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मन को कंट्रोल करना अपने हाथ में हैः गिरीश
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चंडीगढ़। ब्रह्मा कुमारी की ओर से सेक्टर- 42 के गर्ल्स कॉलेज में जीवन प्रबंधन एवं खुशहाल जीवन पर दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को हुआ। मुंबई से आए प्रोफेसर बीके गिरीश मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। बीके गिरीश पारिवारिक संबंधों में मधुरता कैसे आए, आज के समय में निश्चित एवं भयमुक्त जीवन कैसे जीएं, खुशनुमा जीवन जीने का आधार क्या है और आध्यात्मिकता की सत्य पहचान क्या है, इन विषयों पर जानकारी दी। सेक्टर 43 की स्थानीय सेवा केंद्र संचालिका बीके कविता दीदी ने बताया बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रोफेसर ब्रह्म कुमार गिरीश ने उपस्थित लोगों को कहा कि जब मोबाइल को साइलेंट या वाइब्रेशन मोड पर पर कर सकते हैं तो मन को मन को क्यों नहीं कर सकते। मोबाइल भी तो मनुष्य मन ने बनाया है। तो उसको भी कंट्रोल किया जा सकता है।
बीके गिरीश ने लोगों को दिए ये टिप्स..
1- जल्दबाजी न करें, बिना सोचे निर्णय न करें, सुनी सुनाई बातों पर विश्वास ना करें, सत्य बात को ही स्वीकार करें, किसी से भी उम्मीद न रखें।
माता पिता अपने बच्चों का ऐसे रखें ख्याल...
बार-बार रोकटोक ना करें। डर से नहीं विश्वास से जीवन जीएं, बच्चों की बातें जरूर सुने, उनके जज नहीं बने, गलती करके सत्य बोलते हैं तो माफ करें, परेशान कभी भी न हो।
पारिवारिक संबंधों में मधुरता इस प्रकार से आएंगे...
विश्वास करें.. सत्य को स्वीकारें, समय कम भी हो तो भी अपने परिवार के लिए समय निकालें।
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बीके गिरीश ने लोगों को दिए ये टिप्स..
1- जल्दबाजी न करें, बिना सोचे निर्णय न करें, सुनी सुनाई बातों पर विश्वास ना करें, सत्य बात को ही स्वीकार करें, किसी से भी उम्मीद न रखें।
माता पिता अपने बच्चों का ऐसे रखें ख्याल...
बार-बार रोकटोक ना करें। डर से नहीं विश्वास से जीवन जीएं, बच्चों की बातें जरूर सुने, उनके जज नहीं बने, गलती करके सत्य बोलते हैं तो माफ करें, परेशान कभी भी न हो।
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विश्वास करें.. सत्य को स्वीकारें, समय कम भी हो तो भी अपने परिवार के लिए समय निकालें।