फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Corona Effect: 95% drop in petro chemical sale, petrol, diesal, lockodwn

कोरोना इफेक्ट: पेट्रोल-डीजल की बिक्री 95% गिरी, चंडीगढ़ को एक माह में 30 करोड़ का नुकसान

Wed, 29 Apr 2020 01:53 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 29 Apr 2020 01:53 PM IST
विज्ञापन
Corona Effect: 95% drop in petro chemical sale, petrol, diesal, lockodwn
सांकेतिक तस्वीर
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। ऐसे में शहर के पेट्रोल पंप सूने पड़े हैं और पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री में 95 फीसदी तक की गिरावट आ गई है। बिक्री नहीं होने के कारण यूटी प्रशासन को भी वैट के रूप में मिलने वाले लगभग 30 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है। हालात को देखते हुए पेट्रोल पंप संचालकों ने भी ड्यूटी स्टाफ में 50 फीसदी की कटौती कर दी है।
विज्ञापन


बता दें कि चंडीगढ़ में कुल 38 पेट्रोल पंप हैं। इन पेट्रोल पंपों पर कर्फ्यू से पहले एक माह में पेट्रोल की बिक्री लगभग 1.30 करोड़ लीटर और डीजल की सेल 10 लाख लीटर होती थी, लेकिन अब पेट्रोल-डीलज की बिक्री में 95 फीसदी तक की गिरावट आ गई है। मात्र 5 फीसदी सेल रहने के कारण पंप संचालक भी खासे परेशान हैं। सेल नहीं होने के कारण संचालकों ने मजबूरी में अपने स्टाफ को आधा कर दिया है। वहीं, इससे यूटी प्रशासन का राजस्व भी घट गया है।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, अब तक यूटी प्रशासन को करीब 30 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। बता दें कि यूटी में प्रति लीटर पेट्रोल पर 17.45 प्रतिशत का वैट लगता है, जो एक लीटर पर करीब 11.48 रुपये बनता है जबकि डीजल पर 9.02 प्रतिशत वैट लगाया जाता है, जो प्रति लीटर 5.35 रुपये बनता है। सामान्य तौर पर यूटी को पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री से एक माह में लगभग 30 करोड़ के बीच वैट मिलता था, लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण पेट्रोल डीजल की बिक्री नहीं हो पा रही, उससे प्रशासन को वैट नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएनजी की खपत हुई जीरो
कर्फ्यू के कारण शहर में किसी तरह का पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। ऑटो और टैक्सी में अधिकांशत: सीएनजी का प्रयोग किया जाता है, लेकिन अब कर्फ्यू के कारण नहीं चल पाने के कारण सीएनजी की खपत एक सप्ताह से जीरो पहुंच गई है। प्रदूषण चेकिंग सर्विस को लेकर भी प्रशासन की तरफ से राहत दी गई है तो वह भी लगभग बंद ही पड़ी है।


हमारे पेट्रोल पंप पर 13 हजार लीटर पेट्रोल और 11 हजार लीटर डीजल की बिक्री प्रति माह थी जो अब घटकर 1200 लीटर पेट्रोल की ही रह गई है। इसी तरह डीजल की बिक्री में भी इतनी ही गिरावट आई है। सभी पेट्रोल पंपों पर स्टाफ भी 50 प्रतिशत कम कर दिया गया है।
- अमनप्रीत सिंह, पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed