खालिस्तानी समर्थक गोपाल चावला के फोटो से सियासत गर्म, नवजोत सिद्धू पर विपक्ष ने साधा निशाना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खालिस्तान समर्थक और हाफिज सईद के करीबी पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव गोपाल सिंह चावला ने अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर दो फोटो शेयर कर भारत में सियासत को गर्मा दिया। सुबह करीब सात बजे गोपाल चावला ने अपने फेसबुक पेज पर पंजाब के स्थानीय निकायमंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के साथ फोटो अपलोड की और कमेंट किया कि विद सिद्धू पाजी... इसके बाद 9 बजे एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल के साथ फोटो अपलोड की और कमेंट लिखा कि विद प्रधान एसजीपीसी। दोनों फोटो तेजी से वायरल हुए और राजनीति गर्मा गई।
करतारपुर कॉरिडोर निर्माण के नींव पत्थर के दौरान पाकिस्तान में 28 नवंबर को गोपाल सिंह चावला पाक सेना प्रमुख बाजवा के साथ दिखाई दिया था। चावला की 26/11 मुंबई हमलों के साजिशकर्ता हाफिज सईद के साथ की एक तस्वीर पहले ही वायरल हो चुकी है। शिलान्यास समारोह में चावला ने पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से हाथ भी मिलाया था। चावला की तस्वीर पाक पीएम इमरान खान के साथ ग्रुप में भी वायरल हुई। इसी ग्रुप में पाक आर्मी चीफ, भारतीय केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, हरसिमरत कौर बादल और नवजोत सिंह सिद्धू भी हैं।
सिरसा ने लगातार टवीट् कर बोला सिद्धू पर करारा हमला
अकाली नेता और विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्विटर पर फोटो शेयर करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह कहकर पाक का दौरा करने से मना कर दिया था कि पाक भारत और पंजाब के खिलाफ गतिविधियों का समर्थन करता हैं। उनके अपने ही मंत्री नवजोत सिंह उनकी इच्छा के खिलाफ वहां जाते हैं और गोपाल सिंह चावला के साथ फोटो खिंचवाते हैं, जो हाफिज सईद का करीबी और भारत विरोधी है तो क्या कैप्टन अपने इस गैरजिम्मेदार मंत्री को हटाएंगे।
धर्मसोत ने जताई निराशा
पाकिस्तान में सिद्धू की चावला के साथ मुलाकात पर कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने निराशा जताई। उन्होंने कहा कि सिद्धू को पहले तो अपने मुख्यमंत्री की बात मान कर वहां जाना ही नहीं चाहिए था, और देश के खिलाफ जो लोग हैं उनसे गले मिलना बहुत बुरी बात है। यह निराशा भरा कदम है।
मंच से चावला ने लगवाए नारे तो हरसिमरत कौर और पुरी क्यों थे चुप : चावला
पूर्व सेहतमंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि खालिस्तानी आतंकी गोपाल सिंह चावला भी उसी मंच पर मौजूद था जिस मंच पर भारत के दो केंद्रीय मंत्री और पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू मौजूद थे। उन्होंने कहा कि चावला न केवल मंच पर मौजूद था बल्कि वह खालिस्तान के नारे भी लगवा रहा था। वहां से केंद्रीय मंत्रियों को उठकर निकल आना चाहिए था। भारतीय नेतागण गुरु घर में प्रणाम करके गोपाल सिंह चावला की उपस्थिति का विरोध दर्ज करवाते और वहां से उठकर चले आते। दर्द तो इस बात का है कि तीनों नेताओं में से किसी ने चावला की उपस्थिति का विरोध नहीं जताया और न ही खालिस्तानी नारों के विरोध में एक भी शब्द कहा।
सिद्धू पाकिस्तान की नागरिकता ले लें : मलिक
पंजाब भाजपा के प्रधान श्वेत मलिक ने कहा कि सिद्धू को पाकिस्तान से अधिक प्रेम है, तो उन्हें वहां की नागरिकता ले लेनी चाहिए। सिद्धू के पाकिस्तान प्रेम को देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा करार देते हुए मलिक ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस मसले पर चुप क्यों हैं।
शाम को पलटे अकाली, फोटो पर आपत्ति नहीं
गुरुवार सुबह जहां मनजिंदर सिरसा ने सिद्धू के खिलाफ जमकर सियासी तीर चलाते हुए उनको मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग कर डाली, वहीं शाम चार बजे अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि फोटो पर कोई आपत्ति नहीं है। फोटो तो कोई भी किसी के साथ खिंचवा सकता है। जिस ढंग से इमरान खान सिद्धू को हथियार बनाकर इस्तेमाल कर रहे हैं, वह भारत के लिए खतरा है।
जाखड़ उतरे सिद्धू के हक में
इस पूरे मामले में पीपीसीसी प्रधान सुनील जाखड़ खुलकर सिद्धू के हक में आ गए। उन्होंने कहा कि जो लोग सिद्धू को गद्दार कहते थे, वह सिद्धू के साथ पाकिस्तान चले गए। सिद्धू पर प्रहार करने या इस्तीफा मांगने से पहले अकाली दल तय करे कि वह एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल का इस्तीफा भी लेगा?
यह है गोपाल सिंह...
गोपाल सिंह चावला पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का महासचिव है। उसे 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी माना जाता है। 21 और 22 नवंबर को भारतीय उच्चायोग के राजनयिक अधिकारियों के साथ गुरुद्वारा ननकाना साहब और गुरुद्वारा सच्चा सौदा में हुई बदसलूकी में भी चावला का नाम सामने आया था।
जांच एजेंसियों की एक बैठक में पाकिस्तान में मौजूद खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल सिंह चावला को लेकर कई सूचनाएं साझा की गई थीं। इसमें कहा गया कि चावला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद के साथ मिलकर पंजाब में आतंक फैलाने की साजिश रच रहा है। कुछ महीनों पहले पाकिस्तान में हाफिज सईद से चावला की मुलाकात की फोटो भी जांच एजेंसियों के हाथ लगी थी।
इससे खालिस्तान समर्थकों के पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से रिश्ते होने की आशंका पुष्ट मानी जा रही है। यह भी सामने आया कि तीन माह पहले खालिस्तानी समर्थकों और आईएसआई के बीच एक मीटिंग भी हुई थी। इसमें चावला भी मौजूद था। रेफरेंडम 2020 के बहाने यह पंजाब के युवाओं को बहका रहा है। राजासांसी में निरंकारी समागम के दौरान हुए आतंकी हमले के तार भी गोपाल चावला से जोड़कर देखे जा रहे हैं। अभी इस मामले में जांच चल रही है।