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राहतः सैनिक बाहर से खरीदें दवा, पॉलीक्लीनिकों में धक्के खाने की जरूरत नहीं, भुगतान करेगी सेना

Wed, 29 Apr 2020 10:20 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 29 Apr 2020 10:20 AM IST
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Coronavirus, Lockdown, Curfew, Indian Army Decision Regarding Medicines to Soldiers
प्रतीकात्मक तस्वीर
लॉकडाउन में रक्षा मंत्रालय विभिन्न तरीकों से अपने पूर्व सैनिकों का भी ध्यान रखे हुए है। इसी कड़ी में अपनी दवाइयों के लिए पूर्व सैनिकों को अब पॉलीक्लीनिकों में धक्के खाने की जरूरत नहीं है। वे अपनी दवाई बाहर से खरीद सकते हैं। सेना इसके लिए उन्हें रीइंबर्स करेगी। रक्षा मंत्रालय की ओर से विशेष स्वीकृति दी गई है। मंत्रालय के अधीनस्थ एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम(ईसीएचएस) की सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन ने सभी क्षेत्रीय केंद्रों को इस बाबत निर्देश भेज दिए हैं।
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अधिकतर पूर्व सैनिक इलाज के लिए ईसीएचएस की पॉलीक्लीनिकों, सर्विस अस्पतालों और इंपैनल्ड अस्पतालों से जुड़े रहते हैं। कई गंभीर और लंबी चलने वाली बीमारियों के दौरान पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की दवाइयां भी लंबी चलती हैं। यह दवाइयां पॉलीक्लीनिकों और अस्पतालों में भी उपलब्ध रहती हैं। महामारी में अस्पतालों में ज्यादा भीड़ न हो इसके लिए ईसीएचएस सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन ने एक पूर्व सैनिकों के लिए एक खास व्यवस्था की है। 
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इसके अंतर्गत यदि लॉकडाउन पीरियड 3 मई से अधिक बढ़ता है, तो पूर्व सैनिक अपनी गंभीर बीमारी संबंधी दवा और लंबी चलने वाली अन्य लाइफ सेविंग दवाएं बाहर केमिस्ट से खरीद सकते हैं। इसके लिए पूर्व सैनिकों को पॉलीक्लिनिकों में आने की जरूरत नहीं है। पूर्व सैनिक 31 मई तक बाहर केमिस्ट से दवाई खरीद सकते हैं। सेना इसके लिए उनके दवा बिल का रीइंबर्स करेगी। बशर्ते संबंधित दवा की प्रिसक्त्रिस्प्शन पालीक्लीनिक सर्विस हस्पताल और इंपैनल्ड अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा की होनी चाहिए।
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15 जून तक पूर्व सैनिकों को संबंधित दवा बिलों को रीइंबर्समेंट के लिए जमा करवाना। सेना के एक आला अधिकारी के अनुसार इसी व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि पूर्व सैनिकों को अपनी रेगुलर चलने वाली दवाओं को जारी रखने में दिक्कत न हो और वह लॉकडाउन में दवाई के लिए ज्यादा परेशान न हो।

निकटतम स्टेशन में संपर्क कर, घर पर ही रहेंगे छुट्टी पर गए जवान

फोर्स के जवान जो लॉकडाउन से पहले छुट्टियों पर चल रहे हैं। वे अपनी छुट्टियों को लेकर पसोपेश की स्थिति में है। इन जवानों को अभी अपनी यूनिटों में लौटने का आदेश नहीं है। भारतीय वायु सेना ने तो अपने छुट्टियों पर गए जवानों को निर्देश जारी किए हैं कि जिन जवानों की ली हुई छुट्टियां खत्म हो रही हैं, वे अपने निकटतम एयरफोर्स स्टेशन में संपर्क कर अपनी रिपोर्ट करें। ये जवान घर से ही मोबाइल अथवा टेलीफोन के माध्यम से अपने निकटतम स्टेशन पर रिपोर्ट करेंगे और अगले आदेशों तक घरों में ही रहेंगे।

दूसरी ओर, आर्मी के जवान इस बात को लेकर पसोपेश में है कि साल में मिलने वाली उनकी छुट्टियां चूंकि इस लॉकडाउन में ही खत्म हो जा रही हैं। उन्हें अब यूनिटों में संपर्क करना है या नहीं करना है। इसके लिए भी वे अगले आदेशों का इंतजार कर रहे हैं। जबकि इस बात की भी असमंजस है कि लॉकडाउन की छुट्टियां उनकी सालाना रेगुलर छुट्टियों में से ही काटी जाएंगी या उन छुट्टियों का उन्हें अलग से लाभ मिलेगा।
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