{"_id":"60a817db8ebc3e7fcc23bb88","slug":"corona-cases-reduced-now-new-patients-will-not-be-admitted-in-sood-dharamshala-and-dhanvantari-chandigarh-news-pkl414106148","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के केस हुए कम, अब सूद धर्मशाला और धनवंतरी में नहीं भर्ती होंगे नए मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना के केस हुए कम, अब सूद धर्मशाला और धनवंतरी में नहीं भर्ती होंगे नए मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। शहर में कोरोना के घटते केसों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने फैसला लिया है कि अब कम गंभीर मरीजों को सूद धर्मशाला और धन्वंतरि अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाएगा। जो डॉक्टर, नर्स और स्टाफ सूद धर्मशाला और धन्वंतरि अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे, अब उनकी जीएमसीएच-32 और सेक्टर-48 के अस्पताल में ड्यूटी लगाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि शहर में अब कई मिनी कोविड केयर सेंटर बन गए हैं, जहां पर पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन बेड उपलब्ध है।
जीएमसीएच-32 के इंचार्ज व चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने शुक्रवार को जीएमसीएच-32 के अधिकारियों के साथ एक बैठक की और विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। सूद धर्मशाला व धन्वंतरि को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों अस्पतालों को बैकअप के लिए रखा जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो मरीजों को यहां पर फिर से भर्ती कर किया जाएगा।
बैठक में यह भी फैसला हुआ कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर से पहले शहर में अतिरिक्त मोर्चरी की आवश्यकता है। इसे देखते हुए यशपाल गर्ग ने आदेश जारी किया है कि बिना किसी देरी के एक शॉर्ट टेंडर लगाया जाए। जीएमसीएच-32 के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने जैम पोर्टल पर टेंडर करने की कोशिश की, लेकिन वहां पर कोई भी कंपनी मोर्चरी बनाने के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके बाद उन्होंने कई अन्य कंपनियों से भी टेलीफोन पर संपर्क किया और उन्हें जेम पोर्टल पर आने के लिए कहा ताकि वह टेंडर लगा सकें, लेकिन वह कंपनियां राजी नहीं हुईं। बैठक में मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन के लिए अतिरिक्त फंड और खराब वेंटिलेटर पर भी चर्चा की गई। जीएमसीएच-32 की निदेशक ने बताया स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उन्हें दो से तीन दिनों में 10 नए वेंटिलेटर मिल जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीएमसीएच-32 के इंचार्ज व चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने शुक्रवार को जीएमसीएच-32 के अधिकारियों के साथ एक बैठक की और विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। सूद धर्मशाला व धन्वंतरि को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों अस्पतालों को बैकअप के लिए रखा जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो मरीजों को यहां पर फिर से भर्ती कर किया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक में यह भी फैसला हुआ कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर से पहले शहर में अतिरिक्त मोर्चरी की आवश्यकता है। इसे देखते हुए यशपाल गर्ग ने आदेश जारी किया है कि बिना किसी देरी के एक शॉर्ट टेंडर लगाया जाए। जीएमसीएच-32 के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने जैम पोर्टल पर टेंडर करने की कोशिश की, लेकिन वहां पर कोई भी कंपनी मोर्चरी बनाने के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके बाद उन्होंने कई अन्य कंपनियों से भी टेलीफोन पर संपर्क किया और उन्हें जेम पोर्टल पर आने के लिए कहा ताकि वह टेंडर लगा सकें, लेकिन वह कंपनियां राजी नहीं हुईं। बैठक में मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन के लिए अतिरिक्त फंड और खराब वेंटिलेटर पर भी चर्चा की गई। जीएमसीएच-32 की निदेशक ने बताया स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उन्हें दो से तीन दिनों में 10 नए वेंटिलेटर मिल जाएंगे।
विज्ञापन