लापरवाही : चंडीगढ़ में कोरोना मरीजों का एक साथ हो रहा इलाज, पांच फुट की प्लास्टिक शीट का सहारा
- चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल में उड़ रही कोरोना मानकों की धज्जियां
- एक ही वार्ड में भर्ती किए कोरोना संक्रमित 18 मरीज
- परिजनों के आने जाने पर भी कोई रोक नहीं
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एक तरफ कोरोना के मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या ने चंडीगढ़ के स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की नींद उड़ी हुई है, वहीं दूसरी तरफ चंडीगढ़ के सेक्टर 32 के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में संक्रमण से बचाव के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। स्थिति यह है कि जीएमसीएच- 32 के ए ब्लॉक में कोरोना के मरीजों को जनरल वार्ड में एक साथ भर्ती करने की व्यवस्था की गई है।
उस वार्ड में मरीजों के साथ ही उनके परिजन भी वहां रहकर उनकी देखभाल कर रहे हैं। वार्ड में एक साथ कोरोना के 18 मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें से कुछ की स्थिति बेहद गंभीर है तो कुछ की सामान्य, लेकिन उन सबको एक छत तले रखकर सभी को गंभीर स्थिति में धकेलने का काम किया जा रहा है। संक्रमण को काबू में करने के लिए केवल एक प्लास्टिक स्क्रीन का सहारा लिया जा रहा है।
कोविड मरीजों की स्थिति टीबी मरीजों से कम खतरनाक आंक रहा अस्पताल
अस्पताल में कोविड के मरीजों की स्थिति टीबी के मरीजों से कम खतरनाक आंकी जा रही है। अस्पताल में टीबी के मरीजों के लिए अलग अलग केबिन बनाए गए हैं जबकि कोविड-19 के मरीजों को जनरल वार्ड में एक साथ भर्ती रखा गया है। इतना ही नहीं वहां परिजनों का आना जाना भी आम है।
पांच फुट की प्लास्टिक स्क्रीन से बचाव
अस्पताल के ए ब्लॉक स्थित पांचवीं मंजिल के एरिया 53 में बनाए गए कोविड-19 वार्ड में मरीजों और नर्सिंग ऑफिसर के बीच में 5 फुट की प्लास्टिक स्क्रीन लगाकर संक्रमण को रोकने का प्रयास किया जा रहा है जबकि वहां सभी मरीज एक दूसरे के संपर्क में खुलेआम आ रहे हैं। वार्ड में 24 घंटे पंखा चलाया जा रहा है। ऐसे में 5 फीट की प्लास्टिक की स्क्रीन से संक्रमण को काबू करने का प्रयास निरर्थक साबित हो रहा है, क्योंकि वहां कोई मरीज हांफ रहा है तो कोई खांस रहा है और उनका संक्रमण हवा के माध्यम से पूरे वार्ड में फैल रहा है।
परिजनों का भी प्रवेश
मानकों की अनदेखी का आलम यह है कि कोविड-19 के मरीजों के साथ ही उनके परिजनों को भी वार्ड में प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि वहां उनके परिजनों पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। यह सब अस्पताल प्रशासन की आंख के सामने हो रहा है।
कोविड-19 से बचाव के मानकों का पालन करते हुए जीएमसीएच- 32 में मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। अगर कहीं उसकी अनदेखी हो रही है तो उसे चेक करके तत्काल स्थिति मानक के अनुसार की जाएगी। -डॉ जसविंदर कौर, डायरेक्टर प्रिंसिपल जीएमसीएच- 32