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चंडीगढ़ः बाहर पुलिस...अंदर चल रही थीं दुकानें, एडिशनल कमिश्नर बोले- कंटेनमेंट जोन बनाओ
Wed, 29 Apr 2020 11:13 AM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 29 Apr 2020 11:13 AM IST
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बॉर्डर एरिया में तैनात चंडीगढ़ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में बापूधाम कॉलोनी के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने का खामियाजा सेक्टर-30 भुगत रहा है। सेक्टर 30 को कई दिनों पहले ही सील कर दिया गया था। पुलिस बेरिकेडिंग लगाकर बाहर बैठी रही और सेक्टर में अंदर लोग आराम से घूमते रहे। घरों में खोली गई राशन की दुकानों से लोग सामान खरीद रहे थे। जब मंगलवार को अचानक पांच कोरोना पॉजिटिव आए तो अधिकारियों की नींद खुली। एडिशनल कमिश्नर अनिल गर्ग ने तत्काल डीसी मनदीप सिंह बराड़ व एसएसपी नीलांबरी जगदले को पत्र लिखकर चिंता जताई है।
साथ ही सेक्टर 30 को अंदर से कंटेनमेंट करने को कहा है। एक तरफ प्रशासन लोगों से घरों में रहने की अपील कर रहा है, वहीं लोग मानने को तैयार नहीं हैं। पिछले कुछ दिनों में यह दूसरा मामला सामने आया है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोग पॉजिटिव आए हैं। 17 अप्रैल को एक महिला के पॉजिटिव सेक्टर 30 निवासी महिला में कोरोना की पुष्टि हुई थी। उसके बाद महिला के पति, बेटे व पोती भी पॉजिटिव मिले। उसके बाद प्रशासन ने सेक्टर 30 सील कर प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी।
मंगलवार को जैसे ही सेक्टर 30 में पांच करोना पॉजिटिव मिलने की सूचना मिली तो स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मामला सुबह का था तो टीम ने वहां देखा कि लोग पार्क में आराम से टहल रहे हैं। कुछ लोग पेड़ के नीचे बैठे ताश खेल रहे हैं। बड़ी बात तो यह थी कि तीन घरों में राशन की दुकान चल रही थी। लोग आराम से सामान लेकर जा रहे थे। वहीं, दुकान से कोरोना पॉजिटिव मिले लोग भी लगातार सामान ला रहे थे।
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ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पुलिसकर्मी दिनभर प्रवेश द्वार पर कुर्सी लगाकर बैठे रहे। सेक्टर के अंदर क्या चल रहा था, किसी को नहीं पता। सेक्टर में पढ़े लिखे लोग रह रहे थे, कोरोना की भयावहता को जानते हुए भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखे बिना आराम से घूम रहे थे। इन सभी लापरवाही पर ही क्वारंटीन टीम के नोडल ऑफिसर अनिल गर्ग ने पत्र लिखकर सेक्टर 30 को कंटेनमेंट करने को कहा है ताकि कोरोना की चेन को बढ़ने से रोका जा सके।
जीएमसीएच-32 के गायनी वार्ड में छह दिन रही थी पॉजिटिव महिला
सेक्टर 30 निवासी 53 वर्षीय महिला की बहन की बहू की डिलीवरी होनी थी। कुछ दिन पूर्व ही महिला जीएमसीएच-32 के वार्ड नंबर 12 में 6 दिन तक अटेंडेंट के रूप में रही थी। अब ऐसे में जीएमसीएच-32 के स्टाफ के साथ ही नवजात व प्रसूता पर भी संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है।
लंगर में भी शामिल हुए कोरोनो पॉजिटिव
सेक्टर 29 व 30 की मार्केट में लोग लंगर लगा रहे थे। यहां कोरोना पॉजिटिव भी लगातार जा रहा था। टीम को जानकारी मिली कि रोटियां पहुंचाने का काम कोरोना पॉजिटिव 62 वर्षीय वृद्ध ही करता था। ऐसे में अधिकारियों की सांस भी फूली हुई है कि कहीं कोरोना की चेन न आगे बढ़ जाए।
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साथ ही सेक्टर 30 को अंदर से कंटेनमेंट करने को कहा है। एक तरफ प्रशासन लोगों से घरों में रहने की अपील कर रहा है, वहीं लोग मानने को तैयार नहीं हैं। पिछले कुछ दिनों में यह दूसरा मामला सामने आया है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोग पॉजिटिव आए हैं। 17 अप्रैल को एक महिला के पॉजिटिव सेक्टर 30 निवासी महिला में कोरोना की पुष्टि हुई थी। उसके बाद महिला के पति, बेटे व पोती भी पॉजिटिव मिले। उसके बाद प्रशासन ने सेक्टर 30 सील कर प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी।
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मंगलवार को जैसे ही सेक्टर 30 में पांच करोना पॉजिटिव मिलने की सूचना मिली तो स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मामला सुबह का था तो टीम ने वहां देखा कि लोग पार्क में आराम से टहल रहे हैं। कुछ लोग पेड़ के नीचे बैठे ताश खेल रहे हैं। बड़ी बात तो यह थी कि तीन घरों में राशन की दुकान चल रही थी। लोग आराम से सामान लेकर जा रहे थे। वहीं, दुकान से कोरोना पॉजिटिव मिले लोग भी लगातार सामान ला रहे थे।
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ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पुलिसकर्मी दिनभर प्रवेश द्वार पर कुर्सी लगाकर बैठे रहे। सेक्टर के अंदर क्या चल रहा था, किसी को नहीं पता। सेक्टर में पढ़े लिखे लोग रह रहे थे, कोरोना की भयावहता को जानते हुए भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखे बिना आराम से घूम रहे थे। इन सभी लापरवाही पर ही क्वारंटीन टीम के नोडल ऑफिसर अनिल गर्ग ने पत्र लिखकर सेक्टर 30 को कंटेनमेंट करने को कहा है ताकि कोरोना की चेन को बढ़ने से रोका जा सके।
जीएमसीएच-32 के गायनी वार्ड में छह दिन रही थी पॉजिटिव महिला
सेक्टर 30 निवासी 53 वर्षीय महिला की बहन की बहू की डिलीवरी होनी थी। कुछ दिन पूर्व ही महिला जीएमसीएच-32 के वार्ड नंबर 12 में 6 दिन तक अटेंडेंट के रूप में रही थी। अब ऐसे में जीएमसीएच-32 के स्टाफ के साथ ही नवजात व प्रसूता पर भी संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है।
लंगर में भी शामिल हुए कोरोनो पॉजिटिव
सेक्टर 29 व 30 की मार्केट में लोग लंगर लगा रहे थे। यहां कोरोना पॉजिटिव भी लगातार जा रहा था। टीम को जानकारी मिली कि रोटियां पहुंचाने का काम कोरोना पॉजिटिव 62 वर्षीय वृद्ध ही करता था। ऐसे में अधिकारियों की सांस भी फूली हुई है कि कहीं कोरोना की चेन न आगे बढ़ जाए।