिंग में यूज किया जा सकेगा। इस नियम के अनुसार प्लास्टिक से बनने वाले बर्तनों पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगेगी। स्ट्रीट वेंडर भी प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
शैक्षणिक भ्रमण पर अंबिकापुर जाना चाहते थे पार्षद
पिछले साल जब सदन में बैठक हुई थी तो कमिश्नर केके यादव ने कहा था कि अंबिकापुर 154 तरीके से कचरा अलग-अलग करता है। इस नियम को लागू करने के बाद लोगों को जागरूक भी करना होगा इसलिए कोई जाना चाहता हो तो अंबिकापुर शैक्षणिक भ्रमण पर जा सकता है। तब पार्षद देवेश मोदगिल ने सहमति जताते हुए कहा कि एक टीम बनाकर शैक्षणिक भ्रमण पर भेजी जानी चाहिए, जिससे वहां से कचरे को अलग-अलग करने के तरीकों को समझकर आ सकें।
विज्ञापन
पिछले वर्ष अगस्त माह में हुई नगर निगम सदन की बैठक में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम का एजेंडा रखा गया था। सदन में बहस के बाद एजेंडे को सहमति मिल गई थी। उसके बाद इस वर्ष जुलाई माह में गृह सचिव अरुण गुप्ता ने इस एजेंडे का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन कर दिया था। अब निगम ने लोगों से इस पर आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। लोग 10 दिनों में mcchandigarh.gov.in पर अपने सुझाव भेज सकेंगे। उसके बाद सुझावों व आपत्तियों का निराकरण कराने के बाद प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को अंतिम नोटिफिकेशन के लिए एजेंडा भेजा जाएगा।
विज्ञापन
तो कचरे में प्लास्टिक देने पर लगेगा 5500 का जुर्माना
अंतिम नोटिफिकेशन के बाद लोगों ने कचरे में अगर प्लास्टिक दिया तो निगम 5500 रुपये का जुर्माना लगाएगा। अब तक लोगों को सूखा व गीला कचरा ही अलग-अलग करके देना था, अब प्लास्टिक कचरा भी अलग करके देना होगा। 10 दिनों में जुर्माना न भरने पर निगम पानी के बिल या संपत्ति कर के साथ जुर्माना जोड़कर भेजेगी।
विज्ञापन
प्लास्टिक का उपयोग सड़क बनाने में करेगा निगम
लोगों को घरों से निकलने वाले कूड़े से प्लास्टिक को अलग करना होगा। इसमें प्लास्टिक की बोतल, प्लास्टिक की थैली, कैरी बैग, दूध की थैली, पैकेजिंग वाली थैली, फूड पैकेजिंग के पैकेट को घर से निकलने वाले कचरे से अलग करना होगा। उसके बाद सहज सफाई केंद्र (एसएसके) पर देना होगा। वहां से यह कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर ले जाया जाएगा। यहां पर प्लास्टिक को री-साइकिल किया जाएगा। प्लास्टिक को प्रोसेस करने के बाद जो दाना बनेगा, उसे रोड रिकार्पेटिंग में यूज किया जा सकेगा। इस नियम के अनुसार प्लास्टिक से बनने वाले बर्तनों पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगेगी। स्ट्रीट वेंडर भी प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
शैक्षणिक भ्रमण पर अंबिकापुर जाना चाहते थे पार्षद
पिछले साल जब सदन में बैठक हुई थी तो कमिश्नर केके यादव ने कहा था कि अंबिकापुर 154 तरीके से कचरा अलग-अलग करता है। इस नियम को लागू करने के बाद लोगों को जागरूक भी करना होगा इसलिए कोई जाना चाहता हो तो अंबिकापुर शैक्षणिक भ्रमण पर जा सकता है। तब पार्षद देवेश मोदगिल ने सहमति जताते हुए कहा कि एक टीम बनाकर शैक्षणिक भ्रमण पर भेजी जानी चाहिए, जिससे वहां से कचरे को अलग-अलग करने के तरीकों को समझकर आ सकें।