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कोरोना के चलते पेट रोगों के बढ़ने लगे मरीज अलग वार्ड बनाने की तैयारी, एक दिन में आ रहे हैं 20 से 25 मरीज
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चंडीगढ़। कोरोना के साथ ही पेट संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। सबसे ज्यादा मरीज गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच) सेक्टर-16 की इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं। एक दिन में 20 से 25 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
ऐसी स्थिति में इमरजेंसी में कोरोना के संदिग्ध मरीजों के साथ इनको रखना खतरनाक साबित हो सकता है। इसे गंभीरता से लेते हुए डायरेक्टर हेल्थ डॉ. जी दीवान ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल के साथ इमरजेंसी के साथ बने 6 मंजिला भवन का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया।
उन्होंने बताया कि 6 मंजिला बिल्डिंग में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में से एक वार्ड को किसी दूसरे भवन में शिफ्ट कर वहां पर गैस्ट्रो के मरीजों के लिए वार्ड बनाया जाएगा ताकि इमरजेंसी में आने पर तत्काल इलाज मुहैया कराया जा सके। अस्पताल में कोरोना के संदिग्ध मरीजों की ज्यादा संख्या होने के कारण मेडिसिन के साथ ही सर्जरी और अन्य विभागों के मरीजों के इलाज में परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए कुछ दिनों पहले संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें मानक के अनुसार घरेलू एकांतवास करने की सुविधा शुरू की गई है। जीएमएसएच-16 से अब तक डेढ़ सौ से ज्यादा संदिग्ध मरीज घरेलू एकांतवास किए जा चुके हैं। उनका लगातार समाचार भी किया जा रहा है।
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ऐसी स्थिति में इमरजेंसी में कोरोना के संदिग्ध मरीजों के साथ इनको रखना खतरनाक साबित हो सकता है। इसे गंभीरता से लेते हुए डायरेक्टर हेल्थ डॉ. जी दीवान ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल के साथ इमरजेंसी के साथ बने 6 मंजिला भवन का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया।
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उन्होंने बताया कि 6 मंजिला बिल्डिंग में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में से एक वार्ड को किसी दूसरे भवन में शिफ्ट कर वहां पर गैस्ट्रो के मरीजों के लिए वार्ड बनाया जाएगा ताकि इमरजेंसी में आने पर तत्काल इलाज मुहैया कराया जा सके। अस्पताल में कोरोना के संदिग्ध मरीजों की ज्यादा संख्या होने के कारण मेडिसिन के साथ ही सर्जरी और अन्य विभागों के मरीजों के इलाज में परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए कुछ दिनों पहले संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें मानक के अनुसार घरेलू एकांतवास करने की सुविधा शुरू की गई है। जीएमएसएच-16 से अब तक डेढ़ सौ से ज्यादा संदिग्ध मरीज घरेलू एकांतवास किए जा चुके हैं। उनका लगातार समाचार भी किया जा रहा है।
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