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कोरोना का कहर : दिल्ली में बिगड़ रहे हालात, नहीं मिल रहे बेड, हरियाणा के अस्पतालों का रुख कर रहे मरीज
Fri, 16 Apr 2021 12:28 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 16 Apr 2021 12:28 PM IST
सार
हरियाणा में ही रोजाना 5 हजार अधिक नए केस मिल रहे हैं और इधर दिल्ली में बेड नहीं मिलने पर वहां के मरीजों ने प्रदेश के अस्पतालों का रुख कर लिया है।
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दिल्ली से कोरोना मरीज आकर हरियाणा में हो रहे भर्ती।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
कोरोना संक्रमण की दूसरी घातक लहर के बीच दिल्ली में बिगड़ते हालात का असर आने वाले दिनों में हरियाणा के अस्पतालों में भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, प्रदेश सरकार का दावा है कि हरियाणा में पर्याप्त मात्रा में बेड और आईसीयू वेंटिलेटर हैं। लेकिन एक तो प्रदेश में ही रोजाना 5 हजार अधिक नए केस मिल रहे हैं और इधर दिल्ली में बेड नहीं मिलने पर वहां के मरीजों ने प्रदेश के अस्पतालों का रुख कर लिया है। एनसीआर के जिले गुरुग्राम व फरीदाबाद के साथ साथ जीटी बेल्ट के जिलों में मजबूरी के चलते दिल्ली के मरीज आने शुरू हो गए हैं। कुछ इसी प्रकार के हालात पिछले साल सितंबर माह में हुए थे।
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प्रदेश में 2100 आईसीयू बेड, एक्टिव केस 27 हजार
सरकार ने करीब 2100 आईसीयू बेड की व्यवस्था की है और इस समय करीब 360 मरीज आईसीयू में दाखिल हैं। प्रदेश में कुल क्वारंटीन बेड 45 हजार हैं और आइसोलेट बेड 11500 हैं। प्रदेश में 181 समर्पित कोविड हेल्थ सेंटर, 526 कोविड केयर सेंटर और 43 कोविड अस्पताल हैं। अहम बात ये है कि इस समय हरियाणा में एक्टिव केसों की संख्या 27 हजार के पास पहुंच गई है।
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जानकार व रिश्तेदार बन रहे मददगार
एनसीआर समेत, सोनीपत, पानीपत और करनाल तक में दिल्ली के मरीज दस्तक देने लगे हैं। रिश्तेदारों व जानकारों को फोन करके मदद ली जा रही है। पानीपत निवासी रवि कुमार ने बताया दिल्ली में बेड नहीं मिल रहा था, इसलिए उसने अपने रिश्तेदार को पीजीआई रोहतक में दाखिल कराया है।
करनाल के किशोर ने बताया कि वह यहीं नौकरी करता है। दिल्ली में उसके पिता को बेड नहीं मिला तो उनको यहीं पर बुला लिया। वहीं कोविड-19 के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी का कहना है कि जहां बेड मिलते हैं, मरीज वहीं आते हैं। पिछले साल भी काफी संख्या में दिल्ली के लोग यहां इलाज के लिए आए थे।
करनाल के किशोर ने बताया कि वह यहीं नौकरी करता है। दिल्ली में उसके पिता को बेड नहीं मिला तो उनको यहीं पर बुला लिया। वहीं कोविड-19 के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी का कहना है कि जहां बेड मिलते हैं, मरीज वहीं आते हैं। पिछले साल भी काफी संख्या में दिल्ली के लोग यहां इलाज के लिए आए थे।