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कोरोनाः सबसे तेज संक्रमण में सिक्किम के बाद देश में दूसरे नंबर पर चंडीगढ़, 4.7 फीसदी वृद्धि रेट
Wed, 19 Aug 2020 03:41 PM IST
खुशबू गोयल
आशीष वर्मा, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 19 Aug 2020 03:41 PM IST
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कोरोना के बढ़ते केसों ने चिंता बढ़ा दी है। हर दूसरे दिन आ रहे केस नया रिकार्ड बना रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दैनिक संक्रमण वृद्धि दर (डेली ग्रोथ) में चंडीगढ़ देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत की संक्रमण वृद्धि दर 2.4 फीसदी है, जबकि चंडीगढ़ की 4.7 फीसदी दर्ज की गई है। इससे ऊपर सिर्फ सिक्किम है, जिसकी वृद्धि दर 6.4 फीसदी है।
यह आकलन केरल के हेल्थ इकनॉमिस्ट रिजो एम जॉन ने रोजाना राज्य सरकार व यूटी प्रशासन की ओर से जारी मीडिया बुलेटिन के आंकड़ों का आकलन करके निकाला है। इसका सीधा मतलब यह है कि देश में चंडीगढ़ ऐसा दूसरा राज्य है, जहां सबसे तेजी से कोरोना के केस आ रहे हैं। सात अगस्त के करीब चंडीगढ़ की संक्रमण वृद्धि दर 4.3 फीसदी थी, जो देश में नौवें नंबर पर थी।
उसके बाद केस इतनी तेजी से बढ़े कि चंडीगढ़ बाकी प्रदेश दिल्ली-मुंबई को पछाड़कर दूसरे नंबर पर आ गया है। महामारी विशेषज्ञ का कहना है कि देश में किसी प्रदेश की संक्रमण दर बढ़ रही है तो किसी की कम हो रही है। यह महामारी का एक फीचर होता है। कोरोना का संक्रमण कुछ समय पहले तक बंगलूरू और दिल्ली में काफी तेज था, लेकिन अब कम हो रहा है जबकि उस समय चंडीगढ़ की दर कम थी।
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यह आकलन केरल के हेल्थ इकनॉमिस्ट रिजो एम जॉन ने रोजाना राज्य सरकार व यूटी प्रशासन की ओर से जारी मीडिया बुलेटिन के आंकड़ों का आकलन करके निकाला है। इसका सीधा मतलब यह है कि देश में चंडीगढ़ ऐसा दूसरा राज्य है, जहां सबसे तेजी से कोरोना के केस आ रहे हैं। सात अगस्त के करीब चंडीगढ़ की संक्रमण वृद्धि दर 4.3 फीसदी थी, जो देश में नौवें नंबर पर थी।
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उसके बाद केस इतनी तेजी से बढ़े कि चंडीगढ़ बाकी प्रदेश दिल्ली-मुंबई को पछाड़कर दूसरे नंबर पर आ गया है। महामारी विशेषज्ञ का कहना है कि देश में किसी प्रदेश की संक्रमण दर बढ़ रही है तो किसी की कम हो रही है। यह महामारी का एक फीचर होता है। कोरोना का संक्रमण कुछ समय पहले तक बंगलूरू और दिल्ली में काफी तेज था, लेकिन अब कम हो रहा है जबकि उस समय चंडीगढ़ की दर कम थी।
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रोकथाम व कंट्रोल की ओर ध्यान कम
पीजीआई के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार का कहना है कि सरकार व प्रशासन का ध्यान बेड व वेंटिलेटर बढ़ाने की ओर ज्यादा रहा है, जबकि रोकथाम और कंट्रोल करने की दिशा में कम।
शुरुआत में ही टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग पर ज्यादा जोर देना चाहिए था ताकि संक्रमित के संपर्क में आने वाले लोगों को कम समय में ही क्वारंटीन या आइसोलेट कर दिया जाए। इसी से कोरोना कंट्रोल में आता है। जिन राज्यों में इस दिशा पर ज्यादा काम किया है, वहां संक्रमण दर में कमी आई है। शुरुआत में इसकी कमी रह गई है। चंडीगढ़ में टेस्टिंग बढ़ी है, लेकिन अब भी कम है। इसे ज्यादा बढ़ाने की आवश्यकता है।
फिलहाल एक महीने तक नीचे नहीं आएंगे केस
कोरोना के केस कब तक नीचे आएंगे, इस बारे में फिलहाल सही अनुमान नहीं है लेकिन प्रो. राजेश का कहना है कि सरकार या प्रशासन जो भी कोशिश करती है, उसका असर एक दो दिन में नहीं दिखता बल्कि एक महीने बाद देखने को मिल सकता है। ऐसे में कह सकते हैं कि बढ़ते केसों से फिलहाल एक महीने से पहले राहत नहीं मिलने वाली।
कोई पीक की बात सितंबर में कह रहा है तो कोई जनवरी की बात दोहरा रहा है। पीक का सही अंदाजा लगा पाना मुश्किल होता है, क्योंकि हर प्रदेश की अलग स्थिति है। लेकिन शार्ट टर्म अनुमान लगाया जा सकता है। इस हिसाब से अगले एक महीने तक लोगों को ज्यादा सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
शुरुआत में ही टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग पर ज्यादा जोर देना चाहिए था ताकि संक्रमित के संपर्क में आने वाले लोगों को कम समय में ही क्वारंटीन या आइसोलेट कर दिया जाए। इसी से कोरोना कंट्रोल में आता है। जिन राज्यों में इस दिशा पर ज्यादा काम किया है, वहां संक्रमण दर में कमी आई है। शुरुआत में इसकी कमी रह गई है। चंडीगढ़ में टेस्टिंग बढ़ी है, लेकिन अब भी कम है। इसे ज्यादा बढ़ाने की आवश्यकता है।
फिलहाल एक महीने तक नीचे नहीं आएंगे केस
कोरोना के केस कब तक नीचे आएंगे, इस बारे में फिलहाल सही अनुमान नहीं है लेकिन प्रो. राजेश का कहना है कि सरकार या प्रशासन जो भी कोशिश करती है, उसका असर एक दो दिन में नहीं दिखता बल्कि एक महीने बाद देखने को मिल सकता है। ऐसे में कह सकते हैं कि बढ़ते केसों से फिलहाल एक महीने से पहले राहत नहीं मिलने वाली।
कोई पीक की बात सितंबर में कह रहा है तो कोई जनवरी की बात दोहरा रहा है। पीक का सही अंदाजा लगा पाना मुश्किल होता है, क्योंकि हर प्रदेश की अलग स्थिति है। लेकिन शार्ट टर्म अनुमान लगाया जा सकता है। इस हिसाब से अगले एक महीने तक लोगों को ज्यादा सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
भारत व राज्यों की रोजाना संक्रमण दर
देश/प्रदेश संक्रमण दर
भारत 2.4 फीसदी
सिक्किम 6.4 फीसदी
पुड्डूचेरी 4.7 फीसदी
पंजाब 4.0 फीसदी
यूपी 3.0 फीसदी
महाराष्ट्र 1.9 फीसदी
हरियाणा 1.8 फीसदी
दिल्ली 0.6 फीसदी
भारत 2.4 फीसदी
सिक्किम 6.4 फीसदी
पुड्डूचेरी 4.7 फीसदी
पंजाब 4.0 फीसदी
यूपी 3.0 फीसदी
महाराष्ट्र 1.9 फीसदी
हरियाणा 1.8 फीसदी
दिल्ली 0.6 फीसदी