विश्वास मत पर विवाद: शिअद व बसपा ने कहा- नहीं किया समर्थन, सरकार के पक्ष में वोट गिनने पर जताया एतराज
शिअद और बसपा विधायकों द्वारा विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंग को लेकर खड़े सवाल के बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा है कि विधानसभा की सारी कार्यवाही लाइव है और इसे फिर से देखा जा सकता है। किसी भी तरह का कोई सवाल नहीं है।
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पंजाब सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर शिअद और बसपा विधायकों के वोट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दोनों ही विधायकों ने देर शाम पहले तो प्रस्ताव का समर्थन किए जाने के दावे को खारिज किया और उसके बाद दोनों ही विधायक विधानसभा स्पीकर से मिलने पहुंचे और उन्होंने अपना वोट सरकार के पक्ष में गिने जाने पर एतराज जताया।
पंजाब विधानसभा में सोमवार को शिअद के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और बसपा विधायक नछतर पाल के वोट की मदद से सरकार द्वारा लाया गया विश्वास प्रस्ताव 93 वोट से पारित हो गया। हालांकि इसके बाद दोनों विधायकों ने दावा किया कि उन्होंने विश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया है।
मनप्रीत अयाली ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि स्पीकर ने अपनी मर्जी से ही दावा कर दिया कि मैंने सरकार के पक्ष में मतदान किया था। उन्होंने अध्यक्ष की मौजूदगी में अपने संबोधन के दौरान प्रस्ताव का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पर उनके इन्कार के बावजूद वोट प्रस्ताव के पक्ष में गिन लिया गया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।
इस बीच, बसपा ने अपने विधायक का वोट विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में गिने जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी ने कहा कि पार्टी ने विधायक नछतर पाल को पहले ही हिदायत थी कि विश्वास प्रस्ताव का विरोध करें। इस संबंध में गढ़ी ने पार्टी के निर्देश संबंधी मोबाइल वार्ता भी सार्वजनिक की। बसपा विधायक ने भी सदन में बहस के दौरान विश्वास प्रस्ताव का विरोध किया था।
सदन की कार्यवाही लाइव चली है: स्पीकर
शिअद और बसपा विधायकों द्वारा विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंग को लेकर खड़े सवाल के बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा है कि विधानसभा की सारी कार्यवाही लाइव है और इसे फिर से देखा जा सकता है। किसी भी तरह का कोई सवाल नहीं है।
स्पीकर से मिलकर अयाली व नछतर ने जताया एतराज
सरकार के विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में अपने वोट गिने जाने को लेकर शिअद विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और बसपा विधायक नछतर पाल ने सोमवार देर शाम विधानसभा स्पीकर से मुलाकात कर लिखित तौर पर अपना एतराज जताया। उन्होंने स्पीकर से इस संबंध में रिकॉर्ड दुरुस्त करने की मांग की है।
दोनों विधायकों ने अध्यक्ष को लिखा कि गलतफहमी के कारण उनका वोट सरकार के प्रस्ताव के पक्ष में गिना गया, जिसे तुरंत रिकॉर्ड में ठीक किया जाना चाहिए। दोनों विधायकों ने स्पीकर से कहा कि कई बार भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। बाद में दोनों विधायकों ने यह भी कहा कि अगर रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया गया तो वह इस मामले में कानून का सहारा भी ले सकते हैं।