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बेटे के इलाज का नहीं दिया खर्च, अब क्लेम के साथ ब्याज भी देना होगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 20 Oct 2016 12:29 AM IST
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- फोटो : डेमो फोटो
बीमा क्लेम न देने पर उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। उपभोक्ता फोरम ने निर्देश दिया है कि कंपनी शिकायतकर्ता को 83 हजार 715 रुपये बीमा क्लेम के साथ ही उस राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी अदा करे।
इसके अलावा 15 हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता रमनप्रीत सिंह निवासी मोहाली ने नोएडा स्थित द एचडीएफसी एरगो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और गुड़गांव स्थित द फिलिप्स इंडिया लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता रमनप्रीत सिंंह ने बताया था कि वह फिलिप्स इंडिया लिमिटेड में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। फिलिप्स इंडिया ने अपने कर्मचारियों को उनके परिवार के साथ मेडिक्लेम हेल्थ पॉलिसी प्रोवाइड की है। इसके तहत वे, उनकी पत्नी मंजीत कौर और बेटा अगमजोत सिंह एचडीएफसी एरगो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से इंश्योर्ड हुए। उन्होंने बताया कि उनका बेटा बीमार हो गया।
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उन्हें पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ इलाज के लिए लाए। दो तीन घंटे के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। बाद में 17 फरवरी 2014 करे फिर से तबीयत खराब हो गई उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया। इलाज पर एक लाख रुपये खर्च हुए लेकिन उन्होंने 83 हजार 715 रुपये का क्लेम किया जिसे बीमा कंपनी ने रिजेक्ट कर दिया। दूसरे पक्ष ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।
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इसके अलावा 15 हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा। यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है। शिकायतकर्ता रमनप्रीत सिंह निवासी मोहाली ने नोएडा स्थित द एचडीएफसी एरगो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और गुड़गांव स्थित द फिलिप्स इंडिया लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
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शिकायतकर्ता रमनप्रीत सिंंह ने बताया था कि वह फिलिप्स इंडिया लिमिटेड में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। फिलिप्स इंडिया ने अपने कर्मचारियों को उनके परिवार के साथ मेडिक्लेम हेल्थ पॉलिसी प्रोवाइड की है। इसके तहत वे, उनकी पत्नी मंजीत कौर और बेटा अगमजोत सिंह एचडीएफसी एरगो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से इंश्योर्ड हुए। उन्होंने बताया कि उनका बेटा बीमार हो गया।
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उन्हें पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ इलाज के लिए लाए। दो तीन घंटे के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। बाद में 17 फरवरी 2014 करे फिर से तबीयत खराब हो गई उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया। इलाज पर एक लाख रुपये खर्च हुए लेकिन उन्होंने 83 हजार 715 रुपये का क्लेम किया जिसे बीमा कंपनी ने रिजेक्ट कर दिया। दूसरे पक्ष ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।