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Chandigarh: चंडीगढ़ में कांग्रेस के हाथ को मिला इंडी गठबंधन का साथ, भाजपा को हरदीप बुटरेला ने दिया झटका
Fri, 10 May 2024 12:42 PM IST
निवेदिता वर्मा
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 10 May 2024 12:42 PM IST
सार
चंडीगढ़ में अब तक लोकल चेहरा होने के कारण टंडन का शोर मचा हुआ था, लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी तिवारी ने भी अब जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। टंडन जनता के बीच जाकर खुदको लोकल होने का उन्हें विश्वास दिलाकर मोदी की गारंटी पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के मनीष तिवारी ने अपनी चुनावी स्ट्रैटजी बदल दी है।
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संजय टंडन और मनीष तिवारी।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ की संसदीय सीट पर चुनावी मुकाबला अब रोचक हो गया है। इंडिया गठबंधन का चेहरा कांग्रेस से प्रत्याशी मनीष तिवारी भाजपा के लोकल कैंडिडेट संजय टंडन को अब कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं।
चंडीगढ़ में अब तक लोकल चेहरा होने के कारण टंडन का शोर मचा हुआ था, लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी तिवारी ने भी अब जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। टंडन जनता के बीच जाकर खुदको लोकल होने का उन्हें विश्वास दिलाकर मोदी की गारंटी पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के मनीष तिवारी ने अपनी चुनावी स्ट्रैटजी बदल दी है। तिवारी अब इंडिया गठबंधन को साथ लेकर चल रहे हैं। तिवारी को कांग्रेस और आप के पार्षदों की टीम के अलावा अब समाजवादी पार्टी ने भी समर्थन दिया है। समाजवार्टी पार्टी के चंडीगढ़ इकाई के नेताओं का शहर की कॉलोनियों में वोट बैंक है, जोकि यूपी और बिहार के लोगों से जुड़ा हुआ है।
इस बीच भाजपा को बड़ा झटका शिअद के चंडीगढ़ से प्रत्याशी रहे हरदीप सिंह बुटरेला के पार्टी को टिकट लौटाने और इस्तीफा देने के बाद आम आदमी पार्टी जॉइन करने से लगा है। वीरवार को हरदीप सिंह बुटरेला ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति पर चंडीगढ़ निवास पर आप जॉइन की। बुटरेला के आप जॉइन करते ही चंडीगढ़ में अब कांग्रेस प्रत्याशी तिवारी का वोट बैंक कहीं न कहीं मजबूत होता दिखाई दे रहे हैं। हरदीप सिंह तीन बार पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर रह चुके हैं। सिख चेहरा होने के कारण वह अपने समाज में और पार्षदी सीट पर अच्छी पकड़ रखते हैं।
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हरदीप ने भी साधा आप में अपना उज्जवल भविष्य
हरदीप ने आप का दामन थामकर अपने राजनैतिक उज्जवल भविष्य को भी साधा है। चंडीगढ़ में आप सीधे तौर पर भाजपा को चुनौती दे रही है। निगम चुनाव से लेकर इस बार के मेयर इलेक्शन में भी अंत में सुप्रीम कोर्ट में आप का पलड़ा भारी रहा था। हरदीप की शिअद हाईकमान से नाराजगी, उनका अलग राह करने का एक जरिया था। वह अपने राजनीतिक भविष्य को उच्चे मुकाम पर ले जाने की इच्छा रख रहे हैं। जोकि एक प्रदेश स्तरीय पार्टी में संभव नहीं था। हरदीप ने आप जॉइन करने के बाद बातचीत में कहा कि वह सीएम मान की सोच को चंडीगढ़ में आगे बढ़ाएंगे और चंडीगढ़ में अपने समर्थकों और लोगों के काम कराने के साथ ही शहर के विकास में आप से जुड़कर योगदान देंगे।
टंडन और तिवारी के हालात एक जैसे
टंडन और तिवारी के हालात एक जैसे हो गए हैं। चंडीगढ़ कांग्रेस के दिग्गज नेता पवन कुमार बंसल के बिना जिस स्थिति से तिवारी गुजर रहे हैं, वहीं टंडन को भी पार्टी की गुटबाजी के कारण यह आलम महसूस हो रहा है। टंडन को भी पार्टी इकाई के वरिष्ठ नेताओं साथ मिलता नहीं दिख रहा है। कांग्रेस और भाजपा की चंडीगढ़ इकाई में प्रदेशाध्यक्ष की कार्यशैली और निर्णयों से कई नेता असंतुष्ट है।
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चंडीगढ़ में अब तक लोकल चेहरा होने के कारण टंडन का शोर मचा हुआ था, लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी तिवारी ने भी अब जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। टंडन जनता के बीच जाकर खुदको लोकल होने का उन्हें विश्वास दिलाकर मोदी की गारंटी पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के मनीष तिवारी ने अपनी चुनावी स्ट्रैटजी बदल दी है। तिवारी अब इंडिया गठबंधन को साथ लेकर चल रहे हैं। तिवारी को कांग्रेस और आप के पार्षदों की टीम के अलावा अब समाजवादी पार्टी ने भी समर्थन दिया है। समाजवार्टी पार्टी के चंडीगढ़ इकाई के नेताओं का शहर की कॉलोनियों में वोट बैंक है, जोकि यूपी और बिहार के लोगों से जुड़ा हुआ है।
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इस बीच भाजपा को बड़ा झटका शिअद के चंडीगढ़ से प्रत्याशी रहे हरदीप सिंह बुटरेला के पार्टी को टिकट लौटाने और इस्तीफा देने के बाद आम आदमी पार्टी जॉइन करने से लगा है। वीरवार को हरदीप सिंह बुटरेला ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति पर चंडीगढ़ निवास पर आप जॉइन की। बुटरेला के आप जॉइन करते ही चंडीगढ़ में अब कांग्रेस प्रत्याशी तिवारी का वोट बैंक कहीं न कहीं मजबूत होता दिखाई दे रहे हैं। हरदीप सिंह तीन बार पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर रह चुके हैं। सिख चेहरा होने के कारण वह अपने समाज में और पार्षदी सीट पर अच्छी पकड़ रखते हैं।
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हरदीप ने भी साधा आप में अपना उज्जवल भविष्य
हरदीप ने आप का दामन थामकर अपने राजनैतिक उज्जवल भविष्य को भी साधा है। चंडीगढ़ में आप सीधे तौर पर भाजपा को चुनौती दे रही है। निगम चुनाव से लेकर इस बार के मेयर इलेक्शन में भी अंत में सुप्रीम कोर्ट में आप का पलड़ा भारी रहा था। हरदीप की शिअद हाईकमान से नाराजगी, उनका अलग राह करने का एक जरिया था। वह अपने राजनीतिक भविष्य को उच्चे मुकाम पर ले जाने की इच्छा रख रहे हैं। जोकि एक प्रदेश स्तरीय पार्टी में संभव नहीं था। हरदीप ने आप जॉइन करने के बाद बातचीत में कहा कि वह सीएम मान की सोच को चंडीगढ़ में आगे बढ़ाएंगे और चंडीगढ़ में अपने समर्थकों और लोगों के काम कराने के साथ ही शहर के विकास में आप से जुड़कर योगदान देंगे।
टंडन और तिवारी के हालात एक जैसे
टंडन और तिवारी के हालात एक जैसे हो गए हैं। चंडीगढ़ कांग्रेस के दिग्गज नेता पवन कुमार बंसल के बिना जिस स्थिति से तिवारी गुजर रहे हैं, वहीं टंडन को भी पार्टी की गुटबाजी के कारण यह आलम महसूस हो रहा है। टंडन को भी पार्टी इकाई के वरिष्ठ नेताओं साथ मिलता नहीं दिख रहा है। कांग्रेस और भाजपा की चंडीगढ़ इकाई में प्रदेशाध्यक्ष की कार्यशैली और निर्णयों से कई नेता असंतुष्ट है।