'रेड जोन' में आये चंडीगढ़ में कल से हट सकता है कर्फ्यू, लेकिन 17 तक जारी रहेगी लॉकडाउन
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चंडीगढ़ को रेड जोन में शामिल किया गया है, लेकिन बीते करीब डेढ़ महीने से चंडीगढ़ में लगा कर्फ्यू कल से हटाया जा सकता है। वहीं केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार 17 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। शहरवासियों को कुछ राहत देने के मकसद से प्रशासन इस संबंधी कार्य कर रहा है। शुक्रवार को केंद्र सरकार की तरफ से जारी विभिन्न दिशा-निर्देशों के अनुसार इसकी संभावनाएं बढ़ गई हैं। हालांकि, इस पर आखिरी फैसला प्रशासक वीपी सिंह बदनौर लेंगे।
एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि शुक्रवार को केंद्र सरकार की तरफ से कई दिशा-निर्देश मिले हैं, जिन पर चर्चा की जा रही है। शहरवासियों को कुछ राहत देने के लिए शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने पर विचार चल रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन को दो हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया है, इसलिए शहर में भी लॉकडाउन जारी रहेगा, लेकिन कर्फ्यू को हटाया जाएगा या नहीं, इस पर आखिरी फैसला प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ही लेंगे।
सूत्रों के अनुसार प्रशासन पूरे शहर में घोषित किए गए कंटेनमेंट जोन के दायरे को घटाने पर विचार कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि रेड जोन केंद्र सरकार ने तय किया है, लेकिन रेड जोन के अंदर कंटेनमेंट जोन को तय करने का अधिकार स्थानीय प्रशासन का है। ऐसे में प्रशासन शहर के जिन प्रभावित जोन में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले सामने आए हैं, उन्हें प्रभावित एरिया घोषित कर शहर के बाकी हिस्सों को छूट दे सकता है। अगर ऐसा होता है तो तीन मई के बाद शहर के कई हिस्से जहां कोरोना का कोई भी मामला नहीं है, उन्हें कई रियायतें मिल सकती हैं।
बापूधाम के 2541 घरों के 11,153 लोगों की हुई स्क्रीनिंग
शुक्रवार को भी बापूधाम में कोरोना के नए मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने बापूधाम में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पहुंची टीमों ने लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की और फिर उनसे कुछ जानकारियां लीं, जैसे कि उन्हें खांसी जुकाम व अन्य कोई समस्या है या नहीं।
इसके बाद उनके मोबाइल नंबर लेकर वहां से चले गए। इस पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि बापूधाम का हर व्यक्ति डरा हुआ है, ऐसे में उनसे खांसी-जुकाम पूछकर प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉ. जी. दीवान ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ हुई बैठक में बताया कि बापूधाम में शुक्रवार को 2541 घरों के 11,153 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।
सेक्टर-15ए सील नहीं, सिर्फ कुछ घर किये क्वारंटीन: स्वास्थ्य सचिव
स्वास्थ्य सचिव अरुण गुप्ता ने बताया कि अभी तक शहर के सिर्फ छह पॉकेट को सील किया गया है, जिसमें बापूधाम कॉलोनी, सेक्टर-30बी का कुछ हिस्सा, धनास कच्ची कॉलोनी, शास्त्री नगर का कुछ हिस्सा, सेक्टर 38 का कुछ हिस्सा और सेक्टर-52 का कुछ हिस्सा। उन्होंने सेक्टर-15ए को सील करने की खबरों को अफवाह करार दिया। कहा कि सेक्टर-15ए को सील नहीं किया गया है। जिस घर में कोरोना का मरीज सामने आया है, सिर्फ उसके नजदीक के कुछ घरों को क्वारंटीन किया गया है।
पड़ोसी राज्य कोरोना की जांच किए बगैर भेज रहे मरीज
शहर के चिकित्सा संस्थानों के डॉक्टरों ने प्रशासक बदनौर को बताया है कि पड़ोसी राज्य कोरोना की जांच किये बगैर इमरजेंसी में मरीजों को भेज रहे हैं, जिससे कि खतरा बना हुआ है। प्रशासक ने ऐसे मामलों की लिस्ट तैयार करने को कहा है, ताकि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को उठाया जा सके। बैठक में नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने बताया कि गर्मियों के दौरान पानी की कमी न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रबंध किए जा रहे हैं।
होम आइसोलेशन पर जा सकते हैं कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीज
यूटी के स्वास्थ्य सचिव अरुण गुप्ता ने बताया कि कोरोना के ज्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि मरीजों में हल्के लक्षण होते हैं। ऐसे मरीजों के भारत सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसे चंडीगढ़ फॉलो करेगा। इसके तहत जिन लोगों में कोरोना वायरस के हल्के लक्षण हैं या वे पूर्व-लक्षण अवस्था में हैं, तो वे घर पर खुद को होम आइसोलेशन में रखने का विकल्प चुन सकते हैं। अस्पताल की तरफ से उन्हें घर जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस विकल्प को चुनने के लिए मरीज के घर पर सेल्फ-आइसोलेशन की सुविधा होना अनिवार्य है।