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Chandigarh News: काम पर लौटे अनुबंध कर्मचारी, पीजीआई में आज से नए मरीजों को भी मिलेगा इलाज
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चंडीगढ़। पीजीआई में 7 दिनों से चल रही हॉस्पिटल अटेंडेंट, सफाई कर्मचारी, किचन स्टाफ और ऑफिस वाहकों (बियरर) की हड़ताल वीरवार की दोपहर खत्म हो गई। इसके बाद कर्मचारियों ने ड्यूटी जॉइन कर पहले की तरह काम शुरू कर दिया है। हड़ताल खत्म होने के बाद पीजीआई प्रशासन ने घोषणा की है कि शुक्रवार से मरीज को पहले की तरह सारी सुविधाएं प्रदान की जाएगी, जिसके अंतर्गत सुबह 8 से 11 बजे तक नए और फॉलोअप के मरीजों का पंजीकरण होगा, जबकि लंबित इलेक्टिव सर्जरी वाले मरीजों को जल्द से जल्द इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। पीजीआई प्रशासन के अनुसार उच्च न्यायालय के निर्देश पर वीरवार की दोपहर 240 सफाई कर्मचारी, 156 हॉस्पिटल अटेंडेंट और 53 ऑफिस बियरर ने तय शिफ्ट में ड्यूटी जॉइन कर ली। इससे पहले सुबह सभी कर्मचारियों ने पीजीआई में एकत्र होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। वहीं, जैसे-जैसे समय गुजरता गया कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौटने लगे। सबसे पहले सफाई कर्मचारियों ने ड्यूटी जॉइन की। उसके बाद ऑफिस बीयरर भी काम करने पहुंच गए लेकिन हॉस्पिटल अटेंडेंट दोपहर तक प्रदर्शन करते रहे। अंत में उन्होंने भी हार मान और ड्यूटी पर पहुंच गए। पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल का कहना है कि हड़ताल के दौरान जिन स्वयंसेवकों, संगठनों और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने लगातार मदद की उनके हम सदा आभारी रहेंगे।
हड़ताल में भी हजारों को मिला इलाज : पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल ने बताया कि सात दिनों तक हजारों कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के बावजूद मरीजों को इलाज देना जारी रखा गया। इस दौरान बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में कुल 32,555 रोगियों की जांच करने में सफल रहे, जबकि आपातकालीन और ट्रॉमा ओपीडी में 2,023 मामले देखे गए। इस दौरान 1,485 रोगियों को इनडोर देखभाल के लिए भर्ती कराया गया, जिनमें से 1,892 को सफलतापूर्वक छुट्टी दे दी गई। इसके अतिरिक्त 409 सर्जरी और 157 कैथ प्रक्रियाएं की गईं। इसके अलावा, 78 प्रसव और 699 डे केयर कीमोथेरेपी सत्र पूरे किए गए। प्रो. कौशल ने उन कर्मचारियों की भी सराहना की, जिन्होंने काम करना जारी रखा और महत्वपूर्ण सेवाओं को चालू रखने में मदद की।
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हड़ताल में भी हजारों को मिला इलाज : पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल ने बताया कि सात दिनों तक हजारों कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के बावजूद मरीजों को इलाज देना जारी रखा गया। इस दौरान बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में कुल 32,555 रोगियों की जांच करने में सफल रहे, जबकि आपातकालीन और ट्रॉमा ओपीडी में 2,023 मामले देखे गए। इस दौरान 1,485 रोगियों को इनडोर देखभाल के लिए भर्ती कराया गया, जिनमें से 1,892 को सफलतापूर्वक छुट्टी दे दी गई। इसके अतिरिक्त 409 सर्जरी और 157 कैथ प्रक्रियाएं की गईं। इसके अलावा, 78 प्रसव और 699 डे केयर कीमोथेरेपी सत्र पूरे किए गए। प्रो. कौशल ने उन कर्मचारियों की भी सराहना की, जिन्होंने काम करना जारी रखा और महत्वपूर्ण सेवाओं को चालू रखने में मदद की।
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