फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Corporation poor trouble burden machines garbage processing plant struggling budget constraints

मुसीबत का मारा निगम बेचारा, बजट की कमी से जूझ रहे निगम पर गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट की मशीनें बदलने का भी बोझ

Thu, 23 Jul 2020 12:22 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 12:22 AM IST
विज्ञापन
Corporation poor trouble burden machines garbage processing plant struggling budget constraints
चंडीगढ़। नगर निगम की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर बजट की कमी से विकास कार्यों का पहिया थम गया है, वहीं दूसरी ओर अब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) सेंटर की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी हैं। एनआईटीटीटीआर ने स्पष्ट कहा है कि गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट की सभी मशीनें बदलनी होंगी। अब निगम इसके लिए फंड कहां से लाएगा, यह सबसे बड़ी समस्या है। यह मुद्दा 24 जुलाई को रेवेन्यू बढ़ाने वाली बैठक में उठेगा। फरवरी माह की बैठक में कमिश्नर केके यादव ने स्पष्ट कहा था कि कोरोना महामारी के बाद प्रशासन ने बजट में 30 प्रतिशत की कटौती कर दी है। प्रशासन से जो 425 करोड़ की ग्रांट मिलनी थी, अब वह 340 करोड़ की रह गई है। अब विकास कार्य करने तक के रुपए नहीं हैं।
विज्ञापन

प्रशासन ने भी अप्रैल, मई व जून के खर्चों के लिए निगम को 35-35 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए थे। वहीं जुलाई, अगस्त व सितंबर के लिए प्रशासन ने मात्र 30-30 करोड़ रुपए ही स्वीकृत किए हैं। उसके बाद मेयर राजबाला मलिक ने रेवेन्यू बढ़ाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी गठित की जिसकी रिपोर्ट भी 25 जुलाई को दी जाएगी। अब निगम के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि कैसे जेपी प्लांट का संचालन किया जाए। चूंकि हाल ही में एनआईटीटीटीआर की टीम ने प्लांट का निरीक्षण किया था। उसके बाद रिपोर्ट में कहा है कि सभी मशीनों को बदलना पड़ेगा। ऐसे में मशीनों का खर्चा निगम कहां से लाएगा यह बड़ा सवाल है।
विज्ञापन

कचरा प्रोसेस नहीं हुआ तो लगेगा जुर्माना
जल्द से जल्द कचरा प्रोसेस न होने पर निगम को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से जुर्माना भरना होगा। ऐसी स्थिति में निगम के सामने बड़ा संकट खड़ा हुआ है। एनजीटी ने निगम से स्पष्ट कहा था कि कंपनी कचरा प्रोसेस नहीं कर पा रही है तो निगम प्लांट को संचालित करे। किसी भी हाल में कचरा सेग्रीगेशन व प्रोसेसिंग होना चाहिए। नहीं तो निगम जुर्माना भरने को तैयार रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रुड़की आईआईटी की रिपोर्ट के बाद निगम लेगा फैसला
निगम को अभी आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही निगम मशीनों के बदलने व अन्य विकल्पों पर निर्णय लेगा। चूंकि आईआईटी रुड़की की टीम ने प्लांट में विस्तृत रूप से निरीक्षण किया था। जो भी स्थिति बनेगी सदन के सामने रखा जाएगा। वहां से जो भी फैसला होगा वह किया जाएगा।
-केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed