{"_id":"5eb9af778ebc3e9087285dcd","slug":"corona-s-report-negative-today-will-be-prof-shankarji-jha-s-funeral-chandigarh-news-pkl3748795129","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव, आज होगा प्रो. शंकरजी झा का अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव, आज होगा प्रो. शंकरजी झा का अंतिम संस्कार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व डीयूआई प्रो. शंकरजी झा की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। उनका अंतिम संस्कार 12 मई को सेक्टर 25 स्थित श्मशान घाट में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में गाइड लाइन के मुताबिक ही लोग होंगे। 20 से 25 लोगों की ही उपस्थिति होगी।
पूर्व डीयूआई प्रो. शंकरजी का निधन रविवार की रात 10 बजे हुआ था। वह वॉशरूम में गए थे तो अचानक गिर पड़े। परिजनों उन्हें लेकर पीजीआई पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने हार्टअटैक से उनका निधन होना बताया, लेकिन अंदेशा यह भी था कि कहीं कोरोना तो नहीं हुआ हो। उसके बाद सोमवार को उनका सैंपल जांच के लिए लिया गया। उसकी रिपोर्ट परिजनों को शाम तक मिली। पता लगा कि रिपोर्ट निगेटिव आई है।
प्रो. शंकरजी झा के बेटे केशव झा ने बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार 12 मई को किया जाएगा। उनके निधन की सूचना जिसको भी मिली सभी लोग स्तब्ध थे। वह विद्यार्थियों के विशेष स्नेह रखते थे। हर दिन वह विद्यार्थियों के सवालों के जवाब फोन से ही देते थे। हर किसी का कॉल उठाते थे। हाथ जोड़कर नमस्कार करना उनकी आदत में शुमार था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व डीयूआई प्रो. शंकरजी का निधन रविवार की रात 10 बजे हुआ था। वह वॉशरूम में गए थे तो अचानक गिर पड़े। परिजनों उन्हें लेकर पीजीआई पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने हार्टअटैक से उनका निधन होना बताया, लेकिन अंदेशा यह भी था कि कहीं कोरोना तो नहीं हुआ हो। उसके बाद सोमवार को उनका सैंपल जांच के लिए लिया गया। उसकी रिपोर्ट परिजनों को शाम तक मिली। पता लगा कि रिपोर्ट निगेटिव आई है।
विज्ञापन
प्रो. शंकरजी झा के बेटे केशव झा ने बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार 12 मई को किया जाएगा। उनके निधन की सूचना जिसको भी मिली सभी लोग स्तब्ध थे। वह विद्यार्थियों के विशेष स्नेह रखते थे। हर दिन वह विद्यार्थियों के सवालों के जवाब फोन से ही देते थे। हर किसी का कॉल उठाते थे। हाथ जोड़कर नमस्कार करना उनकी आदत में शुमार था।
विज्ञापन