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88 की उम्र में बना रहीं मास्क, बोलीं- देश का बंटवारा देखा, बम और युद्ध से बचे, कोरोना से भी बच जाएंगे

Fri, 24 Apr 2020 10:15 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली ( पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली ( पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 24 Apr 2020 10:15 PM IST
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Coronavirus: 88 year old woman from Mohali stitching masks for the needy
भूपिंदर कौर बेदी - फोटो : अमर उजाला

मोहाली की 88 वर्षीय बुजुर्ग एवं भारतीय सेना के जवान की पत्नी कोरोना को मात देने के लिए एक योद्धा की तरह ही काम कर रही हैं। संकट की इस घड़ी में वह रोजाना सौ से ज्यादा मास्क तैयार कर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा रही हैं, ताकि लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सके। इस दौरान उनका जोश भी देखते ही बनता है। 

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इस बारे में बातचीत करते हुए फेज-1 निवासी बुजुर्ग भूपिंदर कौर बेदी ने साफ कहा कि हमने देश का बंटवारा और युद्ध देखा है। हम बम और हवाई हमलों से बच गए थे। इसी तरह अब हम इस संकट से भी उबरेंगे और हमारा देश तरक्की करेगा। भूपिदंर कौर बेदी ने बताया कि वह भारतीय सेना के जवान की पत्नी हैं। वहीं, तीन डॉक्टर बेटों की मां भी हैं। उनकी तीन बहुएं और एक पोता भी डॉक्टर है। 
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उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्हें यह जानकर काफी चिंता हुई कि डॉक्टर और हेल्थकेयर वर्कर्स को भी मास्क की कमी आ रही है। उन्हें खुद मास्क खरीदने पड़ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने मास्क का एक सैंपल देखा, उन्हें लगा कि मास्क बनाने का काम तो बहुत ही आसान है। इसके बाद उन्होंने मास्क बनाने शुरू कर दिए। हालांकि दुकानें बंद होने के कारण नए कपड़े लेने में उन्हें मुश्किल भी आई। ऐसे में वह कुछ पुराने कपड़े के टुकड़े और अपने बंच्चों के लिए रखे कुछ नए सूती कपड़े भी इस्तेमाल कर मास्क तैयार कर रही हैं।

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शादी में मिली मशीन बनी जंग का हथियार

भूपिंदर कौर बेदी ने बताया कि कोरोना जंग काफी हटकर है। इसमें हमारा दुश्मन बिल्कुल अदृश्य है। ऐसे में इस जंग को जीतने के लिए वह जिस मशीन प्रयोग कर रही हैं, वह भी बड़ी खास है। मास्क को सिलने के लिए इस्तेमाल कर रही मशीन उन्हें शादी में मिली थी। उन्होंने बताया कि सुबह वह अपनी बहू वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के साथ मिलकर मास्क बनाती हैं।

ऐसे पहुंचाती है जरूरतमंदों तक मास्क
बुजुर्ग महिला ने बताया कि शुरू में उन्होंने अपने डॉक्टर बेटे एचएस बेदी को मास्क बांटने को दिए। उनका बेटा एक नामी प्राइवेट अस्पताल में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ है। बाद में उन्होंने गरीब लोगों को मास्क देने शुरू किए। वह अपने मास्क हर एक जरूरतमंदों को दे रही हैं। कोशिश यही है कि सब महामारी से बच पाएं।

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