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पंजाबः अब 5 मिनट में होगी कोरोना वायरस की जांच! जालंधर और मोहाली पहुंचीं रैपिड टेस्ट किट
Tue, 14 Apr 2020 08:26 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर ( पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर ( पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 14 Apr 2020 08:26 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : social media
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जालंधर सिविल अस्पताल में कोरोना वायरस की जांच के लिए 500 रैपिड टेस्ट किट पहुंच गई हैं। इस किट से पांच मिनट में साफ हो जाएगा कि मरीज कोरोना से संक्रमित है या नहीं। जालंधर और मोहाली में कोरोना संक्रमित ज्यादा हैं, इसलिए दोनों जिलों को फिलहाल 500-500 किट दी गई हैं। अब रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर मरीज को तुरंत आइसोलेशन वार्ड से कोरोना वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद उसका सैंपल लेकर अमृतसर मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
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कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. टीपी सिंह के मुताबिक जब भी कोई व्यक्ति किसी वायरस का शिकार होता है तो उसके शरीर में उस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनती हैं। रैपिड टेस्ट में उन्हीं एंटीबॉडीज का पता लगाया जाता है। शुगर टेस्ट की तरह व्यक्ति की अंगुली से महज एक-दो बूंद खून की जरूरत होती है। इससे ये पता चल जाता है कि हमारे इम्युन सिस्टम ने वायरस को बेअसर करने के लिए एंटीबॉडीज बनाए हैं या नहीं।
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कोरोना वायरस का संक्रमण पता लगाने के लिए रियल टाइम पीसीआर टेस्ट किया जा रहा है, जिसमें मरीजों के गले व नाक से स्वैब सैंपल लिया जाता है, जो आरएनए पर आधारित होता है। इस टेस्ट में मरीज के शरीर में वायरस के आरएनए जीनोम के सबूत खोजे जाते हैं। इसमें दो दिन का समय लग रहा है।
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अब रैपिड टेस्ट शुरू हो जाएगा। अगर व्यक्ति पॉजिटिव आता है तो हो सकता है कि वह व्यक्ति कोविड-19 का मरीज हो। ऐसे में उसे घर में ही आइसोलेशन में रहने या फिर अस्पताल में रखने की सलाह दी जाएगी। डॉ. टीपी सिंह के मुताबिक इस किट का इस्तेमाल तभी होगा जब मरीज सात दिन आइसोलेशन में रहेगा क्योंकि एंटीबॉडीज मानव शरीर में बनने में वक्त लगता है। अगर यह टेस्ट पॉजिटिव आ जाता है तो फिर उसका रियल टाइम पीसीआर टेस्ट किया जाएगा।