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पंजाब सेहत मंत्री बोले- कोरोना के मामले विदेश यात्रा से जुड़े, घर में रहें और हिदायतों का पालन करें
Fri, 17 Apr 2020 10:06 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 17 Apr 2020 10:06 AM IST
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मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब सरकार और प्रदेशवासी कोरोना वायरस महामारी के मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है और सूबा संक्रमण के विरुद्ध जंग में मिसाल कायम करेगा। यदि आप प्रभावित मरीजों की मदद करना चाहते हैं तो घरों में ही रहें और सरकार की हिदायतों का पालन करें। यह बात वीरवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कही।
एक बयान में सेहत मंत्री ने कहा कि मामलों की संख्या के आधार पर भारत सरकार द्वारा पंजाब के 4 जिलों को अति-संवेदनशील (हॉटस्पॉट) घोषित किया गया है। ये जिले मोहाली, नवांशहर, जालंधर और पठानकोट हैं। ये वे जिले हैं, जिनमें अब तक कोविड-19 के 15 से अधिक मामले सामने आए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पंजाब दूसरी स्टेज में है और किसी भी तरह के अनिश्चित हालात का सामना करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की अग्रिम कतार वाली टीमें लगातार प्रभावित मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं।
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इस संक्रामक रोग को फैलने से रोकने का यही एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि नवांशहर की बेहतरीन मिसाल है, जहां पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने में सफलता हासिल की है और 26 मार्च से मरीजों की संख्या 19 पर ही रोक दी है।
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एक बयान में सेहत मंत्री ने कहा कि मामलों की संख्या के आधार पर भारत सरकार द्वारा पंजाब के 4 जिलों को अति-संवेदनशील (हॉटस्पॉट) घोषित किया गया है। ये जिले मोहाली, नवांशहर, जालंधर और पठानकोट हैं। ये वे जिले हैं, जिनमें अब तक कोविड-19 के 15 से अधिक मामले सामने आए हैं।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पंजाब दूसरी स्टेज में है और किसी भी तरह के अनिश्चित हालात का सामना करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की अग्रिम कतार वाली टीमें लगातार प्रभावित मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं।
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इस संक्रामक रोग को फैलने से रोकने का यही एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि नवांशहर की बेहतरीन मिसाल है, जहां पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने में सफलता हासिल की है और 26 मार्च से मरीजों की संख्या 19 पर ही रोक दी है।
कोरोना के ज्यादा मामले विदेश यात्रा से जुड़े: सेहत मंत्री
कैबिनेट मंत्री ने खुलासा किया कि कोरोना के ज्यादातर मामले विदेशी यात्रा से संबंधित या इनके संपर्क में आए लोगों के हैं। उन्होंने कहा कि संदिग्ध मरीजों की पहचान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में निरंतर घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं। पुलिस विभाग की सहायता से सभी अति-संवेदनशील इलाकों के साथ जुड़ी हुई सड़कें, आम रास्तों को बंद कर दिया गया है और बीमारी के फैलाव की चेन को तोड़ने के लिए कर्फ्यू के नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
नियमित रूप से सर्वे कर रहीं स्वास्थ्य टीमें
उन्होंने बताया कि जहां भी सामूहिक मामले सामने आए हैं, वहां इन मामलों के 3 किलोमीटर के दायरे वाले क्षेत्र को कंटेनमेन प्लान के अधीन लाया जाता रहा है। इलाके को सील कर दिया जाता है और किसी को भी उक्त क्षेत्र में आने-जाने की आज्ञा नहीं दी जाती। लक्षण पाए जाने वाले व्यक्तियों की निगरानी और जांच की जाती है। अगर कोई व्यक्ति कोविड -19 से पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे आइसोलेशन केंद्र में भेजा जाता है। स्वास्थ्य टीमें लक्षण पाए जाने वाले व्यक्तियों की खोज के लिए नियमित रूप से सर्वे कर रही हैं।
मोहाली और जालंधर में विशेष नजर
बलबीर सिद्धू ने कहा कि यही रणनीति पहचान किए गए 9 जिलों के 24 अति-संवेदनशील इलाकों में लागू की जा रही है, जबकि जिला मोहाली और जालंधर पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, क्योंकि यहां अब तक कोरोना के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। प्रभावित मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों के सैंपल लेने के अलावा इन दोनों जिलों में टेस्टिंग की प्रक्रिया में और तेजी लाने के लिए 1000 रैपिड टेस्ट किटें दी गई हैं, ताकि इस बीमारी का फैलाव उसी इलाके तक ही रोक दिया जाए।
नियमित रूप से सर्वे कर रहीं स्वास्थ्य टीमें
उन्होंने बताया कि जहां भी सामूहिक मामले सामने आए हैं, वहां इन मामलों के 3 किलोमीटर के दायरे वाले क्षेत्र को कंटेनमेन प्लान के अधीन लाया जाता रहा है। इलाके को सील कर दिया जाता है और किसी को भी उक्त क्षेत्र में आने-जाने की आज्ञा नहीं दी जाती। लक्षण पाए जाने वाले व्यक्तियों की निगरानी और जांच की जाती है। अगर कोई व्यक्ति कोविड -19 से पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे आइसोलेशन केंद्र में भेजा जाता है। स्वास्थ्य टीमें लक्षण पाए जाने वाले व्यक्तियों की खोज के लिए नियमित रूप से सर्वे कर रही हैं।
मोहाली और जालंधर में विशेष नजर
बलबीर सिद्धू ने कहा कि यही रणनीति पहचान किए गए 9 जिलों के 24 अति-संवेदनशील इलाकों में लागू की जा रही है, जबकि जिला मोहाली और जालंधर पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, क्योंकि यहां अब तक कोरोना के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। प्रभावित मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों के सैंपल लेने के अलावा इन दोनों जिलों में टेस्टिंग की प्रक्रिया में और तेजी लाने के लिए 1000 रैपिड टेस्ट किटें दी गई हैं, ताकि इस बीमारी का फैलाव उसी इलाके तक ही रोक दिया जाए।