कोरोना वायरसः मोहाली के संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव, राहत की सांस लेकिन निगरानी में दो नए मामले
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मोहाली के रहने वाले कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सेहत विभाग ने राहत की सांस ली है। उसे बुधवार देर शाम पीजीआई चंडीगढ़ से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उधर, होशियारपुर निवासी एक महिला और चंडीगढ़ निवासी एक व्यक्ति को खांसी बुखार और सांस लेने में तकलीफ के चलते आइसोलेशन वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
इनके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं।
वहीं, बुधवार को भी फिर से पटियाला के ही रहने वाले एक व्यक्ति को सर्विलांस पर लिया गया है। क्योंकि यह व्यक्ति 20 जनवरी को चीन गया था और वहां से दुबई जाकर बुधवार को वापस लौटा है। इसके बाद से उसके ब्लड की भी जांच की जा रही है। पंजाब में अभी तक चीन की यात्रा करने वाले 16 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है। जिसमें सबसे ज्यादा 8 लोग मोहाली के रहने वाले हैं।
उत्तर भारत में पहला कोरोना वायरस का संदिग्ध मामला मोहाली में सामने आया था। जिसे पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया गया था। यहां से इस संदिग्ध मरीज के ब्लड सैंपल पूणे की एनआईवी लैब में जांच के लिए भेजे गए थे। बुधवार को पूणे की लैब से इसकी नेगेटिव रिपोर्ट आ गई है। जिसमें मोहाली निवासी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं। रिपोर्ट में सामान्य फ्लू की पुष्टि हुई है। यह व्यक्ति करीब 10 दिन पहले चीन से वापस लौटा था।
उधर, चंडीगढ़ और पंजाब के होशियारपुर में एक-एक संदिग्ध मामला सामने आया है। होशियारपुर की एक महिला 4 दिन पहले कनाडा से चीन होते हुए भारत आई थी। उसे खांसी, बुखार और सांस लेने में तक्लीफ होने की शिकायत पर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। वहीं, चंडीगढ़ निवासी एक व्यक्ति को भी कोरोना वायरस का संदिग्ध मानते हुए डॉक्टरों निगरानी में रखा गया है। यह संदिग्ध मरीज एक प्राइवेट अस्पताल में डाक्टरों की निगरानी में हैं।
इनके अलावा बुधवार को मोहाली एयरपोर्ट पर दुबई से वापिस लौटे पटियाला निवासी एक व्यक्ति को भी निगरानी में लिया गया है। यह व्यक्ति 20 जनवरी को चीन गया था और 21 जनवरी को वहां से दुबई गया था। हालांकि इस व्यक्ति को खांसी, बुखार और सांस में परेशानी जैसी कोई तकलीफ नहीं थी।
इसके बावजूद सुरक्षा कारणों के चलते इसे पटियाला सेहत विभाग ने निगरानी में ले लिया है। मोहाली के सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि देश में अभी तक कोरोना वायरस के किसी भी मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा कारणों के मद्देनजर चीन की यात्रा करने वाले या वाया चीन भारत लौटने वाले सभी यात्रियों पर निगरानी रखी जा रही है।
पंजाब के 16 में से आधे मोहाली के
पंजाब में चीन की यात्रा करने वाले या वाया चीन होकर भारत लौटने वाले यात्रियों को सेहत सुरक्षा कारणों के चलते डॉक्टरों निगरानी में रखा जा रहा है। पंजाब में ऐसे 16 लोगों को निगरानी में लिया गया है। जिसमें सबसे ज्यादा 8 लोग मोहाली के हैं। हालांकि इनमें से किसी में भी खांसी, बुखार या सांस में परेशानी जैसे लक्षण नहीं पाए गए हैं, फिर भी सुरक्षा कारणों के चलते इन्हें 28 दिनों के लिए डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
एयरपोर्ट पर लगाए थर्मल सेंसर
सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू ने बताया कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मोहाली और अमृतसर के एयरपोर्ट पर थर्मल सेंसर लगा दिए गए हैं। एयरपोर्ट पर डॉक्टरों की मेडिकल टीम विदेश से लौटने वाले यात्रियों की नान-कंटैक्ट इनफ्रारैड बरमामीटर से जांच कर रही है। इसके साथ ही विदेश से आने और जाने वाले लोगों को कोरोना वायरस के लक्षणों, सावधानियों और हर तरह से बचाव के बारे में जानकारी भी दी जा रही है।
एयरपोर्ट पर की गई 186 यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग
दूसरे दिन बुधवार को भी जिला सेहत विभाग की टीम ने मोहाली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की शारजाह से आई फ्लाइट से उतरे 186 यात्रियों की सेहत जांच करते हुए थर्मल स्कैनिंग की। इसी दौरान दुबई से आए पटियाला निवासी एक व्यक्ति को डॉक्टरों की निगरानी में लिया गया है, जो कि कुछ दिन पहले ही चीन गया था।
बुधवार शाम सिविल सर्जन ने मेडिकल अधिकारियों के साथ बैठक कर जांच के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया और जरूरी निर्देश भी दिए। एयरपोर्ट पर सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह की अगुवाई में मेडिकल अधिकारियों की टीम तैनात रही। इस मौके पर सिविल सर्जन ने बताया कि किसी भी यात्री को बुखार, खांसी, जुकाम या सांस में परेशानी जैसी समस्या नहीं थी। टीम में डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि पटियाला के रहने वाले एक व्यक्ति के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित करने के बाद निगरानी में रखने के लिए पटियाला सेहत विभाग को कह दिया गया है।
सिविल सर्जन ने बुधवार शाम जिले के सभी सीनियर मेडिकल अफसरों के साथ बैठक कर कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए जरूरी हिदायतें दीं। सेहत विभाग खतरे से निपटने को पूरी तरह तैयार है। सभी सरकारी सेहत संस्थाओं में आइसोलेशन रूम तैयार कर लिए गए हैं।
सिविल सर्जन ने किसी भी संदिग्ध मरीज को 28 दिन तक विशेष निगरानी में रखने की हिदायत देकर कहा कि वायरस के लक्षण दिखने पर तुरंत जरूरी कदम उठाए जाएं। यहां सिविल सर्जन की टीम में जिला एपीडिमौलोजिस्ट डॉ. हरमनदीप कौर, मेडिसन एक्सपर्ट डॉ. भूषण, स्टाफ नर्स हरसिमरत कौर शामिल थीं।