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कोरोना वॉरियरः पति थाना प्रभारी, पत्नी सिविल अस्पताल में डॉक्टर, फ्रंटलाइन पर ड्यूटी निभा रहे
Tue, 19 May 2020 12:34 PM IST
खुशबू गोयल
नवदीप शर्मा, पठानकोट
नवदीप शर्मा, पठानकोट
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 19 May 2020 12:34 PM IST
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इंस्पेक्टर दविंद्र प्रकाश, डॉ. मिकी
- फोटो : अमर उजाला
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पठानकोट जिले में थाना प्रभारी पति और सिविल अस्पताल में डॉक्टर पत्नी दोनों कोरोना वॉरियर्स के तौर पर फ्रंटलाइन पर सेवाएं दे रहे हैं। पति दविंद्र प्रकाश थाना-2 में एसएचओ हैं और पत्नी डॉ. मिकी सिविल अस्पताल में तैनात हैं। दंपती पूरे कोरोना काल में फ्रंटलाइन पर डटा रहा और बिना छुट्टी के सेवाएं दीं।
सेहत विभाग और पुलिस प्रशासन में दोनों की खूब तारीफ हो रही है। डॉ. मिकी सिविल अस्पताल के इमरजेंसी में ड्यूटी दे रही हैं जहां संक्रमण का सबसे अधिक खतरा रहता है। सिविल अस्पताल में ही कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड स्थित है। यहां 28 मरीजों का इलाज चला। सेहत विभाग ने डॉ. मिकी को गर्भावस्था के लिए छुट्टी की पेशकश की थी लेकिन उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया।
परिवार और पति ने दिया पूरा सहयोग
डॉ. मिकी का कहना है कि उनके ससुराल और मायके परिवार के साथ-साथ पति ने भी उन्हें भरपूर सहयोग दिया। इसके चलते वह इस हालत में भी सेवाएं दे पा रही हैं। मिकी ने कहा कि जब डॉक्टर की पढ़ाई के बाद शपथ ली जाती है तो यही सिखाया जाता है कि हर हालत में अपने कर्म को सबसे पहले रखो उन्होंने वही किया।
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हमने सिर्फ ड्यूटी की
इंस्पेक्टर दविंद्र प्रकाश का कहना है कि उन्होंने और उनकी पत्नी डॉ. मिकी ने सिर्फ ड्यूटी निभाई। यह हमारा फर्ज था। हमने कुछ स्पेशल नहीं किया। हर देशवासी की तरह हम भी अपना किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम दोनों ने फैसला लिया था कि जब तक वह ड्यूटी कर सकती हैं करेंगी।
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सेहत विभाग और पुलिस प्रशासन में दोनों की खूब तारीफ हो रही है। डॉ. मिकी सिविल अस्पताल के इमरजेंसी में ड्यूटी दे रही हैं जहां संक्रमण का सबसे अधिक खतरा रहता है। सिविल अस्पताल में ही कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड स्थित है। यहां 28 मरीजों का इलाज चला। सेहत विभाग ने डॉ. मिकी को गर्भावस्था के लिए छुट्टी की पेशकश की थी लेकिन उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया।
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परिवार और पति ने दिया पूरा सहयोग
डॉ. मिकी का कहना है कि उनके ससुराल और मायके परिवार के साथ-साथ पति ने भी उन्हें भरपूर सहयोग दिया। इसके चलते वह इस हालत में भी सेवाएं दे पा रही हैं। मिकी ने कहा कि जब डॉक्टर की पढ़ाई के बाद शपथ ली जाती है तो यही सिखाया जाता है कि हर हालत में अपने कर्म को सबसे पहले रखो उन्होंने वही किया।
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हमने सिर्फ ड्यूटी की
इंस्पेक्टर दविंद्र प्रकाश का कहना है कि उन्होंने और उनकी पत्नी डॉ. मिकी ने सिर्फ ड्यूटी निभाई। यह हमारा फर्ज था। हमने कुछ स्पेशल नहीं किया। हर देशवासी की तरह हम भी अपना किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम दोनों ने फैसला लिया था कि जब तक वह ड्यूटी कर सकती हैं करेंगी।