फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   coronavirus, lockdown, corona Test in Other Lab, Report Negative

पंजाबः प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर दूसरी लैब से कराए टेस्ट, एसएमओ समेत चार की रिपोर्ट निगेटिव

Wed, 13 May 2020 11:40 AM IST
खुशबू गोयल संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़
संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 13 May 2020 11:40 AM IST
विज्ञापन
coronavirus, lockdown, corona Test in Other Lab, Report Negative
कोरोना वायरस की जांच - फोटो : Amar Ujala
दस मई को सिविल अस्पताल के एसएमओ समेत डेंटल डाक्टर और लैब इंचार्ज पैथोलोजिस्ट के अलावा मेडिकल लैब टेक्नीशियन ग्रेड-1 और ग्रेड-2 के चार कर्मी, एमएलडी कंट्रेक्ट, सेहत विभाग के एक ड्राइवर और सिविल सर्जन के पीए की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यह रिपोर्ट चंडीगढ़ की आईएमटैक लैब से आई थी।
विज्ञापन


नियम के अनुसार, जिस लैब से पहले टेस्ट करवाया गया हो उसी लैब से दोबारा टेस्ट करवाया जाता है। लेकिन सेहत विभाग के नियमों का उल्लंघन कर एसएमओ समेत एक डॉक्टर और दो अन्य कर्मचारियों के सैंपल 10 मई को ही पीजीआई और पटियाला लैब में भेजे। वहां से 11 मई को रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इसके बाद एक विवाद खड़ा हो गया जिसने सेहत विभाग की कार्यप्रणाली और लैब की योग्यता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन


वहीं डीसी इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बता रही है। इसी दौरान कोरोना पॉजिटिव आई एक स्टाफ नर्स ने क्वारंटीन सेंटर से एक आडियो रिकार्डिंग वायरल कर कहा कि चार लोगों के ही सैंपल दोबारा लिए गए हैं जबकि उनके सैंपल दोबारा नहीं लिए जा रहे हैं। उन्हें पहले पॉजिटिव आई उनकी रिपोर्ट के बारे में भी नहीं बताया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चंडीगढ़ लैब से करवाए सैंपलों की दोबारा जांच की मांग

आरटीआई कार्यकर्ता दिनेश चड्ढा ने सवाल उठाए कि चंडीगढ़ लैब से ही ज्यादातर टेस्ट करवाए गए हैं। नांदेड़ साहिब से आए जिन श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के इस लैब से टेस्ट करवाए गए हैं उनके टेस्ट अन्य लैब से करवाए जाने चाहिए। पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट अगले दिन निगेटिव आने से इस लैब की योग्या पर सवाल खड़े हो गए हैं। बड़ा सवाल यह है कि पॉजिटिव आए कई मामलों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं। लैब की कमियों की जांच करवाई जानी चाहिए। जो लैब सही जांच नहीं कर रही उनसे टेस्ट न करवाए जाएं।

उच्च अधिकारियों के ध्यान में ला दिया है मामला
डीसी सोनाली गिरी ने कहा कि सरकारी अस्पताल से प्रोटोकाल का उल्लंघन हुआ है और उन्होंने सारा मामला सेहत विभाग के उच्च अधिकारियों के ध्यान में ला दिया है। सेहत विभाग के कर्मियों के सैंपल पहले 6 मई को चंडीगढ़ लैब को भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट 10 मई को आई। वायरस लोड पर भी निर्भर करता है। हो सकता है कि लोड कम होने के कारण इनकी रिपोर्ट निगेटिव आई हो। यह भी हो सकता है कि सैंपल सही नहीं लिया गया हो। छह हेल्थ वर्करों के आईएमटेक लैब से ही दोबारा टेस्ट करवाए जा रहे हैं।

नियमों के अनुसार, जिस लैब से एक बार टेस्ट करवाया हो, उसी लैब से दोबारा टेस्ट करवाया जा सकता है। चार केसों में प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है लेकिन बाकी टेस्टों पर कोई शंका नहीं है। पहले पॉजिटिव आए लोगों को पॉजिटिव ही माना जा रहा है। इसी लैब से निगेटिव रिपोर्ट आने इन्हें निगेटिव माना जाएगा। दो दिन में इनके सैंपलों की रिपोर्ट आने से साफ हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed