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फ्लैट का पजेशन न देना यूनिटेक पर पड़ा भारी, भरेगी मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Fri, 18 Mar 2016 09:15 AM IST
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मोहाली उपभोक्ता फोरम ने यूनिटेक लिमिटेड के खिलाफ फैसला सुनाया है। फोरम ने कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। साथ ही उपभोक्ता को हुई परेशानी के लिए कंपनी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं, फ्लैट के लिए उपभोक्ता से लिए 5 लाख 41 हजार 873 रुपये तुरंत वापस करने को कहा है। पूरी रकम पर 12 प्रतिशत ब्याज भी कंपनी को चुकाना होगा।
इस संबंध में डिफेंस कॉलोनी जालंधर के रहने वाले योगेश कुमार जलोटा व अनीता जलोटा ने फोरम में केस दायर किया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने यूनिटेक से फ्लैट लेने के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उन्होंने 22 सितंबर 2009 को दो लाख 57 हजार रुपये चेक के माध्यम से जमा करवाए थे। वहीं, सेक्टर-107 स्थित यूनिटेक वर्ल्ड सिटी में ब्लॉक नंबर ए में फ्लैट नंबर 0148 उन्हें 26 सितंबर 2009 को अलॉट कर दिया।
साथ ही पेमेंट शेड्यूल उन्हें बता दिया गया। फ्लैट की कुल कीमत 28 लाख 31 हजार 304 रुपये थी। फ्लैट का कुल एरिया 191.36 वर्ग गज था। जबकि सीलएबल एरिया 1077 वर्ग गज था। पेमेंट तय प्लान के मुताबिक दिया। कंपनी के डिमांड नोटिस पर उन्होंने 2 लाख 84 हजार 873 रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद उन्होंने 8 लाख 50 हजार का भुगतान 20 जून 2011 में कर दिया। उन्होंने तीन किश्तों में 13 लाख 91 हजार 873 रुपये का भुगतान कर दिया।
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हालांकि, उक्त जगह पर किसी भी तरह का कोई निर्माण शुरू नहीं हुआ। इसके बाद बिल्डर ने 8.50 लाख उन्हें वापस कर दिए। वहीं, छह साल बीत जाने के बाद साइट पर काम शुरू नहीं हो पाया। जबकि एग्रीमेंट के मुताबिक बिल्डर द्वारा उन्हें 36 महीने में फ्लैट का पजेशन दिया जाना था। जबकि शर्त यहां तक थी कि अगर तय समय में फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया तो प्रति वर्ग गज पांच रुपये के हिसाब से भुगतान करेगा। इसके बाद शिकायतकर्ता लगाकर बिल्डर को मेल व फोन के जरिए उनका पैसा रिफंड करने की बात करता रहा। लेकिन, बिल्डर ने उनकी एक भी नहीं सुनी। इसी को आधार बनाकर उन्होंने फोरम में केस दायर किया था।
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इस संबंध में डिफेंस कॉलोनी जालंधर के रहने वाले योगेश कुमार जलोटा व अनीता जलोटा ने फोरम में केस दायर किया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने यूनिटेक से फ्लैट लेने के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उन्होंने 22 सितंबर 2009 को दो लाख 57 हजार रुपये चेक के माध्यम से जमा करवाए थे। वहीं, सेक्टर-107 स्थित यूनिटेक वर्ल्ड सिटी में ब्लॉक नंबर ए में फ्लैट नंबर 0148 उन्हें 26 सितंबर 2009 को अलॉट कर दिया।
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साथ ही पेमेंट शेड्यूल उन्हें बता दिया गया। फ्लैट की कुल कीमत 28 लाख 31 हजार 304 रुपये थी। फ्लैट का कुल एरिया 191.36 वर्ग गज था। जबकि सीलएबल एरिया 1077 वर्ग गज था। पेमेंट तय प्लान के मुताबिक दिया। कंपनी के डिमांड नोटिस पर उन्होंने 2 लाख 84 हजार 873 रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद उन्होंने 8 लाख 50 हजार का भुगतान 20 जून 2011 में कर दिया। उन्होंने तीन किश्तों में 13 लाख 91 हजार 873 रुपये का भुगतान कर दिया।
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हालांकि, उक्त जगह पर किसी भी तरह का कोई निर्माण शुरू नहीं हुआ। इसके बाद बिल्डर ने 8.50 लाख उन्हें वापस कर दिए। वहीं, छह साल बीत जाने के बाद साइट पर काम शुरू नहीं हो पाया। जबकि एग्रीमेंट के मुताबिक बिल्डर द्वारा उन्हें 36 महीने में फ्लैट का पजेशन दिया जाना था। जबकि शर्त यहां तक थी कि अगर तय समय में फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया तो प्रति वर्ग गज पांच रुपये के हिसाब से भुगतान करेगा। इसके बाद शिकायतकर्ता लगाकर बिल्डर को मेल व फोन के जरिए उनका पैसा रिफंड करने की बात करता रहा। लेकिन, बिल्डर ने उनकी एक भी नहीं सुनी। इसी को आधार बनाकर उन्होंने फोरम में केस दायर किया था।