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Chandigarh News: पीजीआई में चार साल बाद आयोजित होने जा रहा दीक्षांत समारोह
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चंडीगढ़। पीजीआई में चार साल के लंबे इंतजार के बाद दो नवंबर को दीक्षांत समारोह होने जा रहा है। इसमें चार वर्षों के दौरान संस्थान से पासआउट लगभग 1000 एमडी-एमएस के छात्रों को डिग्रियां दी जाएंगी। इसके साथ बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पदक भी दिए जाएंगे। दीक्षांत समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार मुख्य अतिथि होंगी। इससे पहले पीजीआई में 2019 में दीक्षांत समारोह हुआ था। उसके बाद कोविड के चलते आयोजन पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, छात्र लगातार दीक्षांत समारोह करवाने की मांग कर रहे थे क्योंकि संस्थान से पासआउट छात्रों को दूसरे संस्थानों में प्रवेश और नौकरियों के लिए ओरिजिनल सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ रही थी। इसे देखते हुए पीजीआई प्रशासन ने दीक्षांत समारोह का आयोजन न कर पाने की स्थिति में उन छात्रों को सर्टिफिकेट की ओरिजिनल कॉपी कूरियर के माध्यम से उपलब्ध कराई थी। पीजीआई प्रशासन के अनुसार जिन छात्रों ने पहले ही अपने ओरिजिनल सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिए हैं, उन्हें इस समारोह में नहीं बुलाया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आना संभव नहीं
पीजीआई प्रशासन के अनुसार दीक्षांत समारोह के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व संस्थान के अध्यक्ष मनसुख मांडविया को आमंत्रित करने का प्रयास किया गया था लेकिन छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार की अहम जिम्मेदारी मिलने के कारण वे नहीं आ सकेंगे, इसलिए केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। बता दें कि इससे पहले 2019 में आयोजित 35वें दीक्षांत समारोह में संस्थान के तत्कालीन अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रहे जेपी नड्डा ने 1,886 छात्रों को डिग्री दी थीं। इसमें 35 स्वर्ण, 92 रजत और 95 कांस्य पदक विजेताओं को सम्मानित भी किया गया था।
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पीजीआई प्रशासन के अनुसार दीक्षांत समारोह के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व संस्थान के अध्यक्ष मनसुख मांडविया को आमंत्रित करने का प्रयास किया गया था लेकिन छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार की अहम जिम्मेदारी मिलने के कारण वे नहीं आ सकेंगे, इसलिए केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। बता दें कि इससे पहले 2019 में आयोजित 35वें दीक्षांत समारोह में संस्थान के तत्कालीन अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रहे जेपी नड्डा ने 1,886 छात्रों को डिग्री दी थीं। इसमें 35 स्वर्ण, 92 रजत और 95 कांस्य पदक विजेताओं को सम्मानित भी किया गया था।
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