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चंडीगढ़ में लाल डोरे के बाहर का निर्माण हो सकता है नियमित, पहले होगा सर्वे

Thu, 11 Feb 2021 02:08 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2021 02:08 AM IST
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Construction outside Lal Dore may be regular in Chandigarh, survey will be done first
चंडीगढ़। शहर में लाल डोरे के बाहर के निर्माण को नियमित करने के लिए यूटी प्रशासन एक बार फिर प्रयास शुरू करने जा रहा है। सलाहकार परिषद की बैठक में प्रशासन के अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रशासन एक कंपनी को नियुक्त करेगा, जो लाल डोरे के बाहर के निर्माण का सर्वेक्षण करेगी और प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल की तरफ से मुद्दा उठाया गया कि बिजली विभाग का निजीकरण नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे शहर के लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में बिजली की आपूर्ति बिल्कुल ठीक है, जिससे निजीकरण करने का कोई तुक नहीं बनता है। बंसल ने कहा कि बैठक में ये तर्क दिया गया कि निजीकरण करने से प्रतियोगिता बढ़ेगी, जिससे लोगों का फायदा ही होगा, जबकि प्रशासन की तरफ से एक ही कंपनी को निजीकरण करने का काम सौंपा जाना है, इसलिए यह तर्क बेबुनियाद है। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन ने भी निजीकरण करने का विरोध किया और कहा कि यह फैसला वापस लिया जाना चाहिए। हालांकि, प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने निजीकरण का समर्थन किया। इसके अलावा बंसल ने पानी के अधिक दाम का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पानी के दाम इतने अधिक हो गए हैं कि लोगों के किराए से ज्यादा तो उनके बिल आ रहे हैं।
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नर्सिंग होम खोलने पर स्वास्थ्य की उपसमिति करेगी फैसला
बैठक में शहर के आवासीय इलाकों में नए नर्सिंग होम खोलने की इजाजत देने की मांग की गई। हालांकि इस मांग को पहले ही योजना की उप-समिति ने खारिज कर दिया है, लेकिन बैठक में इस पर फैसला लेने के लिए स्वास्थ्य उप-समिति को सौंप दिया गया। दरअसल, सांसद किरण खेर चाहती हैं कि आवासीय इलाकों में नए नर्सिंग होम खोलने की इजाजत दी जाए। इसके लिए उन्होंने प्रशासक को भी पत्र लिखा है।
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जरूरत अनुसार किए बदलावों को नियमित करने की मांग
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों में जरूरत के मुताबिक बदलावों को नियमित करने के लिए एकमुश्त बकाया वसूली (वन टाइम सेटलमेंट) लागू करने की भी मांग की गई। यह मुद्दा क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी की तरफ से उठाया गया। उन्होंने कहा कि लोगों ने पिछले काफी समय से ये बदलाव किए हुए हैं। जो नीड बेस चेंज लागू किया गया है, उनमें लोगों को राहत नहीं मिली है। यही कारण है कि दिल्ली की तर्ज पर लोगों के बदलाव नियमित किए जाने चाहिए। मांग की गई कि सीएचबी की तरफ से की जा रही कार्रवाई पर भी तुरंत रोक लगनी चाहिए। हालांकि, इस पर भी अधिकारियों की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया।

मेयर की मांग- निगम को दिया जाए आरएलए
सलाहकार परिषद की बैठक में मेयर रविकांत शर्मा ने मांग रखी कि आरएलए का राजस्व नगर निगम को दिया जाए। गांवों के विकास के लिए निगम को और बजट दिया जाए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि उद्योगों को लीज होल्ड टू फ्री होल्ड की सुविधा दी जानी चाहिए। इस मुद्दे को पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने भी उठाया। संजय टंडन ने यूटी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम में देरी का मुद्दा उठाया। टंडन ने कहा कि स्कीम पर जल्द फैसला लेकर इसका समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को और अधिक इंतजार न करना पड़े।
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